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World Bicycle Day: कार-बाइक की बजाय साइकिल से चलें तो कितना फायदा होगा? जानें

अगर हर भारतीय कम दूरी के लिए कार या बाइक की जगह साइकिल का इस्तेमाल करने लग जाए तो इससे हर साल 1.80 लाख करोड़ रुपये की बचत होने की उम्मीद है.

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भारत में आम आदमी के लिए साइकिल प्रमुख साधन है. (फाइल फोटो-PTI)
भारत में आम आदमी के लिए साइकिल प्रमुख साधन है. (फाइल फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • भारत में हर दूसरे परिवार के पास साइकिल
  • देश में सालाना 2.2 करोड़ साइकिल बनती हैं
  • भारत की साइकिल इंडस्ट्री दूसरे नंबर पर

अगर हर भारतीय कम दूरी के लिए कार और बाइक की बजाय साइकिल का इस्तेमाल करना शुरू कर दे, तो इससे हर साल 1.80 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बचत हो सकती है. इतना ही नहीं, अगर 8 किलोमीटर की दूरी के लिए कार और बाइक की बजाय 50% लोग भी साइकिल से जाने लगें तो इससे सालाना 27 अरब रुपये के तेल की बचत हो सकेगी. 

ये बातें द एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट (TERI) की एक स्टडी में सामने आई थी. इस स्टडी में ये भी सामने आया था कि अगर 5 किमी की दूरी तक जाने के लिए 50% लोग कार और बाइक की जगह साइकिल का इस्तेमाल करें तो इससे उनकी हेल्थ भी सुधरेगी, जिससे हर साल 1,435 अरब रुपये की बचत होने की उम्मीद है. 

इसके अलावा वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी, जिससे सालाना 241 अरब रुपये बचाए जा सकेंगे. साइकिल की वजह से जाम भी नहीं लगेगा, जिससे ट्रैवल टाइम बचेगा और इससे 112 अरब रुपये का फायदा होने की उम्मीद है. 

आज वर्ल्ड साइकिल डे है. अप्रैल 2018 में संयुक्त राष्ट्र ने हर साल 3 जून को ये दिन मनाने का ऐलान किया था. इसका मकसद था लोगों को साइकिल के इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया जा सके. क्योंकि साइकिल चलाने से न सिर्फ हम सेहतमंद बने रह सकते हैं, बल्कि हमारे पर्यावरण की सेहत भी अच्छी बनी रहेगी. 

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भारत में आधे घरों में साइकिल

भारत में आम आदमी के लिए आने-जाने के लिए साइकिल प्रमुख साधन रही है. यही वजह है कि अभी भी देश के आधे घरों में साइकिल है.

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS-5) के आंकड़ों के मुताबिक, देश में 50.4% परिवारों के पास साइकिल है. 2015-16 की तुलना में ये आंकड़ा थोड़ा कम हुआ है. उस समय देश में 52 फीसदी से ज्यादा परिवारों के पास साइकिल थी.

हालांकि, इसके बावजूद भारत में साइकिल का क्रेज बढ़ता जा रहा है. भारत की साइकिल इंडस्ट्री दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी साइकिल इंडस्ट्री है. साइकिल इंडस्ट्री का सालाना टर्नओवर करीब 7 हजार करोड़ रुपये का है. 

भारत में हर साल तकरीबन 2.2 करोड़ साइकिल बनती हैं. इंडस्ट्री रिपोर्ट के मुताबिक, 2018-19 में 2.2 साइकिल की बिक्री हुई थी. 2019-20 में 1.8 करोड़ साइकिल बिकी थीं.

हर दिन 11 साइकिल सवारों की होती है मौत

भारत में सड़क हादसों में हर दिन 11 साइकिल सवारों की मौत हो जाती है. सड़क-परिवहन मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, 2020 में भारत में सड़क हादसों में 1.31 लाख लोगों की जान गई थी, जिसमें 4167 मौतें साइकिल सवारों की हुई थी. यानी हर दिन औसतन 11 साइकिल सवारों की मौत हो जाती है. 2018 से 2020 तक देश में 12 हजार से ज्यादा साइकिल सवारों की मौत हो चुकी है. 

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साइकिल के इस्तेमाल नीदरलैंड्स सबसे आगे

दुनियाभर में करीब 1 अरब साइकिलें हैं. इनमें से 2.3% साइकिल नीदरलैंड्स में हैं. नीदरलैंड्स को साइकिलों का देश भी कहा जाता है. यहां हर एक व्यक्ति पर औसतन 1.3 साइकिल है. 

नीदरलैंड्स के बाद डेनमार्क है, जहां हर एक व्यक्ति पर 0.8 साइकिल है. उसके बाद जापान में 0.6, बेल्जियम में 0.5, चीन में 0.4 और अमेरिका में 0.3 साइकिल है.

ऑल इंडिया साइकिल मैनुफैक्चरर्स एसोसिएशन (AICMA) के मुताबिक, पहले भारत की साइकिल इंडस्ट्री हर साल 5 से 7% तक बढ़ रही थी, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से इसमें अब 15-20% की ग्रोथ आने की उम्मीद है.

 

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