भारत में वैसे तो कई बड़े राजघराने हैं, लेकिन जयपुर राज घराना ऐसा भी है जो खुद को भगवान राम का वंशज बताता है. यही नहीं, इस बात का खुलासा उन्होंने अपनी ऑफिशियल साइट पर भी किया है. (फोटो: जयपुर राज घराना खुद को भगवान राम का वंशज बताता है.)
मालूम हो कि जयपुर के पूर्व महाराज भवानी सिंह भगवान राम के बेटे कुश के 309वें वंशज थे. यह बात जयपुर राज घराने की पद्मिनी देवी ने खुद एक टीवी चैनल को इंटरव्यू में बताई थी.
(फोटो: राजा भवानी सिंह की पत्नी पद्मिनी देवी.)
पद्मिनी देवी जयपुर के पूर्व महाराज भवानी सिंह की पत्नी हैं. उनकी बेटी दीया कुमारी हैं, जो फिलहाल जयपुर के सवाई माधोपुर से विधायक भी हैं. महाराज भवानी सिंह की बात की जाए तो वे महाराजा सवाई मानसिंह और उनकी पहली पत्नी मरुधर के बेटे हैं.
(फोटो: जयपुर राजघराने के सदस्य दिवाली काले कपड़ों में मनाते हैं.)
हिमाचल प्रदेश से भी पद्मिनी देवी का कनेक्शन हैं. वे सिरमौर के राजा महाराज राजेन्द्र सिंह महारानी इंदिरा देवी की बेटी है. उन्हें सिरमौर की राजकुमारी भी कहा जाता है. बताया जाता है कि पद्मिमी के पिता और सिरमौर के महाराज राजेन्द्र सिंह और
जयपुर के महाराज मान सिंह द्वितीय अच्छे दोस्त थे. दोनों अक्सर साथ पोलो
खेला करते थे.
(फोटो: जयपुर के पूर्व राजा स्व भवानी सिंह.)
बाद में दोनों की दोस्ती रिश्ते में बदली और भवानी सिंह और पद्मिनी देवी की शादी हुई. दोनों की इकलौती बेटी दिया कुमारी हैं.
(फोटो: भवानी सिंह और पद्मिनी देवी की बेटी दिया कुमारी.)
पद्मिनी देवी और भवानी सिंह की बेटी दीया कुमारी की शादी नरेंद्र सिंह से हुई. उन्हें दो बेटे पद्मनाभ और लक्ष्यराज सिंह हैं. वहीं एक बेटी गौरवी हैं.
(फोटो: लक्ष्यराज सिंह के राजतिलक में डिंपल कपाड़िया.)
बता दें कि भवानी सिंह को सरकार ने ब्रिगेडियर के पद से नवाजा था. उनके निधन के बाद 2011 में वारिस के तौर पर पद्मनाभ सिंह का राजतिलक हुआ. जबकि लक्ष्यराज 2013 में गद्दी पर बैठे थे. लक्ष्यराज के राज तिलक में शिल्पा शेट्टी, सुनंदा थरूर, डिम्पल कपाड़िया समेत कई बड़ी हस्तियों ने शिरकत की थी.
(फोटो: भवानी सिंह को सरकार ने ब्रिगेडियर के पद से नवाजा था)
(Photo Courtesy: Maharaja sawai man singh II Museum)