ट्रिपल तालक को "असंवैधानिक, स्पष्ट रूप से मनमाना, लिंग भेदभावपूर्ण और समानता के अधिकार का उल्लंघन" के रूप में प्रतिबंधित करने के पांच साल बाद सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ ने मंगलवार को मुसलमानों के बीच बहुविवाह और 'निकाह हलाला' की प्रथाओं पर प्रतिबंध लगाने की मांग वाली नौ याचिकाओं पर सुनवाई की. पांच जजों की इस पीठ में जस्टिस इंदिरा बनर्जी, हेमंत गुप्ता, सूर्यकांत, एमएम सुंदरेश और सुधांशु धूलिया हैं. पीठ ने केंद्र, राष्ट्रीय महिला आयोग, अल्पसंख्यकों के लिए राष्ट्रीय आयोग, NHRC को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पीठ मामले में दशहरे के बाद सुनवाई करेगी.