scorecardresearch
 

येदियुरप्पा ने CM पद छोड़ा, जानें क्या है कर्नाटक विधानसभा की स्थिति?

कर्नाटक में पिछले कई महीनों से येदियुरप्पा के खिलाफ पार्टी नेताओं ने मोर्चा खोल रखा था, जिसके चलते उन्होंने सीएम पद छोड़ दिया है. ऐसे में अब देखना है बीजेपी किसे येदियुरप्पा की जगह मुख्यमंत्री बनाती है. कर्नाटक में 2023 में विधानसभा चुनाव होने हैं और ऐसे में बीजेपी ने सीएम का चेहरा बदल दिया है. जानिए विधानसभा की स्थिति क्या है.

बीएस येदियुरप्पा बीएस येदियुरप्पा
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बीएस येदियुरप्पा ने सीएम पद से दिया इस्तीफा
  • कर्नाटक विधानसभा में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी
  • बीजेपी और जेडीएस मिलाकर भी बहुमत नहीं है

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. पिछले कई महीनों से येदियुरप्पा के खिलाफ पार्टी नेताओं ने मोर्चा खोल रखा था, जिसके चलते उन्होंने सीएम पद छोड़ दिया है. ऐसे में अब देखना है बीजेपी किसे येदियुरप्पा की जगह मुख्यमंत्री बनाती है. कर्नाटक में 2023 में विधानसभा चुनाव होने हैं और ऐसे में बीजेपी ने सीएम का चेहरा बदल दिया है. 

बता दें कि कर्नाटक में कुल 224 विधानसभा सीटें हैं. 2018 विधानसभा चुनाव में बीजेपी 104 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में उभरी थी. येदियुरप्पा मुख्यमंत्री भी बन गए थे, लेकिन विधानसभा में बहुमत साबित नहीं कर पाने के चलते ढाई दिन के बाद इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद कांग्रेस-जेडीएस ने मिलाकर सरकार बनाई थी और कुमारस्वामी मुख्यमंत्री बने थे. हालांकि, कुमारस्वामी की सरकार ज्यादा दिन नहीं चल सकी. 

वहीं, फिर दोबारा से 2019 में येदियुरप्पा कांग्रेस और जेडीएस नेताओं को मिलाकर बहुमत साबित कर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर दोबारा से काबिज हो गए थे और अब दो साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद उन्होंने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया है. ऐसे में विधानसभा की स्थिति क्या है. 

विधानसभा की स्थिति

कर्नाटक में कुल 224 विधानसभा सीटें है, जिनमें से दो सीटें रिक्त हैं.

सत्तापक्ष को 121 विधायकों का समर्थन हासिल है. 
बीजेपी-119
निर्दलीय-2

विपक्ष
कांग्रेस-68
निर्दलीय -1
जेडीएस-32

वहीं, कर्नाटक में विपक्ष पूरी तरह से बंटा हुआ नजर आ रहा है. साल 2018 में मिलकर सरकार बनाने वाली कांग्रेस और जेडीएस अब अलग-अलग राह पर है. कर्नाटक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने विधानसभा भंग करने की मांग की है और विधानसभा चुनाव कराने को कहा है. उनका कहना है कि प्रदेश में जनता बाढ़ और कोरोना से जूझ रही है और सरकार उन्हें बचाने में नाकाम रही है. ऐसे में जेडीएस और कांग्रेस के एक साथ आने की संभावना बहुत कम नजर आ रही है. 

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें