दुनिया के सबसे खतरनाक संगठन के तौर पर गिने जा रहे ISIS के खिलाफ अमेरिका समेत सभी मित्र राष्ट्र एकजुट हो हमले कर रहे हैं.
2006 में बने इस संगठन को सोमालिया का सबसे बड़ा आतंकवादी संगठन माना जाता है. यह संगठन देश की सरकार का तख्तापलट कर शरिया कानून लाना चाहता है. यह कई सिलसिलेवार आतंकी हमलों का जिम्मेदार है.
नाइजीरिया का यह जेहादी संगठन उस वक्त पूरी दुनिया में चर्चा में आ गया जब इसने 300 नाइजीरियाई स्कूली लड़कियों को अगवा कर उनके जबरन धर्मांतरण और विवाह की कोशिश की थी
गाजा पट्टी में सक्रिय इस आतंकी संगठन की सालाना कमाई 1 बिलियन डॉलर है. गाजा की अर्थव्यवस्था का 15 फीसदी हिस्सा कमाने वाले इस संगठन को इजरायल का कट्टर दुशमन माना जाता है.
अफगानिस्तान में सक्रिया इस अमेरिका विरोधी संगठन को नाटो सेनाओं पर ताबड़तोड़ हमलों के लिए जाना जाता है.
दुनिया का सबसे कुख्यात माने जाना वाला अल कायदा पूरे विश्व के लिए खौफ का सबब बना रहा है. अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर गिराने वाला मोस्ट वांटेड आतंकी इसी संगठन का हिस्सा था.
लश्कर-ए-तैयबा भारत में मुंबई हमलों के लिए कुख्यात है. भारत में और भी कई हमलों के जिम्मेदार इस आतंकी संगठन को पाकिस्तान की तरफ से सहायता प्राप्त है. हालांकि पाकिस्तानी सरकार इससे इनकार करती रही है.
भारत के कई इलाकों में सक्रिया नक्सलियों को आतंकी कहा जाए या नहीं इस पर विवाद हो सकता है लेकिन भारतीय पुलिस और अतिरिक्त सेना बल को इसने जितना नुकसान पहुंचाया है उतना हालिया समय में किसी और ने नहीं किया है.
अफगानिस्तान में सक्रिय तालिबान पर मानव तस्करी, ड्रग्स तस्करी जैसे कई संगीन आरोप है. 2001 में अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमलों का मुख्य जिम्मेदार माना जाता है.
पाक-अफगान बॉर्डर पर सक्रिय इस संगठन शरिया कानून लाना है. पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र भवन पर हमले समेत कई हमलों का जिम्मेदार यही संगठन है.