scorecardresearch
 

आंध्र प्रदेश के DGP को HC ने दी इस्तीफा देने की नसीहत, जगन सरकार पर भड़की TDP

टीडीपी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी से आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट की ताजा टिप्पणी पर चुप्पी तोड़ने की मांग की. हाई कोर्ट ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक गौतम सवांग को इस्तीफा देने का सुझाव दिया गया था.

आंध्र प्रदेश के डीजीपी गौतम सवांग (फाइल फोटो) आंध्र प्रदेश के डीजीपी गौतम सवांग (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • टीडीपी को जगन सरकार पर निशाना
  • HC की टिप्पणी के जरिए जगन सरकार से सवाल
  • TDP ने DGP को सही काम करने की दी नसीहत

तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) पोलित ब्यूरो के सदस्य वरला रमैया ने मंगलवार को मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी से आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट की ताजा टिप्पणी पर चुप्पी तोड़ने की मांग की. हाई कोर्ट ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक गौतम सवांग को इस्तीफा देने का सुझाव दिया गया था, अगर वह कानून व्यवस्था को बनाए रखने में असमर्थ हैं.

टीडीपी नेता वरला रमैया ने कहा कि हाई कोर्ट की गंभीर टिप्पणी मुख्यमंत्री पर भी लागू होती है. उनकी सरकार जब से सत्ता में आई है, तब से प्रदेश में 'जंगल राज' का माहौल. उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट की टिप्पणी के बाद भी न ही डीजीपी और न ही सरकार ने अपनी छवि सुधारने की कोशिश की. इस मामले में वाईएसआर कांग्रेस सरकार को जवाब देना चाहिए.

वरला रमैया ने कहा कि टीडीपी लंबे समय से डीजीपी से प्रदेश में पीड़ितों के साथ हो रहे अन्याय की शिकायत कर रही है, लेकिन उन्होंने इसका गंभीरता से जवाब नहीं दिया. उनकी (डीजीपी) लापरवाही से वर्तमान स्थिति पैदा हो गई है, जिसमें उन्हें अदालतों की सख्ती का सामना करना पड़ा. एपी पुलिस ने पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से गैरकानूनी व्यवहार किया.

टीडीपी वरला रमैया ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं, टीडीपी समर्थकों, दलितों, आदिवासियों, डॉक्टरों, पिछड़े वर्ग के नेताओं की झूठी गिरफ्तारी और सरकार के अन्यायपूर्ण रवैये के खिलाफ आवाज उठाने वालों के खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए गए. हाई कोर्ट की टिप्पणी के बाद जगन सरकार को कैबिनेट बैठक बुलानी चाहिए थी.

टीडीपी ने डीजीपी गौतम सवांग को कानून-व्यवस्था को ठीक से लागू करने के लिए एपी पुलिस मैनुअल का पालन करने की सलाह दी, ताकि उनको एक सम्मानजनक और खुशहाल रिटायरमेंट मिल सके. टीडीपी ने धमकी दी कि अगर डीजीपी आंख बंद करके चले गए तो जल्द ही उन्हें अंडमान या तिहाड़ जेल जाना पड़ेगा.

हाई कोर्ट ने क्यों दी थी इस्तीफा देने की नसीहत
दरअसल, आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने वेंकट राजू के लापता मामले में दायर एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर जवाब न देने के लिए डीजीपी गौतम सवांग पर गंभीर टिप्पणी की थी. कोर्ट ने कहा कि पुलिस को तीन मामलों में न्यायिक जांच करने का दोषी पाया गया था और यह स्पष्ट किया गया कि हर मामले में सीबीआई जांच संभव नहीं है.

डीजीपी गौतम सवांग की बार-बार अनुपस्थिति पर आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने डीजीपी को चेतावनी दी और कड़ी टिप्पणी की कि यदि वह पुलिस व्यवस्था को नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए.
 

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें