बचपन में टीवी सिर्फ हम सीरियल या फिल्म देखने के लिए नहीं देखते थे. साल 90 के उस दौर में ब्रेक के दौरान आने वाले कुछ खूबसूरत विज्ञापन हमें आज भी याद
हैं. आगे तस्वीरों के जरिए अपनी बचपन से जुड़े कुछ विज्ञापन की यादों को ताजा कीजिए..
एक्शन का स्कूल टाइम: जिस उम्र में हमें जूते के फीते भी बांधने नहीं आते थे, उस उम्र में खूबसूरत से इस बच्चे को एड में देखकर तमन्ना उठती थी कि चमकते
पॉलिश किए हुए जूते पहनकर हम भी स्कूल जाएं.
जलेबी: घर छोड़कर जाने का इरादा लिए एक बच्चा. स्टेशन में मिले दादा जी और बस एक शब्द, जलेबी. इतना सुनते ही बच्चा घर वापस जाने का फैसला कर लेता है.
एड था धारा का. एड में बच्चे की क्यूटनेस आज भी लोगों को याद है.
I LOVE YOU RASNA: एक रुपये या अठन्नी में मिरिंडा का स्वाद देने वाला रसना, बच्चों के बीच काफी पसंद किया गया. जिस उम्र में बच्चे A,B,C,D लिखना
सीख रहे थे, उस उम्र में वही बच्चे खेल खेल में I LOVE YOU RASNA कहना नहीं भूलते थे.
हमारा बजाज: बजाज स्कूटर अब हमारे बीच नहीं रहा! बजाज ने स्कूटर बनाने बंद कर दिए हैं. लेकिन इस स्कूटर और इसके एड से लोगों की इतनी यादें जुड़ी हुई हैं कि
आज भी लोग गुनगुना ही देते हैं, हमारा कल..हमारा आज, बुलंद भारत की बुंलद तकदीर...हमारा बजाज.
जोर लगाके हइशा: राजू हिरानी को जब कम ही लोग जानते थे, तब वो फेविकॉल के एक एड में दिखाई दिए. एड के बोल इतने दिलचस्प थे कि लगभग हर उम्र के लोगों
के बीच ब्रांन्ड ने बहुत तेजी से अपनी जगह बना ली. बच्चे स्कूल, गली मोहल्लों में खेलते वक्त कहने लगे थे कि जोर लगाके हइशा.
आई एम ए COMPLAN BOY: छुटपन में मां-बाप के अलावा हम किसी और के भी ब्वॉय या गर्ल होते थे. और वो था COMPLAN. इस एड की पंचलाइन ऐसी थी कि
स्कूल में पढ़ने वाले लड़के-लड़कियां आपस में आई एम ए COMPLAN BOY/ COMPLAN GIRL कहते रहते थे.
ऐसे दूर होती है खिच खिच: Vicks की गोली लो, खिचखिच दूर करो. विक्स के इस एड के आते ही ये पंचलाइन और विक्स की कंपनी को काफी लोकप्रियता मिली थी.
आम लोगों के अलावा बड़े लोग भी इस पंचलाइन का व्यंग्य की तरह इस्तेमाल करने लगे थे.
वॉशिंग पाउडर निरमा: हेमा, रेखा, जया और सुषमा, सबकी पसंद निरमा. इस गाने के साथ एड ने भारतीय समाज की महिलाओं को ये आत्मविश्वास दिया कि निरमा लेने
से कपड़े निखर जाएंगे.
बारातियों का स्वागत पान पराग से हो: शम्मी कपूर और अशोक कुमार का पान पराग का वो एड, जिसमें शादी में दहेज की मांग नहीं, पान पराग की मांग की गई.
हालांकि ये एड उस वक्त के बच्चों को भले ही समझ न आया हो, लेकिन इसके बावजूद एड ने काफी लोकप्रियता बटोरी थी.
ला लला ला: LIRIL का एड जब पहली बार भारतीय टीवी पर दिखाई दिया तो ये अपने आप में पहला प्रयोग था. लेकिन आकर्षक अंदाज से बनाया गया ये एड लोगों के
जेहन में आज भी ताजा है.