लालकिले की मेहराबें और मीनारें इतनी खौफज़दा तब भी नहीं थीं, जब इनकी सरपरस्ती शाहजहां और औरंजेब जैसे शासकों के हिस्से थी. तब भी इस कदर नहीं कांपा था लाहौरी दरवाजा, जब लुटेरे नादिरशाह ने इस पर अधिकार किया था. लालकिले का बलुआ पत्थर सिसक उठा उस दस्तूर पर जो उपद्रवियों ने किया. तड़प उठा लालकिला अपने ही लोगों को अपनी ही छाती पर कील ठोंकते देखकर. लालकिले की गलियां गर्दिश में थीं. ये दीवारें देश की ताकत का प्रतीक हैं. मुगलों से लेकर अंग्रेजों तक ना जाने कितनी चेहरे बदले. जिस दिन इसकी प्राचीर पर तिरंगा लहराया उस दिन से ये हिंदुस्तान हो गया. तिरंगा इसका इमान हो गया और जय हिंद इसका सम्मान हो गया. देखें लाल किले का पूरा इतिहास.
On every Independence Day, successive prime ministers have hoisted the national flag from Red Fort and addressed the nation from the rampart adjacent to the Lahori Gate.