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पेट्रोल-डीजल की कीमतों के विरोध में प्रदर्शन, जानिए कांग्रेस शासित राज्यों के हाल?

कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस की अगुवाई वाली तत्कालीन यूपीए सरकार के कार्यकाल में पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय कर 9.20 रुपये था, लेकिन नरेद्र मोदी सरकार में इसके बढ़ाकर 32 रुपये कर दिया गया है. 

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन (फोटो- पीटीआई) कांग्रेस कार्यकर्ताओं का महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन (फोटो- पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • महंगाई के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
  • कांग्रेस का आरोप, मोदी राज में बढ़ी महंगाई
  • कांग्रेस को महंगाई पर बोलने का नहीं अधिकार?

पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों में आग लगी हुई है. कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसी बढ़ोतरी के विरोध में शुक्रवार को दिल्ली और देश के दूसरे राज्यों में अलग-अलग पेट्रोल पंपों के पास सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने केंद्र सरकार पर महामारी के समय पेट्रोल-डीजल पर कर बढ़ाकर जनता के साथ 'लूट' का आरोप लगाया है.

राहुल गांधी ने ट्वीट किया, 'जीडीपी गिर रही है. बेरोजगारी बेतहाशा बढ़ रही है. ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं. आखिर बीजेपी कितने तरीके से भारत को लूटेगी?'

प्रियंका गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया, 'महामारी के दौरान मोदी सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर कर वसूले : पूरे 2.74 लाख करोड़ रुपये. इस पैसे से पूरे भारत को टीका (67000 करोड़ रुपये), 718 जिलों में ऑक्सीजन संयंत्र, 29 राज्यों में एम्स की स्थापना और 25 करोड़ गरीबों को छह - छह हजार रूपये की मदद मिल सकती थी. मगर मिला कुछ भी नहीं.'

कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस की अगुवाई वाली तत्कालीन यूपीए सरकार के कार्यकाल में पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय कर 9.20 रुपये था, लेकिन नरेद्र मोदी सरकार में इसके बढ़ाकर 32 रुपये कर दिया गया है. 

कांग्रेस के मापदंड दोहरे
सरकारी सूत्रों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल के मुद्दे पर कांग्रेस के दोहरे मानदंड हैं. डीजल पर राजस्थान में सबसे अधिक 26 प्रतिशत वैट है. जबकि पड़ोसी राज्य गुजरात में अतिरिक्त सेस के बिना डीज़ल पर 20.2 प्रतिशत वैट है. इसी तरह राजस्थान में पेट्रोल पर 36 प्रतिशत वैट है. बड़े राज्यों में यह सबसे अधिक है. इसकी तुलना में पड़ोसी राज्य हरियाणा में पेट्रोल पर 16.40 प्रतिशत वैट है.

एक तरफ कांग्रेस पेट्रोल पदार्थों की बढ़ी कीमतों का मुद्दा उठा रही है वहीं उसके शासन वाले राज्यों में सेस और वैट बढ़ने से दाम बढ़ रहे हैं.

और पढ़ें- पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर गरजे पायलट, BJP में शामिल होने की अटकलें खारिज

राजस्थान
बीजेपी के शासन में राजस्थान में पेट्रोल पर 26 प्रतिशत और डीजल पर 18 प्रतिशत वैट था. अशोक गहलोत के मुख्यमंत्री बनने के बाद जुलाई 2019 में पेट्रोल पर लगने वाला कर बढ़ाकर 30 प्रतिशत और डीजल पर 22 प्रतिशत कर दिया गया. कोविड आपदा के दौरान भी राजस्थान सरकार ने लगातार वैट में बढोत्तरी की है. 

  • मार्च 2020 में पेट्रोल पर वैट 30% से बढ़ाकर 34% और डीजल पर 22% से बढ़ाकर 26% कर दिया गया.
  • अप्रैल 2020 में पेट्रोल डीजल पर क्रमश 36% और 27% वैट बढ़ाया गया.
  • मई 2020 में यह बढ़ा कर 38% और 28% कर दिया गया.

जबरदस्त आलोचना होने के बाद इस साल जनवरी में राजस्थान सरकार ने वैट में 2% की कटौती की. यह मामूली कटौती कई बार टैक्स बढ़ाने के बाद की गई. फिर भी यह बीजेपी शासनकाल की तुलना में बहुत अधिक है.

महाराष्ट्र
महाराष्ट्र में पेट्रोल पर 26% और डीजल पर 24% वैट के अलावा सरकार ने ईंधन पर सेस यानी उपकर लगाया है. पिछले साल मई में राज्य सरकार ने पेट्रोल पर सेस 8.12 रुपए प्रति लीटर से बढ़ा कर 10.12 रुपए प्रति लीटर कर दिया और डीजल पर एक रुपए प्रति लीटर से बढ़ा कर तीन रुपए प्रति लीटर.

पंजाब
पंजाब भी एक ऐसा कांग्रेस शासित राज्य है जहां पेट्रोल और डीजल पर कई तरह के सेस लगाए गए हैं.

झारखंड
कांग्रेस गठबंधन के शासन वाले इस राज्य में भी ईंधन पर वैट बढ़ाया गया है. 

यूपीए शासन तेल कीमतों पर असंवेदनशील
मौजूदा सरकार बढ़ी कीमतों को लेकर चिंतित है. जबकि कांग्रेस के मुख्यमंत्री और यूपीए के शासन वाले मंत्री असंवेदनशील रहे. क्या उन्हें बढ़ी कीमतों पर बोलने का हक है?

यूपीए के वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा था कि मिडिल क्लास क्यों परेशान है? जब वे 20 रुपए की आईसक्रीम खा सकते हैं. एक बार उन्होंने कहा कि पेट्रोल की बढ़ी कीमत अवश्यंभावी है और लोगों को इसे कड़वी दवा के तौर पर लेना चाहिए.

तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह ने दोहरे अंकों में चल रही महंगाई दर से परेशान मिडिल क्लास को झटका देते हुए कहा था कि पैसे पेड़ पर नहीं उगते और तेल की कीमतें बढ़ाना जरूरी है.

 

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