पश्चिम बंगाल की राजनीति में लगातार नए घटनाक्रम सामने आ रहे हैं. फलता सीट पर टीएमसी उम्मीदवार की नाम वापसी, अभिषेक बनर्जी को नगर निगम का नोटिस जैसी घटनाओं के बीच एक चौंकाने वाली बात सामने आई है. एक तरफ जहां तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कई नेताओं और विधायकों की सुरक्षा में कटौती की खबरें चर्चा में हैं, वहीं दूसरी तरफ काकोली घोष दस्तीदार को केंद्र सरकार ने ‘Y’ कैटेगरी की सुरक्षा दे दी है. इस फैसले ने बंगाल की सियासत में नई बहस छेड़ दी है. काकोली घोष टीएमसी से सांसद हैं.
सामने आया है कि केंद्र सरकार ने वरिष्ठ टीएमसी नेता और लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार को CISF की सशस्त्र सुरक्षा मुहैया कराई है. अधिकारियों के मुताबिक यह सुरक्षा 19 मई से लागू कर दी गई है. यह फैसला गृह मंत्रालय द्वारा इंटेलिजेंस ब्यूरो की थ्रेट असेसमेंट रिपोर्ट के आधार पर लिया गया. ‘
Y कैटेगरी सुरक्षा में क्या है खास?
Y’ कैटेगरी सुरक्षा भारत में वीआईपी सुरक्षा की अहम श्रेणियों में गिनी जाती है. इसमें आमतौर पर 24 घंटे सुरक्षा के लिए हथियारबंद जवानों की टीम तैनात रहती है. खतरे के स्तर के अनुसार सुरक्षाकर्मियों की संख्या तय की जाती है. सीआईएसएफ आमतौर पर एयरपोर्ट, मेट्रो, परमाणु संयंत्र और महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए जानी जाती है, लेकिन खतरे के आकलन के आधार पर यह हाई-प्रोफाइल नेताओं को भी सुरक्षा देती है.
Y कैटेगरी सुरक्षा में कुल 8 सुरक्षाकर्मी शामिल होते हैं. जिसमें जिस वीआईपी को सुरक्षा दी जाती है उसमें पांच आर्म्ड स्टैटिक गार्ड उसके घर पर लगाए जाते हैं साथ ही तीन शिफ्ट में तीन पीएसओ सुरक्षा प्रदान करते हैं.