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टीएमसी नेता अर्पिता घोष ने राज्यसभा सांसद पद से दिया इस्तीफा, ये है ममता की प्लानिंग

अर्पिता घोष को मार्च 2020 में राज्यसभा भेजा गया था. वे 2019 में बलूरघाट से लोकसभा चुनाव हार गई थीं. इसके बाद पार्टी ने उन्हें उच्च सदन में भेजने का फैसला किया था.

तृणमूल कांग्रेस की नेता अर्पिता घोष (फाइल फोटो) तृणमूल कांग्रेस की नेता अर्पिता घोष (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अर्पिता घोष को मार्च 2020 में राज्यसभा भेजा गया था
  • वे 2019 में बलूरघाट से लोकसभा चुनाव हार गई थीं

तृणमूल कांग्रेस की नेता अर्पिता घोष ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया है. सदन के सभापति ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. माना जा रहा है कि अर्पिता ने इस्तीफा पार्टी की योजना के तहत दिया है. जल्द ही तृणमूल कांग्रेस इस सीट से किसी ओर उम्मीदवार को राज्यसभा भेजेगी. वहीं, अर्पिता को नई जिम्मेदारी मिल सकती है.

अर्पिता घोष को मार्च 2020 में राज्यसभा भेजा गया था. वे 2019 में बलूरघाट से लोकसभा चुनाव हार गई थीं. इसके बाद पार्टी ने उन्हें उच्च सदन में भेजने का फैसला किया था. 

सुष्मिता देव को राज्यसभा भेजने का किया ऐलान
इससे पहले टीएमसी ने कांग्रेस से आईं सुष्मिता देव को राज्यसभा भेजने का फैसला किया है. सुष्मिता ने 16 अगस्त को कांग्रेस छोड़ने का ऐलान किया था. टीएमसी ने मंगलवार को ट्वीट कर सुष्मिता देव को राज्यसभा चुनाव के लिए नॉमिनेट करने की जानकारी दी. टीएमसी ने कहा, ममता बनर्जी का एक ही उदेश्य है कि महिलाएं सशक्त बनें, राजनीति में उनकी सबसे ज्यादा भागीदारी रहे. उनका ये कदम उस उदेश्य को पूरा करने में मददगार रहेगा. 

4 अक्टूबर को 7 सीटों पर होना है चुनाव
हाल ही में चुनाव आयोग ने राज्यसभा की 7 सीटों पर उपचुनाव का ऐलान किया. ये सीटें इस्तीफे, मौत और कार्यकाल पूरा होने की वजह से खाली पड़ी हैं. चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन के मुताबिक, तमिलनाडु में 2 सीटों, बंगाल, असम, महाराष्ट्र, पुडुचेरी और मध्यप्रदेश की 1-1 राज्यसभा सीट पर उपचुनाव होना है. 


 

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