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'BJP के साथ खड़े हैं', मणिपुर में समर्थन वापस लेने की बात को JDU ने बताया गलत, प्रदेश अध्यक्ष को हटाया

नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने मणिपुर में बीेजेपी सरकार से समर्थन वापस लेने की घोषणा कर दी है. पार्टी की मणिपुर यूनिट ने रज्यपाल को इस संबंध में पत्र लिखकर जानकारी दी है.

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नीतीश कुमार. (फाइल फोटो)
नीतीश कुमार. (फाइल फोटो)

नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड ने मणिपुर में एन बीरेन सिंह के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार से औपचारिक रूप से समर्थन वापस ले लिया है. जेडीयू का कहना है कि राज्य में उनका एकमात्र विधायक मोहम्मद अब्दुल नासिर अब विपक्ष में रहेंगे. जेडीयू ने सरकार से समर्थन वापस लेने का ऐलान गवर्नर को एक पत्र लिखकर किया है. वहीं, जेडीयू ने स्पष्टीकरण जारी करते मणिपुर में समर्थन वापस लेने की बात को गलत बताया है और प्रदेश अध्यक्ष को हटाया दिया है.

जेडीयू द्वारा लिया गया ये फैसला मणिपुर में बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार की स्थिरता को प्रभावित नहीं करेगा. हालांकि, इस फैसले का बहुत गहरा राजनीतिक महत्व समझा जा रहा है. क्योंकि जदयू केंद्र और बिहार में बीजेपी की प्रमुख सहयोगी पार्टियों में से एक है.

बीजेपी से समर्थन वापस लेने का ऐलान जेडीयू की मणिपुर यूनिट के प्रमुख क्षेत्रीमायुम वीरेंद्र सिंह द्वारा राज्यपाल अजय कुमार भल्ला को पत्र लिखकर किया है.

'5 विधायकों पर लंबित है मुकदमा'

जदयू ने अपने पत्र में कहा कि पार्टी ने शुरुआत में 2022 के मणिपुर विधानसभा चुनावों में छह सीटें जीती थीं. हालांकि, बाद में पांच विधायक भाजपा में शामिल हो गए. जिससे सत्तारूढ़ दल की संख्या मजबूत हो गई. इन पांचों विधायकों का भारत के संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत मुकदमा स्पीकर ट्रिब्यूनल के समक्ष लंबित है.

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पत्र में इंडिया ब्लॉक के साथ जेडीयू के पहले के गठबंधन का हवाला देते हुए समर्थन वापसी की पुष्टि की गई है. पत्र में ये भी दोहराया गया है कि मणिपुर में जदयू के एकमात्र विधायक मोहम्मद अब्दुल नासिर विधानसभा के हालिया सत्र में विपक्ष के साथ बैठे.

जेडीयू से पहले पिछले साल इसी तरह के घटनाक्रम के बाद मेघालय में कोनराड संगमा के नेतृत्व वाली नेशनल पीपुल्स पार्टी ने भी मणिपुर सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था.

वहीं, जदयू अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इंडिया ब्लॉक के साथ गठबंधन करने के बाद पिछले साल एनडीए में लौट आए थे. लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद केंद्र और राज्य में एनडीए के लिए जेडीयू की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है.

वीरेंद्र सिंह पर JDU का एक्शन

वहीं, इस पूरे घटनाक्रम के बाद जेडीयू ने वीरेंद्र सिंह को मणिपुर के अध्यक्ष पद से हटा दिया है. जेडीयू ने कहा, जनता दल यूनाइटेड ने मणिपुर प्रदेश के अपने पार्टी अध्यक्ष, जिसने यह पत्र लिखा था वीरेंद्र सिंह को प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाया दिया है. अनुशासनहीनता के आरोप में वीरेंद्र सिंह को पदमुक्त कर दिया गया है.

बीजेपी के समर्थन में खड़ी है JDU

जेडीयू ने अपना स्टैंड स्पष्ट करते हुए कहा कि वह मणिपुर में बीजेपी सरकार को समर्थन जारी है. मणिपुर के साथ-साथ बिहार में भी और केंद्र में भी पूरी मजबूती के साथ जनता दल यूनाइटेड बीजेपी के साथ समर्थन में खड़ी है.

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