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यूथ सड़क पर, विरोध में अपनों की भी आवाज... 'अग्निपथ' की आग में सबसे ज्यादा झुलस रहे BJP शासित राज्य

मोदी सरकार ने युवाओं को संविदा पर चार साल के लिए सेना में नौकरी देने के लिए अग्निपथ योजना शुरू की है. विपक्षी दल के विरोध को लेकर मोदी सरकार 'ज्यादा चिंतित' नहीं है लेकिन युवा जिस तरह से आंदोलित होकर सड़क पर उतरा है, उसने टेंशन बढ़ा दी है. इसकी एक बड़ी वजह यह है कि अग्निपथ योजना का विरोध ज्यादातर बीजेपी शासित राज्यों में हो रहा है.

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अग्निपथ योजना के विरोध में युवा आंदोलित अग्निपथ योजना के विरोध में युवा आंदोलित
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बिहार में अग्निपथ योजना का सबसे ज्यादा विरोध
  • यूपी के कई शहरों में आंदोलन हिंसक होता जा रहा है
  • हरियाणा के रोहतक में एक युवा ने आत्महत्या कर ली

मोदी सरकार की ओर से अग्निपथ योजना के ऐलान बाद सेना में भर्ती का सपना संजोये कई राज्यों के नौजवान सड़क पर उतरकर आंदोलन कर रहे हैं. बिहार के लखीसराय, छपरा, समस्तीपुर, आरा समेत कई जिलों में ट्रेनें फूंक दी गईं तो यूपी की सड़कों पर युवा प्रदर्शन कर रहे हैं. हरियाणा के कई जिलों में भी तोड़फोड़ और आगजनी हुई है. रोहतक में सेना भर्ती की तैयारी कर रहे एक युवक ने सुसाइड कर लिया. तीन दिनों से अग्निपथ के विरोध की आग जल रही है. इसकी चपेट में सबसे बीजेपी शासित राज्य ही हैं. 

केंद्र सरकार की तरफ से सेना में 4 साल के लिए भर्ती स्कीम अग्निपथ को लेकर बिहार से शुरू हुआ बवाल की चिंगारी देश के 10 राज्यों में फैल गई है. बिहार, यूपी, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल, झारखंड, उत्तराखंड,दिल्ली और पश्चिम बंगाल में युवा सड़क पर उतरकर आंदोलन कर रहे हैं. बिहार, हरियाणा और यूपी में सबसे ज्यादा नौजवान आक्रोशित नजर आ रहे हैं. ऐसे में बीजेपी की चिंता के लिए युवाओं के गुस्से को शांत करने की चुनौती बढ़ती जा रही है. 

प्रदर्शनकारियों ने अब तक नौ ट्रेनों में लगाई आग

'अग्निपथ' योजना के खिलाफ देशभर में युवाओं के विरोध प्रदर्शनों से बीजेपी चिंतित दिख रही है, क्योंकि ज्यादातर आंदोलन बीजेपी शासित वाले राज्यों में ही हो रहे हैं. बिहार के लखीसराय, बेगुसराय, हाजीपुर, मुंगेर, खगड़िया, औरंगाबाद, समस्तीपुर और बेतिया समेत कई जिले प्रदर्शन की चपेट में हैं. प्रदर्शनकारियों ने अब तक नौ ट्रेनों में आग दी हैं. यूपी में कई जगहों पर प्रदर्शन हिंसक हो गया है. बलिया में रेलवे स्टेशन पर तोड़फोड़ हुई तो यमुना एक्सप्रेस-वे को जाम कर दिया गया और बस में प्रदर्शनकारियों ने आग लगा दी है. 

बीजेपी राज्यों के मुख्यमंत्री युवाओं की नाराजगी को दूर करने की दिशा में जुट गए हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर युवाओं को भरोसा दिया है. योगी ने कहा कि अग्निपथ योजना के तहत सेना में चार साल सेवा देने वाले अग्निवीरों को सशस्त्र बलों के लिए काम करने वाले युवाओं को पुलिस और अन्य विभागों में प्राथमिकता दी जाएगी. इस पहले सीएम ने कहा कि अग्निपथ योजना जीवन को नए आयाम प्रदान करने के साथ ही भविष्य को स्वर्णिम आधार देगी. आप किसी बहकावे में न आएं. मां भारती की सेवा हेतु संकल्पित हमारे 'अग्निवीर' राष्ट्र की अमूल्य निधि होंगे. उत्तर प्रदेश सरकार अग्निवीरों को पुलिस व अन्य सेवाओं में वरीयता देगी.

