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Sedition Law in India: राजद्रोह कानून आखिर है क्या? कितनी सजा होती है? जानिए हर डिटेल

Sedition Law in India: राजद्रोह कानून आखिर है क्या? कितनी सजा होती है? जानिए हर डिटेल

देशद्रोह कानून पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को फिर सुनवाई की गई. ज‍िसमें सरकार ने कोर्ट को बताया कि जब तक देशद्रोह क़ानून पर पुनर्विचार होगा, तब तक कुछ उपाय किए जा सकते हैं. सरकार ने इस सम्बंध में कुछ उपाय का मसौदा बनाया भी है. सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि हालांकि संज्ञेय अपराध के मामले में FIR दर्ज करने से हम रोक नहीं सकते हैं, लेकिन देशद्रोह कानून दर्ज करने के लिए SP रैंक के अधिकारी की इजाजत लेनी होगी. देशद्रोह के अनगिनत मामले अदालतों के सामने लंबित हैं इसलिए इसमें अदालतों को ही तय करना होगा. इन धाराओं से जुड़े मामलों में जमानत की अर्जी पर शीघ्र सुनवाई का प्रावधान होगा. लेक‍िन इन सबके बीच सवाल ये है क‍ि राजद्रोह कानून आखिर है क्या? कितनी सजा होती है? जानिए हर डिटेल.

Mahatma Gandhi was against the law of sedition in India. He once stated that section 124A of the IPC was made to restrict the freedom of citizens. Though this law is still in practice. After the arrest of Navneet Rana and Ravi Rana, the sedition law talks are on again. This is not the first time there has been a nationwide debate regarding sedition law. Watch this video to know more.

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