कांग्रेस पार्टी में अध्यक्ष पद को लेकर छिड़ा मसला भले सुलझ गया हो, लेकिन संगठन को लेकर लिखी गई चिट्ठी का मुद्दा अभी शांत नहीं हुआ है. सोमवार को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने आनंद शर्मा पर पत्र लिखने का आरोप लगाया था. अब इस पर आनंद शर्मा का जवाब आया है.
आनंद शर्मा ने ट्वीट करके कहा है कि बीजेपी से मुकाबला करने के लिए भारत को एक मजबूत विपक्ष की जरूरत है. ईमानदारी से सुझाव देने का मतलब पार्टी से मतभेद नहीं है. काश सभी साथियों ने इसे पढ़ा होता.उन्होंने कहा कि पत्र पार्टी के सर्वोत्तम हित के साथ लिखा गया था और देश में वर्तमान माहौल पर साझा चिंताओं को व्यक्त किया गया था.
India needs a strong opposition to confront the BJP. Suggestions for party's renewal made in sincerity is not dissent. Wish all colleagues had read it.
— Anand Sharma (@AnandSharmaINC)
बता दें कि CWC की बैठक में अंबिका सोनी ने पत्र लिखने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि जिस किसी ने भी अनुशासनहीनता की है, उस पर कांग्रेस के संविधान के अनुसार निर्णय लिया जाना चाहिए.
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जानकारी के मुताबिक, CWC की ये बैठक सोनिया गांधी को करीब 2 हफ्ते पहले लिखी गई एक चिट्ठी की प्रतिक्रिया के तौर पर बुलाई गई थी. कम से कम 23 नेताओं जिनमें CWC के सदस्य, UPA सरकार में मंत्री रहे नेता और सांसदों ने सोनिया गांधी को संगठन के मसले पर चिट्ठी लिखी थी. चिट्ठी में सशक्त केंद्रीय नेतृत्व के साथ पार्टी को चलाने की सही रणनीति पर जोर दिया गया था.