AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि केंद्र सरकार ने सिंघु और गाजीपुर को इंटरनेशनल बॉर्डर जैसा बना दिया है. ओवैसी ने कहा कि जो स्ट्रक्चर और सुरक्षा बॉर्डर पर होनी चाहिए, वह स्ट्रक्चर हमने सिंघु बॉर्डर पर बना दिया है, गाजीपुर बॉर्डर पर बना दिया. ओवैसी ने कहा कि यह क्या हो रहा है. सरकार किसानों से डर रही है.
ओवैसी ने कहा कि जो सुरक्षा व्यवस्था अरुणाचल प्रदेश में होनी चाहिए वहां नहीं हो सकी, लेकिन सरकार ने टिकरी, सिंघु और गाजीपुर को इंटरनेशनल बॉर्डर बना दिया है.
ओवैसी ने कहा कि मैं हुकूमत से जानना चाहता हूं कि किसानों पर जुल्म क्यों किया जा रहा है. यह तीनों कानून आपको वापस लेना पड़ेगा. यह कानून आपने बहुमत की ताकत से बनाया है. उन्होंने कहा कि जब लोग रोड पर निकल जाते हैं तब आप डरते हैं, तब आप डेढ़ साल के लिए इसको सस्पेंड करने की बात करते हैं.
ओवैसी ने कहा कि सरकार को जो सलूक चीन के साथ करना चाहिए वो सलूक किसानों के साथ कर रही है. ओवैसी ने कहा कि कृषि कानून राज्य का विषय है तो केंद्र इस पर कानून कैसे बना सकती है. यहीं इस कानून में काला है.
ओवैसी ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि सरकार CAA पर कानून बनाए तो हम फिर से प्रदर्शन के लिए निकलेंगे. एआईएमआईएम सांसद ने कहा कि वो खुद को आंदोलनजीवी मानते हैं, उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान के लिए आंदोलन करना जरूरी है, और आंदोलन करने वालों के खिलाफ अगर प्रधानमंत्री आंदोलनजीवी और परजीवी शब्द का इस्तेमाल करेंगे तो इसका गलत संदेश जाएगा.
किसान आंदोलन में विदेशियों के ट्वीट का जिक्र करते हुए ओवैसी ने कहा कि किसी ने भी ट्वीट किया और सरकार को सफाई देने के लिए आना पड़ा ये सरकार की कैसी विदेश नीति है.