केंद्र सरकार के महाराष्ट्र में हिंदी को अनिवार्य करने के फैसले के खिलाफ उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे 5 जुलाई को साझा रैली करने के लिए एक साथ आ गए हैं। पहले दोनों अलग-अलग तारीखों, 6 और 7 जुलाई को मोर्चे निकालने वाले थे, लेकिन राज ठाकरे ने कहा कि 'विषय एक है, हमारा और मराठी। उसके दो दो बड़े मोर्चे निकलेंगे, उसे मैसेज ठीक नहीं जाएगा।