आपने देखा होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा व्यवस्था काफी खास होती है. वह जहां भी जाते हैं, सुरक्षा व्यवस्था उनके साथ होती है. गाड़ी से लेकर सिक्योरिटी गार्ड्स उनकी सुरक्षा में लगे होते हैं. आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि पीएम मोदी की सुरक्षा कैसे होती है और किस पर इसकी जिम्मेदारी है...
देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा करती है एसपीजी यानि स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप. एसपीजी के कमांडो इतने तेज और चपल होते हैं कि जहां भी पीएम जाते हैं, चप्पे-चप्पे पर इनकी नजर रहती है.
एसपीजी पीएम के आसपास घेरा बनाकर रखती है और हमला होने की स्थिति में इनका काम प्रधानमंत्री को घेरकर उन्हें सुरक्षित रखने के साथ-साथ हमलावर को ढेर करना होता है.
एसपीजी कमांडो हमेशा काला चश्मा पहनकर रखते हैं ताकि वे हर तरफ नजर रख सकें. यह काले चश्मे के पीछे अपनी आंखों को छिपाकर रखते हैं ताकि हर संदिग्ध पर नजर रखी जा सकें और किसी को शक भी न हो.
एसपीजी के कमांडो को मीडिया से बात करने की पाबंदी होती है. इसके अलावा इन्हें किसी भी तरह की कोई किताब, लेटर या अन्य कोई डॉक्यूमेंट ना तो पब्लिश करने की अनुमति होती है ना ही पब्लिश करने में मदद करने की.
गर्मियों में एसपीजी के ये कमांडो सफारी सूट में नजर आते हैं वहीं सर्दियों में ये फॉर्मल सूट पहने नजर आते हैं. ये हमेशा काला चश्मा पहनकर रखते हैं और ईयरपीस के जरिए बात करते हैं.
एसपीजी कमांडो के पास गुप्त हथियार भी होते हैं. साथ ही इनके पास पर्सनल चीजें भी होती हैं जिनमें नोमैक्स कवरॉल, बुलेटप्रूट वेस्ट, दस्ताने, कोहनी और घुटनों के लिए पैड जैसी चीजें होती हैं.
एसपीजी का गठन साल 1988 में हुआ था. एसपीजी 4 भागों में काम करती है. ऑपरेशन्स, ट्रेनिंग, इंटेलिजेन एंड टूअर्स (Intelligence and tours) और एडमिनिस्ट्रेशन.
सुरक्षा की दृष्टि से पीएम नरेंद्र मोदी बुलेटप्रुफ बीएमडब्ल्यू 760 एलआई (BMW 7-Series 760Li) कार में सफर करते हैं.
अगर पीएम पर गैस से अटैक किया जाता है तो इस कार का कैबिन गैस-सेफ चैंबर
में बदल जाता है. बैक-अप के तौर पर कार में ऑक्सीजन टैंक मौजूद होता है.
एसपीजी के कमांडो अपने अदम्य साहस और वीरता के लिए जाने
जाते हैं और किसी भी परिस्थितियों का नीडरता के साथ सामना करने में सक्षम
हैं.
एसपीजी के कमांडो की अपनी अलग शौर्य गाथा है. इसके अधिकारियों ने अब तक 1 शौर्य चक्र, प्रतिष्ठित सेवा के लिए 39 राष्ट्रपति पुलिस पदक और सराहनीय सेवा के लिए 297 पुलिस पदक हासिल किए हैं. साथ ही इसके पहले निदेशक को पद्म श्री से सम्मानित किया जा चुका है.
स्पेशल प्रोटेक्शन फोर्स (एसपीजी) देश की ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने गौरवशाली इतिहास के लिए जाना जाती है. इसके कमांडो अपनी गौरवगाथा की नित नई कहानी लिखते हैं. एसपीजी इस साल 2 जून को अपनी कामयाबी के 33 साल पूरा कर लेगा.
इसके अलावा कार में इमरजेंसी एग्जिट होती है इसके साथ ही कार के शीशे भी बुलेट प्रूफ होते हैं.