कृषि बिल पर सड़क से लेकर संसद तक हंगामा मचा हुआ है. राज्यसभा में कृषि से जुड़े दो विधेयकों को ध्वनि मत से पास किए जाने के बाद विपक्ष के सांसदों ने जमकर बवाल काटा था, जिसके बाद तृणमूल कांग्रेस सांसद डेरेक ओ ब्रायन समेत 8 सांसदों को पूरे मॉनसून सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया. अब इस घमासान के बीच 17 पार्टियों ने राष्ट्रपति को लिखा है कि हम आगे की कार्रवाई के बारे में चर्चा करने के लिए बुधवार सुबह 11 बजे मीटिंग कर रहे हैं.
मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हम भारत के युवाओं से कहना चाहते हैं कि ये आपका भारत है, आपकी संसद है, आपका लोकतंत्र है, आपके किसान हैं, यह आपके भविष्य के बारे में है. हम आपके अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं. फासीवादी प्रणाली के जरिए भारतीय लोकतंत्र को ध्वस्त करने के लिए दो लोग जिम्मेदार हैं.
डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि इस बिल को लेकर लोकसभा में बहिष्कार हो सकता है. आगे उन्होंने कहा कि मैंने एनसीपी चीफ शरद पवार से बात की है. उन्होंने कहा कि वो अपने पूरे करियर में कभी भी ऐसी स्थिति में संसद नहीं देखे. अपने अधिकारों के लिए संसद के अंदर और बाहर आवाज उठाएंगे.
बता दें कि राज्यसभा के सभी आठ निलंबित सांसदों ने अपना धरना प्रदर्शन खत्म कर दिया है. 20 सितंबर को किसानों से जुड़े बिल को पास कराने के दौरान इन सांसदों ने हंगामा किया. इसके बाद सोमवार को सभापति वेंकैया नायडू ने आठ सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया था. इसके बाद सभी सांसद, संसद परिसर में ही धरने पर बैठ गए थे.