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MP में बिना आरक्षण ही होंगे लोकल चुनाव, सुप्रीम कोर्ट का आदेश- सभी राज्य लंबित इलेक्शन पूरे कराएं

OBC reservation MP local election: लोकल चुनाव में ओबीसी आरक्षण का मुद्दा लंबे समय से चल रहा है. खासकर, मध्य प्रदेश में इसके चलते लोकल चुनाव लटके हुए हैं. अब कोर्ट ने साफ कर दिया है कि सभी राज्य चुनाव पूरे कराएं. कोर्ट के इस आदेश के बाद अब मध्य प्रदेश में बिना आरक्षण के ही लोकल चुनाव कराए जाएंगे.

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स्टोरी हाइलाइट्स
  • SC ने कहा- चुनावों को लेट नहीं किया जा सकता
  • प्रो-ओबीसी पार्टियों को लेकर भी कोर्ट ने की टिप्पणी

लोकल चुनाव के संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है. कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों और संघशासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वो पेंडिंग लोकल चुनाव को पूरा कराएं, ओबीसी आरक्षण को लेकर इंतजार न करें. कोर्ट के इस आदेश से विशेषकर मध्य प्रदेश में स्थानीय चुनाव कराने का रास्ता साफ हो गया है. कोर्ट ने एमपी चुनाव आयोग को अधिसूचना जारी करने के भी निर्देश दिए हैं.

मध्य प्रदेश में लोकल चुनाव में ओबीसी आरक्षण का मामला लगातार विवाद का हिस्सा बना हुआ है जिसके चलते यहां एक साल से ज्यादा वक्त से भी लोकल चुनाव लटके हुए हैं. 

मंगलवार को इस मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संविधान में हर 5 साल के अंदर चुनाव कराने की व्यवस्था है, लिहाजा चुनावों में देरी नहीं की जा सकती. 

इसके साथ ही कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण को लेकर भी टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि जो भी पॉलिटिकल पार्टी ओबीसी की पक्षधर हैं, वो सभी सीटों पर ओबीसी उम्मीदवार उतारने के लिए स्वतंत्र हैं. 

MP में चुनाव का रास्ता साफ

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश चुनाव आयोग को 2 सप्ताह के भीतर मतदान की सूचना देने का निर्देश देते हुए OBC आरक्षण के बिना स्थानीय निकाय चुनावों का आदेश दिया है. यानी मध्य प्रदेश में बिना OBC आरक्षण के ही स्थानीय निकाय के चुनाव होंगे. कोर्ट ने कहा है कि पिछले दो साल से 23 हज़ार के करीब स्थानीय निकाय के पद खाली पड़े हैं. आरक्षण देने के ट्रिपल टेस्ट को पूरा करने के लिए और वक्त नहीं दिया जा सकता, लिहाजा चुनाव पूरे कराए जाएं.

 

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