scorecardresearch
 

कोरोना के दौरान किस देश से क्या मिल रही है मदद, पीएम मोदी सार्वजनिक करें जानकारी: कांग्रेस

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन पर निशाना साधते हुए कहा कि वह दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण कार्यक्रम का दावा कर रहे थे, लेकिन उनका यह दावा टीके की उपलब्धता के बगैर था.

पवन खेड़ा, कांग्रेस प्रवक्ता (फाइल फोटो) पवन खेड़ा, कांग्रेस प्रवक्ता (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पवन खेड़ा ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री पर निशाना साध
  • दूसरे देशों से मिल रहे सहयोग की जानकारी दें पीएम

कांग्रेस ने कोरोना महामारी के दौरान सहायता प्रदान करने में सरकार की तरफ से पारदर्शिता दिखाए जाने की मांग की है. साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि वह बाहर देशों से मिली राहत सामाग्रियों के बारे में ब्यौरा सार्वजनिक करें. कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने बीजेपी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग भारत को ‘कांग्रेस मुक्त’ करना चाहते थे, उनसे उम्मीद है कि अब देश को कोरोना महामारी से मुक्त करने के लिए प्रयास करेंगे.

उन्होंने कहा, 'विभिन्न देशों की ओर से जो राहत सामग्री और चिकित्सा सहायता दी गई है, उसका ब्यौरा प्रधानमंत्री को सार्वजनिक करना चाहिए ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके. लोगों को यह पता चलना चाहिए कि राहत सामाग्री कहां से आ रही है और कहां जा रही है. यह हमारी और देश के लोगों की मांग है.'

उन्होंने जानकारी साझा करते हुए बताया कि अब तक 40 देशों से सहयोग मिला है. अमेरिका की तरफ से 1.25 लाख रेमडेसिविर दिए गए हैं. नौ हजार रेमडेसिविर बेल्जियम से मिला है. इसके साथ ही अमेरिका से एक हजार ऑक्सीजन सिलेंडर भी भेजे गए हैं. वहीं फ्रांस ने आठ ऑक्सीजन जेनरेटर समेत 28 टन मेडिकल इक्विपमेंट भेजा है. इसके अलावा 1.5 लाख स्पूतनिक वैक्सीन, 22 टन मेडिकल सप्लाई जिसमें 22 ऑक्सीजन प्रोडक्शन यूनिट्स, 75 वेंटिलेटर्स और 200 हजार मेडिसिन के पैकेट्स भी मिले हैं. 

थाइलैंड ने 30 बड़े ऑक्सीजन कांसंट्रेटर्स भेजे हैं. आठ क्रायोजेनिक ऑक्सीजन टैंक और 250 ऑक्सीजन कांसंट्रेटर्स सिंगापुर से भेजे गए हैं. रोमानिया ने 80 ऑक्सीजन कांसंट्रेटर्स और 75 ऑक्सीजन सिलेंडर भेजे हैं. वहीं इंग्लैंड ने 485 ऑक्सीजन कांसंट्रेटर्स, 200 वेंटीलेटर्स भेजे हैं. जबकि 700 यूनिट ऑक्सीजन कांसंट्रेटर्स और 365 ऑक्सीजन सिलेंडर्स आयरलैंड से भेजे गए हैं. जर्मनी ने भी 120 वेंटीलेटर्स भेजे हैं. वहीं मॉरीशस ने 200 बड़े ऑक्सीजन कांसंट्रेटर्स भेजे हैं.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कहा कि लोगों को पता होना चाहिए कि ये सारे दवाइयां और मेडिकल सपोर्ट कहां खर्च किए जा रहे हैं. खेड़ा ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन पर निशाना साधते हुए कहा कि वह दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण कार्यक्रम का दावा कर रहे थे, लेकिन उनका यह दावा टीके की उपलब्धता के बगैर था. उन्होंने कहा कि कांग्रेस कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सरकार के साथ है, लेकिन इसमें पारदर्शिता होनी चाहिए.

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि आज इस महामारी में कांग्रेस के कार्यकर्ता लोगों की मदद करते नजर आ रहे हैं और यह बात पूरे देश को पता है. उन्होंने कहा, 'युवा कांग्रेस की तरफ से न्यूजीलैंड के उच्चायोग को ऑक्सीजन सिलेंडर पहुंचा दिया गया तो विदेश मंत्री को बुरा लग गया. वह कैसी कूटनीतिक समझ रखते हैं? इसमें भी राजनीति करने लगे.' खेड़ा ने कहा कि विपक्षी दल होने के नाते कांग्रेस इस सरकार की खामियों को उजागर करती रहेगी.

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें