रोमन कैथोलिक चर्च ने बुधवार, 13 मार्च 2013, को अर्जेंटीना के कार्डिनल मारियो बर्गोग्लियो को अपना नया पोप चुना.
पोप की पदवी पाने के बाद लोगों से रुबरु हुए पोप फ्रांसिस प्रथम ने सेंट पीटर्स स्कवेयर पर अपने पहले संबोधन में कहा, 'ऐसा लगता है कि मेरे कार्डिनल भाइयों को पोप चुनने के लिए दुनिया के आखिर तक जाना पड़ा.'
भारतीय वक्त के मुताबिक रात पौने 12 बजे (13 मार्च 2012) वेटिकन सिटी के
सिस्टीन चैपल की चिमनी से सफेद धुआं में छोड़कर पूरी दुनिय़ा को पोप चुने
जाने का संकेत दिया गया.
वेटिकन सिटी में दुनिया भर के 115 कार्डिनल्स ने चुना नया पोप.
वह लातिन अमेरिकी देशों के पहले व्यक्ति हैं जो पोप बने हैं.
उनको पोप फ्रांसिस के नाम से जाना जायेगा.
सेंट पीटर्स में बॉलकोनी में एक कार्डिनल ने घोषणा की , ‘नये पोप को चुन लिया गया.’ इसके बाद नये पोप की पहचान बतायी गयी.
2005 में जब बेनेडिक्ट 16 को पोप चुना गया था तब बर्गोग्लियो दूसरे स्थान पर रहे थे.
76 वर्षीय पोप फ्रांसिस ने अपना जीवन अर्जेंटीना में गुजारा है जहां वह विभिन्न चर्च की देखरेख करते रहे.
इससे पहले कर्डिनल ने सिस्टिन चैपल के भीतर कैथलिक चर्च के प्रमुख के तौर पर नये पोप को चुना.
धुएं के उठते ही सेंट पीटर्स चैराहे पर भीड़ ने जश्न मनाया और घंटिया बजने लगीं.
नये पोप बैनेडिक्ट 16 की जगह लेंगे जिन्होंने पिछले महीने इस्तीफा दे दिया था.
गौरतलब है कि बेनेडिक्ट 16 ने पिछले महीने ही इस्तीफा दे दिया था.
इमारत की चिमनी से उठे सफेद धुएं से यह संकेत मिले.
नए पोप के लिए वेटिकन सिटी को दुल्हन की तरह सजाया गया था.
मारियो बर्गोग्लियो यूरोप के बाहर रहने वाले पहले पोप बने हैं.
नया पोप चुने जाने के बाद वेटिकन सिटी में जश्न का माहौल है.
नया पोप चुने जाने से पहले दुनियाभर के करोड़ों ईसाइयों की आस्था के केंद्र वेटिकन सिटी में इन दिनों तक हलचल रही.
नया पोप चुने जाने के बाद वेटिकन सिटी में जश्न का माहौल दिखा.
नए पोप के लिए जिन नामों की चर्चा हो रही थी, उनमें पहली बार एक अश्वेत भी शामिल था. लेकिन उसके नाम की घोषणा नहीं हुई.
वेटिकन सिटी में चर्च के बाहर मौजूद लोग जश्न मनाते हुए.
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अमेरिकी महाद्वीप से चुने गए पहले पोप फ्रांसिस के चुनाव को एक ऐतिहासिक घटनाक्रम बताया है.
पोप की तस्वीर के साथ एक महिला अपनी खुशी जाहिर करते हुए.
ईसाई धर्म गुरुओं में नए पोप के चुनाव से खुशी की लहर है.
115 रोमन कैथोलिक कार्डिनल्स ने इस चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लिया.
पोप चुनने की प्रक्रिया मंगलवार (12 मार्च) को शुरु हुई थी. इस प्रक्रिया को चर्च के बाहर बड़ी स्क्रीन पर भी देखा जा सका.
नए पोप के चुनाव की प्रक्रिया के दौरान लोगों ने अगाध श्रद्धा जाहिर की.
वेटिकन चर्च की तस्वीर के समक्ष हाथ जोड़कर अपनी आस्था प्रकट करते लोग.
इटली के आर्कबिशप एंगेलो और ब्राजील के ओडिलो को पोप के लिए प्रबल उम्मीदवार माना जा रहा था.
लोग बेसब्री से नए पोप के आने का इंतजार कर रहे थे.
नए पोप ने हाथ उठाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया.
जब नए पोप सामने आ गए तो उनके बाहर आते ही घंटों से इंतजार में खड़े लोग भावुक हो गए.
चर्च के अंदर से लगातार घंटियों की आवाज आ रही थी और बाहर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ नए पोप का स्वागत हो रहा था.
चर्च के अंदर धर्मगुरुओं के साथ बातचीत करते पोप.
अर्जेंटीना के कार्डिनल मारियो बर्गोग्लियो 266वें पोप बने हैं जो तकरीबन 1.2 अरब कैथोलिक ईसाइयों की अगुवाई करेंगे.
सबसे खास बात ये है कि मारियो बर्गोग्लियो पहले ऐसे पोप हैं जिनका संबंध यूरोप के बाहर लैटिन अमेरिका से हैं.
चुनाव के बाद पोप ने इस लम्हे को ट्वीट भी किया और लिखा, 'नया पोप, फ्रांसिस प्रथम बनने पर मैं बेहद खुश हूं.'
पोप फ्रांसिस प्रथम बने मारियो बर्गोग्लियो का जन्म 1936 में अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में हुआ था.
उन्होंने काफी कम उम्र में ही पादरी बनने के लिए अध्ययन शुरू कर किया था.
साल 1969 में मारियो बर्गोग्लियो को पादरी बनाया गया था.
1969 के बाद उन्होंने तेजी से तरक्की की और अपने शहर के आर्चबिशप बन गए.
साल 2001 में उन्हें कार्डिनल नियुक्त किया गया था.
पोप फ्रांसिस प्रथम को रूढि़वादी और सुधारवादी दोनों ही माना जाता है.
नए पोप का सामाजिक न्याय जैसे मुद्दे पर उदारवादी नजरिया है.
यौन संबधी विषयों पर नए पोप के विचार पुरातनपंथी हैं. वे समलैंगिक विवाह के पक्षधर नहीं हैं.
वेटिकन चर्च के बाहर लोग प्रार्थनाएं करते हुए.
नए पोप के नाम की घोषणा सेंट पीटर्स स्कवायर में लोगों की भारी भीड के बीच की गई.
दो तिहाई बहुमत से नए पोप को चुना गया है.
नए पोप के चुनाव के बाद दुनियाभर से उन्हें बधाई संदेश भेजे जा रहे हैं.
नए पोप की नियुक्ती से वेटिकन में खुशी का माहौल है.
जैसे ही नए पोप दुनिया के सामने आए, लोगों के चेहरों पर खुशी देखी गई.
पोप को चुने जाने के वक्त चर्च के बाहर बड़ी तादात में लोग मौजूद थे.
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अमेरिकी महाद्वीप से चुने गए पहले पोप फ्रांसिस के चुनाव को एक ऐतिहासिक घटनाक्रम बताया है और कहा है कि यह इस क्षेत्र की बढ़ती शक्ति तथा उत्साह को प्रदर्शित करता है.
अर्जेंटीना के कार्डिनल जॉर्ज मारियो बर्गोग्लियो को पादरियों की प्रमुख संस्था ने पोप के पद पर नियुक्त किया. ब्यूनस आयर्स के आर्कबिशप बर्गोग्लियोलातिन अमेरिका से चयनित पहले पोप हैं.
ओबामा ने अपने बधाई संदेश में कहा, गरीबों और शोषितों के पैरोकार पोप अपने साथ प्रेम और सहयोग के उस संदेश को आगे बढ़ाते हैं, जिसने दुनिया को दो हजार से भी ज्यादा वर्षों तक प्रेरित किया है. यह संदेश है कि हम एक-दूसरे में ईश्वर का चेहरा देखें.
बराक ओबामा ने यह भी कहा कि वह नए पोप के साथ मिलकर विश्व में शांति, सुरक्षा और लोगों के सम्मान के लिए काम करेंगे.
अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जो बाइडेन औपचारिक समारोह में अमेरिका का प्रतिनिधित्व करने के लिए रोम जाएंगे.
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने कार्डिनल जॉर्ज मारियो बेरगोगलियो को बधाई दी है. बर्गोग्लियो को बुधवार को नया पोप चुना गया था.
बान की मून ने कहा कि वह पोप फ्रांसिस के सही नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र और कैथलिक चर्च के बीच सहयोग जारी रहने की उम्मीद करते हैं. उन्होंने कहा कि सतत विकास संयुक्त राष्ट्र और कैथलिक चर्च का समान लक्ष्य है.
बान की मून ने उम्मीद जताई कि नए पोप अंतर धार्मिक वार्ता को बढ़ावा देने में अपने पूर्ववर्ती पोप बेनेडिक्ट 16वें की विरासत को आगे बढ़ाएंगे, जिसका सभ्यताओं के बीच मैत्री को लेकर उठाए गए कदमों में बहुत महत्वपूर्ण स्थान है.
रोमन कैथोलिक चर्च से जुडे 1.2 अरब ईसाइयों का नेतृत्व करने के लिए चुने गए सर्वोच्च धर्मगुरू जॉर्ज मारियो बर्गोग्लियो ने अपने शांत और विनम्र स्वभाव के कारण एक अलग पहचान बनाई है.
बर्गोग्लियो रूढ़िवादियों और उदारवादियों दोनों से बराबर सम्मान पाते हैं.
बर्गोग्लियो को नया पोप चुन लिए जाने के बाद पूर्व कार्डिनल जार्ज मारियो बर्गोग्लियो को दुनिया मे अब फ्रांसिस प्रथम के नाम से जाना जाएगा.
पोप फ्रांसिस का जन्म अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स मे साल 1936 में एक मध्यमवर्गीय परिवार मे हुआ था.
बर्गोग्लियो पहले ऐसे पोप हैं जिनका संबंध लातिन अमेरिकी क्षेत्र से है.
पोप फ्रांसिस के पिता रेलवे कर्मचारी थे और उनकी माता गृहणी थीं.
पोप फ्रांसिस एक विनम्र और शांत स्वभाव के इंसान हैं.
पोप बड़े ही साधारण और सादे तरीके से अपना जीवन बिताने में विश्वास रखते हैं.
बताया जाता है कि बर्गोग्लियो बस से यात्रा करते थे और जब भी वह विमान से रोम जाते थे तो इकोनॉमी क्लास का टिकट लेते थे.
पोप फ्रांसिस गरीबों के हितों के लिए हमेशा आवाज उठाने के लिए जाने जाते हैं.