यूजीसी के नए नियमों को लेकर कॉलेज और विश्वविद्यालयों में जातिवाद को लेकर बड़ा विवाद शुरू हो गया है. सुप्रीम कोर्ट के वकील विष्णु जैन का कहना है कि ये नियम अनुच्छेद 14 के तहत भेदभाव करते हैं और आवश्यक वर्गीकरण का अभाव है. दूसरी तरफ, वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष का तर्क है कि ये नियम दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के छात्रों की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं. दोनों के विचारों से दिखता है कि यह विवाद अब सामाजिक और कानूनी दोनों स्तरों पर गहराता जा रहा है.