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Android यूजर्स सावधान! फोन में SMS स्कैम कर सकता है Wingo ऐप... गृह मंत्रालय का चला चाबुक

भारत में Android फोन यूजर्स के लिए एक बड़ा साइबर अलर्ट जारी किया गया है. 'Wingo' नाम के ऐप के जरिए यूजर्स की जानकारी के बिना उनके मोबाइल का इस्तेमाल फर्जी SMS भेजने के लिए किया जा रहा था, जिस पर गृह मंत्रालय (MHA) ने अब डिजिटल स्ट्राइक की है.

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विंगो ऐप के Telegram और यूट्यूब अकाउंट पर भी एक्शन (Photo: Pexels)
विंगो ऐप के Telegram और यूट्यूब अकाउंट पर भी एक्शन (Photo: Pexels)

भारतीय गृह मंत्रालय (MHA) के साइबर विंग I4C ने Android यूजर्स को निशाना बनाने वाले 'Wingo' ऐप नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. यह ऐप यूजर्स के मोबाइल फोन का अनधिकृत इस्तेमाल कर उनकी जानकारी के बिना फर्जी और धोखाधड़ी वाले SMS भेज रहा था. मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने Wingo ऐप के कमांड एंड कंट्रोल सर्वर को पूरी तरह जियो-ब्लॉक (Geo-block) कर दिया है. 

इसके अलावा, इस फ्रॉड को बढ़ावा देने वाले 4 टेलीग्राम चैनलों को भी बंद कर दिया गया है, जिनसे करीब 1.53 लाख यूजर्स जुड़े हुए थे. इस नेटवर्क से संबंधित 53 से ज्यादा यूट्यूब वीडियो को भी प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है. 

साइबर सिक्योरिटी एजेंसियों के मुताबिक, यह नेटवर्क बड़े पैमाने पर साइबर धोखाधड़ी को अंजाम दे रहा था. फिलहाल मामले की विस्तृत जांच चल रही है और गृह मंत्रालय ने सभी मोबाइल यूजर्स को ऐसे अनजान ऐप्स से सतर्क रहने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी है.

कैसे काम कर रहा था Wingo ऐप का जाल?

जांच में सामने आया है कि Wingo ऐप चोरी-छिपे यूजर्स के फोन का कंट्रोल हासिल कर लेता था. इसके बाद, यूजर को पता भी नहीं चलता था और उसके नंबर से दूसरे लोगों को संदिग्ध और फर्जी मैसेज भेजे जा रहे थे. यह न केवल यूजर की प्राइवेसी का उल्लंघन है, बल्कि इसके जरिए अन्य लोगों को भी ठगी का शिकार बनाया जा रहा था. I4C ने इस नेटवर्क के तकनीकी ढांचे (Command & Control Server) को ब्लॉक कर इसके संचालन को ठप कर दिया है.

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Telegram और YouTube पर भी हुई डिजिटल स्ट्राइक

धोखाधड़ी के इस खेल को सोशल मीडिया के जरिए बड़े पैमाने पर फैलाया जा रहा था. टेलीग्राम पर बने 4 बड़े चैनलों के जरिए करीब 1.53 लाख लोगों को इस जाल में फंसाने की कोशिश की जा रही थी, जिन्हें अब ब्लॉक कर दिया गया है. इसके साथ ही, यूट्यूब पर मौजूद उन 53 वीडियो को भी डिलीट करवा दिया गया है, जो इस ऐप का प्रचार कर रहे थे या इसे डाउनलोड करने का तरीका बता रहे थे.

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मंत्रालय की सख्त सलाह...

गृह मंत्रालय और I4C ने साफ किया है कि साइबर अपराधियों के इस नेटवर्क पर चोट करना जरूरी था, जिससे आम नागरिकों का डेटा सुरक्षित रहे. यूजर्स को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही एप्लिकेशन डाउनलोड करें और ऐप को दी जाने वाली 'SMS' या 'File Access' जैसी अनुमतियों (Permissions) की बारीकी से जांच करें. अगर आपके फोन में ऐसा कोई ऐप है, तो उसे तुरंत हटा दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट करें.

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