आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी की बहन और कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष वाईएस शर्मिला ने प्रदेश की जगन मोहन सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. उन्होंने विजयवाड़ा में पार्टी कार्यालय के बाहर धरना दिया. इस दौरान उन्होंने कहा कि बढ़ती बेरोजगारी आंध्र प्रदेश में लोगों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गई है. उन्होंने कहा कि राज्य में 21,000 से ज्यादा बेरोजगारों ने सुसाइड कर लिया है.
वाईएस शर्मिला ने कहा कि एक सर्वे से पता चलता है कि पिछले पांच साल में 21000 बेरोजगार लोगों ने आत्महत्या कर ली है. क्या यह प्रदेश सरकार की विफलता नहीं है? बेरोजगार युवाओं की मौत का जिम्मेदार कौन है? मौजूदा सरकार उनकी मौत के लिए ज़िम्मेदार है. उन्होंने कहा कि ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट समेत बड़ी संख्या में बेरोजगार लोग अल्प वेतन के लिए मेहनत कर रहे हैं.
कांग्रेस नेता शर्मिला ने कहा कि जैसे ही चंद्रबाबू नायडू का कार्यकाल खत्म हुआ, तब 1.40 लाख नौकरियां खाली थीं. ऐसे में सवाल उठता है कि जगन सरकार ने इन पदों को क्यों नहीं भरा? जबकि टीडीपी शासन के दौरान जगन मोहन रेड्डी ने 7000 खाली पदों को भरने के लिए विरोध प्रदर्शन किया था.
आंध्र प्रदेश कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि सरकार ने सत्ता में आने से पहले 2.30 लाख सरकारी नौकरियों को भरने का वादा किया था. इसमें हर साल जॉब कैलेंडर जारी करने का भी वादा किया गया था. साथ ही कहा कि 23 हजार शिक्षक पदों को भरने के लिए एक मेगा डीएससी अधिसूचना जारी करने का भी वादा किया था. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को सत्ता में आए 5 साल हो गए हैं, लेकिन इनमें से कोई भी काम पूरा नहीं हुआ.
जगन रेड्डी और कुंभकर्ण के बीच तुलना करते हुए शर्मिला ने सवाल किया कि क्या वह इन सभी पांच वर्षों में सोए थे. उन्होंने 6,000 शिक्षक पदों के लिए अधिसूचना जारी करने के सरकार के फैसले को चुनावी स्टंट करार दिया. वाईएस शर्मिला ने सवाल पूछते हुए कहा कि पिछले पांच साल से सरकार क्या कर रही है? क्या वे अंधे घोड़ों के दांत साफ़ करने जैसे काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जगन रेड्डी के कार्यकाल में केवल 1.20 लाख पदों को भरा गया है. शर्मिला ने यह भी आरोप लगाया कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी सरकार 'चलो सचिवालय' मार्च से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार और हिरासत में ले रही है.