अमेरिका ने भारत को झुकाने के लिए 50% टैरिफ लगाया, लेकिन भारत ने झुकने के बजाय विकल्प तलाशे. इसी का नतीजा है कि भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच ऐतिहासिक ट्रेड डील हुई, जिसे 'मदर ऑफ ऑल डील' कहा जा रहा है. इस समझौते से भारत को दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बाजार मिल गया है. डोनाल्ड ट्रंप को लगा था कि भारत अमेरिकी बाजार खोने का जोखिम नहीं उठाएगा, लेकिन भारत ने यूरोप के साथ साझेदारी कर अमेरिकी दबाव को नाकाम कर दिया. यह डील 2027 से लागू होगी और भारत को नई संभावनाएं देगी. भविष्य में भारत को टैरिफ और ट्रेड से धमकाना मुश्किल होगा और अब दबाव अमेरिका पर है कि वो भारत से उसकी शर्तों पर डील करे.