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Gyanvapi Controversy: 1669 में औरंगजेब ने दिया था मंदिर गिराने का फरमान! देखें आजतक से वकीलों की खास बातचीत

Gyanvapi Controversy: 1669 में औरंगजेब ने दिया था मंदिर गिराने का फरमान! देखें आजतक से वकीलों की खास बातचीत

ज्ञानवापी का केस अब अहम पड़ाव पर है. ज्ञानवापी मस्जिद से जुड़े सवाल अभी कोर्ट में हैं जिनके जवाब की तलाश की जा रही है. एक दिन बाद वाराणसी जिला कोर्ट में सुनवाई होने जा रही है. हिंदू पक्ष और मुस्लिम पक्ष अपने अपने तर्क रख रहे हैं. ज्ञानवापी की असलियत को जानने के लिए आजतक ने बात की देश के जाने माने वकील नित्यानंद राय और याचिकाकर्ता के वकील अनुपम द्विवेदी से. जिन्होंने दावा किया है कि साल 1669 में औरंगजेब ने एक फरमान जारी किया था जिसमें बनारस के सभी मंदिरों को गिराने का आदेश था. लेकिन बड़ा सवाल ये है कि क्या ज्ञानवापी के मसले को सुलझाने के लिए एक्ट 1991 में कोई बदलाव हो सकता है या नहीं. देखिए इस रिपोर्ट में.

The case of Gyanvapi is now at its important phase, where court is about to decide all the questions related to it. Everyone is busy in finding all those questions which are arising day by day. To know all the legalities about the Gyanvapi case, aajtak had a conversation with famous lawyer Nityanand Ray and petitioner's lawyer Anupam Dwivedi. Who stood up with all those documents and facts which are in favour of Hindu side. According to them there was a notice given by Mughal Emperor Aurangzeb in 1669 due to which all temples in Banaras were attacked. See this full report.

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