लक्षद्वीप में भारत का पहला OTEC (Ocean Thermal Energy Conversion) आधारित डीसैलिनेशन प्लांट तैयार किया जा रहा है, जो समुद्री पानी को पीने योग्य बनाने में मदद करेगा. यह परियोजना इज़राइल की तकनीक से प्रेरित है और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. इस प्लांट के जरिए द्वीप क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की समस्या को दूर करने के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा.