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भारत

इन खबरों ने दुनिया में मचाई सनसनी

इन खबरों ने दुनिया में मचाई सनसनी
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साल 2013 कई बड़ी अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का गवाह रहा. सीरिया पर अमेरिका का हमला होते-होते रह गया तो एक मामूली कर्मचारी ने अमेरिका के निगरानी कार्यक्रम की पोल खोलकर तहलका कर दिया. यूरोपीय देशों ने भी पाकिस्तानी किशोरी मलाला को सलाम किया, वहीं मिस्र ने एक और तख्तापलट देखा. दुनिया की बड़ी घटनाओं पर एक नजर:

पहले गैर यूरोपीय पोप बने 'फ्रांसिस'
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इसी साल दुनिया के ईसाई समुदाय को अपने 266वें पोप मिले. पोप बेनेडिक्ट 16वें के रिटायरमेंट के बाद अर्जेंटीना के जॉर्ज मारियो बर्गोग्लियो को तय प्रक्रिया के तहत पोप चुना गया. उन्हें पोप फ्रांसिस के नाम से जाना जाता है. कैथोलिक चर्च की समझ में सिर्फ 9 महीने में जिस असाधारण ढंग से पोप फ्रांसिस बदलाव लेकर आए, उसको दुनिया की प्रतिष्ठित पत्रिका 'टाइम' ने भी सलाम किया और इस साल का 'पर्सन ऑफ द ईयर' पुरस्कार से नवाजा. 1200 साल के इतिहास में फ्रांसिस पहले गैर यूरोपीय पोप हैं. टाइम की मैनेजिंग एडिटरने कहा कि शायद ही कोई और ऐसा व्यक्ति हो जिसने इतनी जल्दी विश्व मंच पर सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा है.
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पाकिस्तान में चुनाव, शरीफ की वापसी:
इसी साल पाकिस्तान में एक अहम राजनीतिक बदलाव आया, जब पाकिस्तान में सैन्य तख्तापलट में सत्ता से बेदखल किए जाने के करीब 14 साल बाद नवाज शरीफ ने चुनाव जीता और तीसरी बार मुल्क के प्रधानमंत्री बने. शरीफ पाकिस्तान के 27वें प्रधानमंत्री हैं. अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान परवेज मुशर्रफ की अगुवाई वाले सैन्य तख्तापलट में उन्हें सत्ता से बेदखल कर दिया गया था. इसी साल बेहद ताकतवर माने जाने वाले पाकिस्तानी सेनाध्यक्ष कियानी भी रिटायर हो गए.
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मिस्र: एक और तख्तापलट, खूनखराबा
मिस्र एक बार फिर राजनीतिक अस्थिरता से जूझता रहा. वहां की शक्तिशाली सेना ने देश में लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचित हुए प्रथम राष्ट्रपति मोहम्मद मोर्सी को कुर्सी से बेदखल कर दिया और संविधान को रद्द कर दिया गया. इसके बाद काहिरा की सड़कों पर जमकर जश्न मनाया गया. हाजिम अल बबलावी देश के नए PM बने. हालांकि इसके बाद भी हिंसक संघर्ष चलते रहे. मोर्सी के समर्थक सड़कों पर उतर आए. सुरक्षा बलों की हिंसक कार्रवाई में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों की जान चली गई.
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मलाला यूसुफजई: नोबेल नहीं मिला, सम्मान मिला
लड़कियों की शिक्षा के लिए तालिबान से लोहा लेने वाली 16 साल की पाकिस्तानी किशोरी मलाला यूसुफजई को इस साल नोबेल पुरस्कार के लिए नॉंमिनेट किया गया. उन्हें नोबेल तो नहीं मिला लेकिन इसके लिए नामांकित होने वाली वह सबसे कम उम्र की शख्सियत बनीं.
इसी साल मशहूर मैगजीन 'टाइम्स' ने उन्हें 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में रखा. डाइशे वेले ने उन्हें दुनिया की सबसे मशहूर टीनएजर का खिताब दिया. यूरोपियन पार्लियामेंट की ओर से मलाला को साखरोव प्राइज से भी नवाजा. यूएन असेंबली में भाषण देने का मौका भी उन्हें मिला.
मलाला पर पिछले साल तालिबान ने जानलेवा हमला किया था. इसके बाद वह पूरी दुनिया में महिला शिक्षा और साहस की अद्भुत मिसाल बनकर उभरी थीं. देश-विदेश के राष्ट्राध्यक्षों ने मलाला को बेमिसाल बताया था. लंदन में लंबे इलाज के बाद मलाला को कुछ ही  महीने पहले अस्पताल से छुट्टी मिली थी.
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एडवर्ड स्नोडेन: आपकी प्राइवेसी के लिए लिया US से पंगा
पूर्व सीआईए कर्मचारी एडवर्ड स्नोडेन ने अमेरिका के इंटरनेट और टेलीफोन निगरानी कार्यक्रम का खुलासा करके दुनिया भर में तहलका मचा दिया. स्नोडेन की बदौलत ही पूरी दुनिया को पता चला कि अमेरिका उनकी निजता के लिए संभावित खतरा बन रहा है. स्नोडेन को अपना देश छोड़ना पड़ा. फिलहार वह रूस में हैं. स्नोडेन को शरण देने से ओबामा रूस पर नाराज हो गए और पुतिन से अपनी बैठक रद्द कर दी.
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बोस्टन धमाके से दहला अमेरिका
लंबे समय बाद अमेरिका में एक आतंकी हमला हुआ. 15 अप्रैल 2013 को बोस्टन शहर में एक मैराथन हो रही थी. इसी दौरान प्रेशर कुकर के जरिए धमाके हुए जिसमें तीन की मौत हो गई और 250 से ज्यादा लोग घायल हो गए. सीसीटीवी फुटेज के जरिए चेचन मूल के दो भाई जोखर और तमरलान सारनाएव की पहचान आरोपियों की रूप में की गई. दोनों भाई पास के ही वॉटरटाउन इलाके में थे. पुलिस के खोजी अभियान और उसके बाद हुई फायरिंग में तमरलान मारा गया. जोखर जख्मी हो गया, लेकिन भाग निकलने में कामयाब रहा. 19 अप्रैल को उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया. उसने बताया कि उन दोनों की न्यूयॉर्क का टाइम्स स्क्वायर भी बम से उड़ाने की योजना थी.
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बांग्लादेश में दर्दनाक इमारत हादसा
24 अप्रैल 2013 की घटना है. राजधानी ढाका के सावर इलाके में एक आठ मंजिला इमारत धराशायी हो गई. इस हादसे में 1,129 लोगों की मौत हो गई और 2500 से ज्यादा लोग घायल हो गए. यह इमारत कपड़े की एक फैक्ट्री थी. इसे आधुनिक इतिहास में अपनी तरह की सबसे बडे हादसों में गिना जाता है. हादसे की यह तस्वीर खासी चर्चित रही जिसमें एक जोड़ा प्रेम की इसी मुद्रा में दुनिया को अलविदा कह गया.
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17 साल बाद शटडाउन के फेर में फंसा अमेरिका
अमेरिका 17 साल बाद ऐसे आर्थिक संकट में फंसा कि उसे शटडाउन (कामबंदी) का ऐलान करना पड़ा. अमेरिका के सरकारी दफ्तरों में तालाबंदी शुरू हो गई. यह नौबत अगले साल के बजट पर सीनेट की  मंजूरी न मिल पाने की वजह से आई. राष्ट्रपति बराक ओबामा ने बिल को पारित करने की अपील की थी, लेकिन हाउस ऑफ रिप्रजटेंटेटिव्स में बिल को लेकर सहमति नहीं बन सकी जिसके बाद कामकाज बंद होने का क्रम शुरू हो गया. 16 दिन बाद ओबामा ने कर्ज सीमा बढ़ाने संबंधी विधेयक पर हस्ताक्षर कर 16 दिनों से जारी गतिरोध को खत्म किया. अगर शटडाउन लंबा खिंचता तो इससे भारत समेत दुनिया भर के बाजारों पर असर पड़ने की आशंका थी.
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नेल्सन मंडेला: चला गया समानता के संघर्ष का योद्धा
नेल्सन मंडेला की शोकसभा में श्वेत मूल के लोग भी उतने ही भावुक हो रहे थे और यही उनका सपना था. रंगभेद के खिलाफ ऐतिहासिक संघर्ष करने वाले पूर्व दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला इस साल दुनिया को अलविदा कह गए. वह लंबे समय से फेफड़ों के संक्रमण से जूझ रहे थे.
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एंजेला मर्केल: नई लौह महिला का उदय
जर्मनी की संसद ने एंजेला मार्केल को इस साल तीसरी बार चांसलर चुना. द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद यह मुकाम हासिल करने वाली वह तीसरी शख्सियत बनीं. यूरोपीय देश जब एक और बड़ी मंदी की ओर बढ़ रहे थे और सत्तारूढ़ दलों के लिए जनता में गुस्सा था, तब एंजेला अपवाद बनकर उभरीं. जर्मनी की सहायता की वजह से यूरोपीय संघ के कई देश दिवालिया होने से बच गए. एंजेला एक ताकतवर लौह महिला बनकर उभरीं. उनकी छवि एक गंभीर और ईमानदार राजनेता की है. अमेरिका का सहयोगी होने के बाद भी अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एंजेला ने जर्मनी को कभी अमेरिका का मोहरा नहीं बनने दिया.
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बांग्लादेश: युद्ध अपराध के कसाई को फांसी
बांग्लादेश की न्यायपालिका ने इस साल 1971 के युद्ध अपराध में शामिल कट्टरपंथी नेताओं के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार किया. आम चुनावों से कुछ ही दिन पहले जमात ए इस्लामी पार्टी के वरिष्ठ नेता अब्दुल कादर मुल्ला को फांसी दे दी गई, जिसके बाद जबरदस्त हिंसक प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया है. इसी साल फरवरी में देश की एक प्राधिकरण ने मुल्ला को दोषी करार दिया था. उन पर आरोप था कि वह पाकिस्तानी सेना के साथ मिलकर लड़ रहे थे और उनकी अगुवाई में देश के कुछ प्रोफेसरों, डॉक्टरों, लेखकों और पत्रकारों की हत्या की गई. उस वक्त वह सिर्फ 22 साल के थे. मुल्ला को बलात्कार, हत्या और सामूहिक हत्या का भी दोषी पाया गया. इनमें 350 निहत्थे नागरिक भी शामिल थे. सरकारी वकील ने उन्हें 'मीरपुर का कसाई' कहा.
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उ. कोरिया के तानाशाह की गर्लफ्रेंड को गोलियों से भूना:
उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग की पूर्व प्रेमिका ह्योन सोल वोल को मशीन गन से भून दिया गया है. ह्योन पर पॉर्न वीडियोज में काम करने का आरोप था. देश के मशहूर रॉक बैंड उनहांसू ऑर्केस्ट्रा की गायक ह्योन सोंग वोल को 11 अन्य गायक कलाकारों के साथ 20 अगस्त को सरेआम बंदूकधारियों ने गोली मार दी. इन सभी को पॉर्नोग्राफी के आरोप में 17 अगस्‍त को गिरफ्तार किया गया था. बताया गया कि किम जोंग की पत्नी भी इस म्यूजिक बैंड का हिस्सा थीं इसलिए हो सकता है कि इस सजा के पीछे पत्नी का हाथ हो. करीब 10 सालों तक ह्योन और किम जोंग का रिश्‍ता चला. उनके पिता किम जोंग इल इस रिश्ते से नाखुश थे और उन्होंने इसे तोड़ने का आदेश दे दिया था. इसके बाद ह्योन ने सेना के वरिष्ठ अधिकारी से शादी कर ली. दोनों का एक बच्‍चा भी है. माना जाता है कि शादी के बाद भी ह्योन और जोंगे के रिश्‍ते थे. यह भी माना जा रहा है कि किम की पत्‍नी राई को इस पर आपत्ति थी.
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सीरिया पर अमेरिका का हमला टला:
सीरिया और अमेरिका के बीच हुए तनाव और उससे हुए ध्रुवीकरण की वजह से पूरी दुनिया में तीसरे विश्वयुद्ध की आशंका से खलबली मच गई. अमेरिकी सीनेट में भीषण आंतरिक संघर्ष से जूझ रहे सीरिया पर सैन्य हमले का प्रस्ताव पास हो गया. दरअसल अमेरिका का दावा था कि सीरियाई सरकार ने विद्रोहियों के खिलाफ रासायनिक हथियारों का प्रयोग किया है, इसलिए उसे सबक सिखाना जरूरी है. सीरिया इस आरोप से इनकार करता रहा. अमेरिका के पक्ष में तमाम यूरोपीय देश आ गए. हमले की आशंका भर से दुनिया भर के बाजार धड़ाम हो गए. अमेरिका के पुराना प्रतिद्वंद्वी रूस के हस्तक्षेप के बाद संकट सुलझा लिया गया.
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