अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा भारत पर लगातार टैरिफ बढ़ाने की धमकियों के बाद भारत ने पहली बार आधिकारिक रूप से जवाब दिया है. विदेश मंत्रालय ने रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर अमेरिका और यूरोपीय यूनियन को आईना दिखाया. विदेश मंत्रालय ने कहा कि वे देश हमें क्या नसीहत देंगे जो खुद रूस से अरबों डॉलर का कारोबार कर रहे हैं.