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मैसूर गैंगरेप मामले में गृह मंत्री के बयान पर सीएम की नसीहत, ऐसी बयानबाजी से बचें

मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र को जांच के निर्देश दिए हैं. वहीं विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सामूहिक दुष्कर्म की पृष्ठभूमि में इस्तीफे की मांग सही नहीं है, विपक्ष द्वारा इस्तीफे की मांग करना आम बात है.

बसवराज बोम्मई, मुख्यमंत्री, कर्नाटक (फाइल फोटो) बसवराज बोम्मई, मुख्यमंत्री, कर्नाटक (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मैसूर गैंगरेप मामले को लेकर हमलावर विपक्ष
  • गृह मंत्री के बयान से निशाने पर आई सरकार
  • सीएम ने बयानबाजी से बचने की दी नसीहत

मैसूर सामूहिक दुष्कर्म मामले में कर्नाटक के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र के बयान को लेकर राजनीतिक हंगामा शुरू हो गया है. विपक्षी दल उनके बयान को लेकर उनपर हमलावर हो गई है. यहां तक कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने भी उन्हें इस तरह के बयानबाजी से बचने को कहा है. कर्नाटक सीएम बोम्मई ने आजतक से बात करते हुए कहा कि गृह मंत्री के बयान से मैं सहमत नहीं हूं. मैंने उन्हें इस तरह के बयानबाजी से बचने को कहा है. उन्होंने कहा कि शुक्रवार को दोषियों को पकड़ने के लिए एक कमिटी बनाई जाएगी. मैंने प्रदेश पुलिस को जल्द से जल्द दोषियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं. 

इससे पहले मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र को भी जांच के निर्देश दिए हैं. वहीं विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सामूहिक दुष्कर्म की पृष्ठभूमि में इस्तीफे की मांग सही नहीं है, विपक्ष द्वारा इस्तीफे की मांग करना आम बात है. उन्होंने कहा, हमारी सरकार आरोपी व्यक्तियों पर कार्रवाई शुरू करेगी. उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा. पीड़िता को पूरी मदद दी जाएगी. 

बोम्मई ने कहा, ‘‘यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. मेरी सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है. अपराधियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा और कानून के दायरे में लाया जाएगा.’’

इससे पहले कर्नाटक के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने के लिए कांग्रेस पर हमला बोला था. उन्होंने कहा, दुष्कर्म की घटना एक दूरदराज के इलाके में हुई है, लेकिन, कांग्रेस यहां मेरा दुष्कर्म करना चाह रही है. 

गृह मंत्री के किस बयान पर है बवाल

उन्होंने पीड़िता पर देर शाम खुलेआम घूमने जाने पर भी सवाल उठा दिए थे. भाजपा नेता ने कहा, उसे वहां नहीं जाना चाहिए था. वह सुनसान जगह है. वह देर शाम वहां गई थी. पीड़ित महिला को देर शाम 7.30 बजे सुनसान जगह पर नहीं जाना चाहिए था. लेकिन, लोग किसी भी समय कहीं भी जाने के लिए स्वतंत्र हैं.

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उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि सामूहिक दुष्कर्म एक अमानवीय कृत्य है, लेकिन कांग्रेस इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रही है. वे मेरे इस्तीफे और सरकार के इस्तीफे की गलत तरीके से मांग कर रहे हैं, जो कि उचित नहीं है. सत्तारुढ़ सरकार के दोनों मंत्रियों के बयानों पर विपक्ष के साथ-साथ लोगों की भी तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. 

श्रम मंत्री शिवराम हेब्बार ने भी दिया विवादास्पद बयान

वहीं मैसूर सामूहिक दुष्कर्म मामले पर गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र की चौंकाने वाली टिप्पणी के बाद अब श्रम मंत्री शिवराम हेब्बार ने इस गंभीर अपराध को लेकर विवादास्पद बयान दिया है. शिवराम हेब्बार ने गुरुवार को कहा कि सामूहिक दुष्कर्म की ऐसी घटनाएं हर समय होती रही हैं. ऐसी घटनाएं अन्य सरकारों के समय में भी हुई हैं. ये चीजें काफी समय से हो रही हैं.

उन्होंने कहा, ऐसा नहीं है कि इस तरह की घटनाएं केवल हमारी पार्टी के सत्ता में आने के बाद ही हो रही हैं. महिलाओं को पहले भी निशाना बनाया जाता रहा है. उन्होंने कहा कि अपराध करने वाले ऐसे दुष्ट व्यक्ति समाज में हमेशा रहते हैं. यह एक दुर्भाग्यपूर्ण और चौंकाने वाली घटना है.

क्या है मामला?

मैसुरु में चामुडी हिल के निकट पांच लोगों ने एक कॉलेज छात्रा से मंगलवार को कथित रूप से बलात्कार किया और यह मामला बुधवार को सामने आया. आरोपियों ने लड़की के पुरुष मित्र पर भी हमला किया. पीड़िता और उसके मित्र का एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है.

 

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