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त्रिपुरा: बिप्लब देब के इस्तीफे के बाद हंगामा, कुर्सियां तोड़ने की कोशिश

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब के इस्तीफे से उनके समर्थक नाराज दिखे. बीजेपी विधायक दल की बैठक के बाद अचानक हंगामा शुरू हो गया. पार्टी विधायक और मंत्री रामप्रसाद पॉल ने विरोध करना शुरू कर दिया.

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विधायक दल की बैठक के बाद हंगामा विधायक दल की बैठक के बाद हंगामा
स्टोरी हाइलाइट्स
  • BJP विधायक दल की बैठक के बाद हंगामा
  • कुर्सियां तोड़ने की कोशिश

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब के इस्तीफे के बाद पार्टी के नेताओं के बीच हंगामा शुरू हो गया. अगरतला में बीजेपी विधायक दल की बैठक के बाद अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया. पार्टी विधायक और मंत्री रामप्रसाद पॉल ने मुखर रूप से विरोध करना शुरू कर दिया. उन्हें हाल ही में मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया था. पॉल ने चिल्लाते और विरोध करते हुए कहा कि वह पार्टी छोड़ देंगे. पॉल ने नाराजगी के दौरान कुर्सियां तोड़ने की भी कोशिश की. केंद्रीय मंत्री प्रतिमा भौमिक ने पॉल को शांत कराते हुए नजर आईं.

विधानसभा चुनाव से पहले इस्तीफा
गौरतलब है कि त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपते हुए पार्टी (बीजेपी) के फैसले को सर्वोपरि बताया. उन्होंने शुक्रवार को गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी, जिसके बाद उन्होंने पद छोड़ दिया. वहीं शाम होते होते डॉ. माणिक साहा को त्रिपुरा का नया सीएम बनाया गया है.

आलाकमान का फैसला मंजूर
मीडिया से बात करते हुए बिप्लब देब ने कहा कि आलाकमान का फैसला मुझे मंजूर है और मैंने अपना पद छोड़ दिया है. मेरे जैसे कार्यकर्ता को संगठन के लिए काम करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता बीजेपी को फिर से सत्ता में लाना है. हमें त्रिपुरा में लंबे समय तक भाजपा को सत्ता में बनाए रखने की जरूरत है. जब तक हमारे पास एक मजबूत संगठन है. हम सरकार में हैं और यह सबसे महत्वपूर्ण है.

ऐसा बताया जा रहा है कि बिप्लब देब को लेकर संगठन में नाराजगी बढ़ रही थी. इस वजह से दो विधायकों ने पार्टी भी छोड़ दी थी. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा उनके खिलाफ लगातार दिल्ली में शिकायतें की जा रही थीं. 

2018 में बनाया गया CM
अगले साल त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. गुजरात की तर्ज पर त्रिपुरा में मंत्री से लेकर संगठन तक में बड़े फेरबदल हो सकते हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि भाजपा ने पार्टी को मजबूत करने के लिए नये चेहरे को राज्य की कमान सौंपने का फैसला लिया है. बिप्लव देब 2018 में सीएम बने थे.

 

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