लोकसभा चुनाव में अभी दो साल का समय बचा है लेकिन इस बार आम चुनाव को लेकर सियासी दलों की सक्रियता बढ़ गई है. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी जहां भारत जोड़ो यात्रा के जरिए पार्टी की सियासी जमीन वापस पाने की कोशिश कर रहे हैं वहीं सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) भी एक्टिव मोड में आती नजर आ रही है.
बीजेपी भी 2024 के आम चुनाव में जीत की हैट्रिक लगाने के लिए अभी से ही तैयारियों में जुट गई है. चुनाव में बूथ लेवल पर संगठन को दुरुस्त करने के साथ ही नई तकनीकी का समावेश करने वाली बीजेपी ने इस बार भी रणनीति के साथ ही तकनीक के मोर्चे पर भी तैयारियां शुरू कर दी हैं.
बीजेपी की जीत का मंत्र- बूथ मैनेजमेंट
बीजेपी का फोकस फिर से बूथ मैनेजमेंट पर है. बताया जा रहा है बीजेपी ने देशभर की 543 लोकसभा सीटों के लिए 1 लाख बूथ चिह्नित किए हैं जिनमें से 90 हजार के करीब बूथों से तो पार्टी ने ग्राउंड रिपोर्ट भी इकट्ठा कर लिया है. बीजेपी की तैयारी ये है कि जिन सीटों पर पिछले चुनाव में हार मिली थी या फिर कड़ा मुकाबला रहा था, वहां बूथ मैनेजमेंट के जरिए पार्टी के पक्ष में माहौल बनाया जाए. जमीन पर जाकर सरकार की योजनाओं को लेकर फीडबैक लिया जा रहा है, लोगों की पसंद-नापसंद समझने की कोशिश हो रही है.
जानकारी के मुताबिक बीजेपी हाईकमान ने हर लोकसभा क्षेत्र में करीब 100 बूथ की पहचान की है. अब इन सभी बूथों पर पार्टी के 40 हजार कार्यकर्ता और साथ में सांसद और विधायक ग्राउंड रिपोर्ट इकट्ठा करने में लग गए हैं. उन्हें जमीन से लगातार फीडबैक मिल रहा है और उसी के आधार पर पार्टी ये निर्धारित करने में जुटी है कि किन पहलुओं पर काम करने की जरूरत है.
अमित शाह का फोकस 144 सीटों पर
अब इस पूरी रणनीति को लीड कर रहे हैं गृह मंत्री अमित शाह. अमित शाह ने शुरुआत में ही साफ कर दिया था कि 2024 के लोकसभा चुनाव में उन 144 सीटों पर जोर दिया जाएगा जहां पर पार्टी को हार मिली थी. ऐसे में हारी हुई सीटों पर जीतने के लिए अमित शाह ने एक रोडमैप तैयार किया है और कार्यकर्ताओं को उसी के मुताबिक काम करने के निर्देश दिए गए हैं.
केंद्रीय मंत्रियों और पार्टी कार्यकर्ताओं की एक लिस्ट भी तैयार कर दी गई है जो इस समय सीधे अमित शाह को रिपोर्ट कर रहे हैं. अब रिपोर्ट समय रहते दी जाए, तालमेल में कोई दिक्कत न आए, इसके लिए भी बीजेपी ने खास इंतजाम किए हैं. बताया जा रहा है कि बीजेपी ने अपनी सहूलियत के लिए एक इंटरनल ऐप तैयार किया है.
तकनीक को बीजेपी ने बनाया हथियार
इस ऐप में पार्टी कार्यकर्ता, मंत्री अपनी रिपोर्ट फीड कर रहे हैं. बूथ पर जाकर जो भी जानकारी उन्हें मिल रही है, वो सब इस ऐप पर अपलोड की जा रही है. जो टारगेट दिए गए, वो पूरे हुए या नहीं, ये भी उसी ऐप के जरिए चेक किया जा रहा है. बड़ी बात ये है कि पार्टी ने बेस्ट परफॉर्मर से लेकर अंडर परफॉर्मर तक की कैटेगरी तैयार कर दी है यानी गर किसी कार्यकर्ता या मंत्री ने बेहतर काम किया तो उसे बेस्ट परफॉर्मर कहा जाएगा तो वहीं जो टारगेट पूरे नहीं करेगा, उसे अंडर परफॉर्मर की कैटेगरी में डाल दिया जाएगा.
मंत्रियों की जवाबदेही पहले से तय
तकनीक में बीजेपी सिर्फ ऐप का इस्तेमाल नहीं कर रही है बल्कि सभी के बीच बातचीत लगातार होती रहे, इसके लिए राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई कॉल सेंटर भी बना दिए गए हैं. ऐसे में पार्टी ने तैयारी पूरी कर ली है, मंत्रियों की जवाबदेही भी तय कर दी गई है. खबर है कि अमित शाह ने केंद्रीय मंत्रियों को अब से महीने में दो बार उस लोकसभा क्षेत्र में जाने के लिए कहा है जहां की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है. बड़ी बात ये है कि पार्टी की हार-जीत का जिम्मा भी इन्हीं नेताओं पर रहने वाला है. ऐसे में जीत होने पर बधाई तो हार पर जवाबदेही भी पहले से तय कर दी गई है.