बिहार में सबसे ज्यादा विरोध

बिहार में बीजेपी और जेडीयू गठबंधन की सरकार है और सत्ता की कमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हाथों है. अग्निपथ का सबसे ज्यादा विरोध बिहार में हो रहा है. यहां पर प्रदर्शन हिंसक रुप अख्तियार कर चुका है. प्रदर्शनकारियों ने गोपालगंज, छपरा, कैमूर, सुपौल और आरा में ट्रेन के आग के हवाले कर दिया. अग्निपथ योजना को लेकर जेडीयू और बीजेपी की राय बटी हुई है. नीतीश कुमार भले ही खामोश हैं, लेकिन जेडीयू नेता विरोध में खड़े नजर आए हैं. 

नीतीश के मंत्री विजेंद्र यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा तो जेडीयू अध्यक्ष ललन सिंह और हम नेता जीतन राम मांझी ने योजना पर पुनर्विचार की मांग रख दी. जेडीयू अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा है कि अग्निपथ योजना के निर्णय से बिहार सहित देशभर के नौजवानों, युवाओं एवं छात्रों के मन में असंतोष, निराशा व अंधकारमय भविष्य (बेरोजगारी) का डर स्पष्ट दिखने लगा है. केंद्र सरकार को अग्निवीर योजना पर अविलंब पुनर्विचार करना चाहिए, क्योंकि यह निर्णय देश की रक्षा व सुरक्षा से भी जुड़ा है. वहीं, बिहार सरकार के मंत्री शाहनवाज हुसैन ने कहा कि 'अग्निपथ योजना' नौजवानों के हित में है. 

अग्निपथ योजना को लेकर जल रहा है हरियाणा

हरियाणा के बीजेपी की सरकार है. किसान आंदोलन के बाद अग्निपथ योजना को लेकर हरियाणा जल रहा है. सूबे के नरनौल में प्रदर्शनकारियों ने जिला उपायुक्त के घर के सामने प्रदर्शन किया और उनके घर पर पत्थरबाजी भी की. प्रदर्शनकारियों ने जगह-जगह न सिर्फ सड़कें जाम कीं, बल्कि रेलवे ट्रैक को भी जाम कर दिया. पटरियों पर टायर जलाए गए और कई ट्रेनों में आग लगा दी है. हरियाणा में खट्टर सरकार ने अग्निवीरों को पुलिस की भर्ती में प्राथमिक देना का वादा किया है. उत्तराखंड में भी प्रदर्शन उग्र होता जा रहा है, जिसके चलते पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा है. 

अग्निपथ योजना के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन और फैलने से रोकने के लिए बीजेपी ने सभी राज्य इकाइयों से प्रदर्शनकारियों को यह समझाने के लिए कहा है कि नई भर्ती योजना 'युवाओं के लिए अंतहीन अवसरों का रास्ता खोलेगी. बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री अग्निवीरों को वित्तीय सहायता, अन्य क्षेत्रों और सेवाओं में तरजीही भर्ती और सुरक्षा बलों में उनका चार साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद विशेष शिक्षा अभियान जैसी घोषणाएं कर रहे हैं. सीएम योगी से लेकर पुष्कर सिंह धामी तक ने अग्निपथ योजना के तहत, चार साल बाद केवल 25 फीसदी अग्निवीरों को सशस्त्र बलों के नियमित कैडर में शामिल करने का ऐलान किया.

वरुण गांधी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को लिखा पत्र

एक तरफ जहां केंद्र सरकार नई भर्ती योजना की घोषणा के बाद से विरोध प्रदर्शन से जूझ रही है तो भाजपा में कुछ लोगों ने यह विचार भारी पड़ने को लेकर चिंता जताई है. बीजेपी के सांसद वरुण गांधी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को लेकर पत्र लिखा है. पत्र में वरुण गांधी ने लिखा है कि युवाओं को असमंजस की स्थिति से बाहर निकालने के लिए सरकार तुरंत योजना से जुड़े नीतिगत तथ्यों को सामने रख कर अपना पक्ष साफ करे. बीजेपी के सहयोगी जेडीयू और पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी सवाल खड़े किए हैं. 
 
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के सहयोगी कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अग्निपथ योजना पर पुनर्विचार करने का सुझाव दिया. सेना में कप्तान रहे अमरिंदर सिंह ने कहा कि यह लंबे समय से मौजूद रेजिमेंट के विशिष्ट लोकाचार को कमजोर करेगा. साथ ही उन्होंने आश्चर्य जताया कि सरकार को भर्ती नीति में इस तरह के मौलिक बदलाव करने की आवश्यकता क्यों पड़ी, जबकि इतने सालों से देश के लिए बेहतर तरीके से काम कर रही है.

 

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