विपक्षी नेताओं का दावा है कि सीएए और एनआरसी एक ही मुद्दे हैं, जबकि यह दोनों अलग-अलग मुद्दे हैं. सीएए कानून पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के गैर-मुसलमों को भारतीय नागरिकता देने के लिए लाया गया है, जबकि एनआरसी अभी देश में आया ही नहीं है. वीडियो देखिए.