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MP उपचुनाव: कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में गए राहुल लोधी हार गए चुनाव, शिवराज के लिए भी झटका

राहुल लोधी की हार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए भी झटका मानी जा रही है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राहुल लोधी के लिए एक-दो नहीं, चार जनसभाएं की थीं.

पिछले साल अक्टूबर में बीजेपी में शामिल हुए थे राहुल सिंह लोधी (फाइल फोटोः पीटीआई) पिछले साल अक्टूबर में बीजेपी में शामिल हुए थे राहुल सिंह लोधी (फाइल फोटोः पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • लोधी ने मलैया परिवार पर फोड़ा अपनी हार का ठीकरा
  • सीएम शिवराज बोले- हमारा ध्यान कोरोना पर था

मध्य प्रदेश के दमोह जिले की दमोह विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवार राहुल सिंह लोधी हार गए हैं. राहुल को कांग्रेस के उम्मीदवार अजय टंडन से करारी मात खानी पड़ी. अजय टंडन ने राहुल सिंह लोधी को 17 हजार वोट से अधिक के अंतर से हरा दिया. राहुल लोधी की हार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए भी झटका मानी जा रही है.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राहुल लोधी के लिए एक-दो नहीं, चार जनसभाएं की थीं. सीएम शिवराज के साथ ही कैबिनेट मंत्रियों ने भी दमोह में डेरा डाल दिया था. ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ ही बीजेपी की पूरी पलटन ने पूरी ताकत लगा दी थी लेकिन जब परिणाम आए तब सारी मेहनत व्यर्थ. सीएम शिवराज की चार जनसभाओं पर पूर्व सीएम कमलनाथ के तीन रोड शो भारी पड़े.

शिवराज ने बनाया कोरोना का बहाना

सीएम शिवराज, ज्योतिरादित्य सिंधिया और शिवराज सरकार के कई कैबिनेट मंत्रियों के लगातार डेरा डाले रहने के बावजूद बीजेपी प्रत्याशी की हार के बाद गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल ने साजिश की ओर इशारा किया. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि इसबार हम अपने घर के जयचंदों से लड़ाई हारे हैं. वहीं प्रह्लाद पटेल ने भी कहा कि ये परिणाम भविष्य की चुनौतियों, साजिश और कार्यप्रणाली में सुधार के स्पष्ट संकेत हैं.

कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राहुल सिंह लोधी ने अपनी हार के लिए सीधे प्रदेश के पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया और उनके परिवार को जिम्मेदार ठहरा दिया. लोधी ने सीएम शिवराज से इसकी शिकायत करने की भी बात कही. वहीं, सीएम शिवराज ने हार के लिए कोरोना का बहाना बनाते हुए कहा है कि हमारा ध्यान कोरोना की रोकथाम पर था.

क्यों महत्वपूर्ण था दमोह सीट का उपचुनाव

दमोह सीट के लिए हुआ उपचुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि जयंत मलैया का खेमा यहां फिर से मलैया परिवार का उभार चाहता था. बीजेपी ने यहां मलैया परिवार की दावेदारी को दरकिनार कर उपचुनाव में कांग्रेस से आए राहुल लोधी को ही टिकट दिया. ये चुनाव दमोह से सांसद और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल और जयंत मलैया के बीच छद्म युद्ध के तौर पर भी देखा जा रहा था.

राहुल ने जयंत मलैया को दी थी मात

साल 2018 के विधानसभा चुनाव में राहुल सिंह लोधी कांग्रेस के टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए थे. राहुल सिंह लोधी ने तब सात बार के विधायक और शिवराज सरकार में वित्त मंत्री रह चुके बीजेपी के दिग्गज नेता जयंत मलैया को मात दी थी. राहुल लोधी कुछ महीने पहले कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे. राहुल लोधी को पाला बदलने के बाद सीएम शिवराज ने राज्यमंत्री का दर्जा दिया था.

 

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