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ममता के शपथ समारोह से विपक्ष नदारद, प्रशांत किशोर समेत कुछ TMC नेता मौजूद

ममता के शपथ समारोह में विपक्ष की उपस्थिति काफी कम देखी गई. टीएमसी की तरफ से बंगाल बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष को न्योता भेजा गया था, लेकिन उन्होंने इस शपथ समारोह का बहिष्कार किया.

सीएम ममता बनर्जी ( फाइल फोटो) सीएम ममता बनर्जी ( फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ममता के शपथ समारोह से विपक्ष नदारद
  • गवर्नर ने ममता को याद दिलाया 'राजधर्म
  • चुनाव के बाद बंगाल में हिंसा का दौर

बंगाल विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद ममता बनर्जी ने बुधवार को तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है. उन्होंने राज्यभवन में सीएम पद की शपथ ली है. कोरोनी की वजह से इस शपथ समारोह का ज्यादा बड़े स्तर पर आयोजन नहीं किया गया, लेकिन कई खास मेहमानों को जरूर आमंत्रित किया गया. प्रशांत किशोर से लेकर अभिषेक बनर्जी तक, कुछ बड़े चेहरे इस खास मौके पर मौजूद रहे.


शमथ समारोह से विपक्ष नदारद

ममता के शपथ समारोह में विपक्ष की उपस्थिति काफी कम देखी गई. टीएमसी की तरफ से बंगाल बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष को न्योता भेजा गया था, लेकिन उन्होंने इस शपथ समारोह का बहिष्कार किया. वहीं लेफ्ट की तरफ से भी कोई नेता शपथ समारोह में शामिल होने नहीं आया. सिर्फ टीएमसी के रणनीतिकार प्रशांत किशोर, ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी और कुछ टीएमसी विधायक शामिल हुए. वहीं आज शपथ भी सिर्फ ममता को ही दिलवाई गई है. दूसरे विधायकों को बाद में शपथ दिलाने की तैयारी है.

गवर्नर ने ममता को याद दिलाया 'राजधर्म 

शपथ समारोह के बाद दोनों राज्यपाल जगदीप धनखड़ और सीएम ममता बनर्जी की तरफ से बड़े बयान भी देखने को मिल गए. राज्यपाल की तरफ से बंगाल में हुई हिंसा का मुद्दा उठाया गया और उन्होंने सीएम से अपील की कि दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो. वहीं उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में ऐसी हिंसा को इजाजत नहीं दी जा सकती. उन्होंने उम्मीद जताई कि नई सरकार फिर राज्य में कानून का राज स्थापित करेगी. वहीं राज्यपाल के इस छोटे संबोधन के बाद ममता ने भी साफ कर दिया कि वे और उनकी सरकार हिंसा को बर्दाश्त नहीं करने जा रही है. उन्होंने इस बात की भी जानकारी दी कि अब राज्य में फिर उन पुराने अफसरों की नियुक्ति होगी जिन्हें चुनाव आयोग द्वारा हटा दिया गया था.

बंगाल में हिंसा का दौर

मालूम हो कि टीएमसी के चुनाव जीतने के बाद बंगाल में हिंसा का नया दौर देखने को मिला है. कई इलाकों से हिंसा की खबरें सामने आई हैं. बीजेपी ने दावा कर दिया है कि उनके कार्यकर्ताओं की हत्या की गई है, वहीं बच्चे और महिलाओं संग भी बदसलूकी हुई है. टीएमसी की भी तरफ से दावा कर दिया गया है कि ये हिंसा बीजेपी के अंदर जारी कलह का परिणाम है. उन्होंने इसे पुरानी बीजेपी बनाम नई बीजेपी का खेल बता दिया है.

अब एक तरफ आज ममता बनर्जी ने तीसरी बार सीएम पद की शपथ ली है तो वहीं दूसरी तरफ बीजेपी की तरफ से पूरे राज्य में धरना प्रदर्शन करने की तैयारी है. खुद बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी बंगाल पहुंच गए हैं और उन्होंने हिंसा में मारे गए कार्यकर्ता के परिजनों से भी मुलाकात की है.
 

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