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एक मैसेज से हैक हो सकता है आपका वॉट्सऐप, विदेश से चल रहा था ठगी का धंधा, एक नाइजीरियाई गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने एक नाइजीरिया गैंग का भंडाफोड़ किया है, जो महज एक मैसेज के ज़रिए किसी का भी व्हाट्सएप हैक कर लेता था. पुलिस ने इस मामले में अब तक एक नाइजीरियाई नागरिक को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया है.

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नाइजीरिया से ठगी कर रहे गिरोह का भंडाफोड़, एक नाइजीरियाई नागरिक गिरफ्तार नाइजीरिया से ठगी कर रहे गिरोह का भंडाफोड़, एक नाइजीरियाई नागरिक गिरफ्तार
स्टोरी हाइलाइट्स
  • एक मैसेज के ज़रिए करते थे व्हाट्सएप हैक
  • नाइजीरिया से चल रहा था ठगी का गिरोह
  • बेंगलुरू से एक नाजीरियाई को गिरफ्तार किया

दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने एक ऐसे नाइजीरियाई गैंग का भंडाफोड़ किया है, जो महज एक मैसेज के ज़रिए किसी का भी व्हाट्सएप हैक (Whatsapp hack) कर लेता था. हैक करने के बाद उसके कॉन्ट्रैक्ट्स (संपर्कों) को मैसेज और फर्जी तस्वीरें भेज कर पैसे मांगा करता था. 

पुलिस ने इस मामले में अब तक एक नाइजीरियाई नागरिक को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया है. पुलिस ने उसके पास से चार मोबाइल फोन, 8 एटीएम कार्ड और कई सिम भी बरामद किए हैं. इस गैंग का सरगना नाइजीरिया में बैठकर गैंग को ऑपरेट कर रहा है.

कैसे करते थे Whatsapp हैक

पुलिस के मुताबिक, ठगों का एक गैंग नाइजीरिया में बैठकर व्हाट्सएप के ज़रिए एक मैसज भेजता है, जिसमें 6 डिजिट का कोड भी होता है. मैसेज इस तरह से भेजा जाता है कि ऐसा लगे जैसे कि ये वाट्सएप्प अपडेट करने के लिए आया है. जैसे ही कोई शख्स उस मैसेज को ओपन कर, वह 6 डिजिट का कोड एंटर करता, व्हाट्सएप हैक हो जाता है. उसके फोन से व्हाट्सएप पूरे डेटा के साथ गायब हो जाता. इसके बाद, हैकर उस व्हाट्सएप अकाउंट को अपने मोबाइल में डाउनलोड कर उसे अपने हिसाब से चलाता था. 

फर्जी फोटो भेज दोस्तों-रिश्तेदारों से वसूले पैसे

2 नवंबर को दिल्ली के तिलक मार्ग थाने में एक शख्स ने शिकायत की थी कि अचानक से उनके पास उनके जानकारों के फोन आने लगे हैं और वे लोग उनसे उनकी तबीयत के बारे में पूछ रहे हैं. इस पर जब उन्होंने अपने जानकारों से बात की तो पता चला कि उन लोगों के मोबाइल पर उनकी कुछ ऐसी फोटो आईं जिसमें वह बेहद बीमार नजर आ रहे हैं और हॉस्पिटल में एडमिट हैं. यह कहकर उनके द्वारा पैसे मांगे गए. कुछ लोगों ने तो ऐसी हालत देखकर तुरंत बताए गए अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर दिए. शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने तिलक मार्ग थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी.

ऐसे पकड़ा गया गैंग
दिल्ली पुलिस के पास आरोपियों तक पहुंचने का सिर्फ़ एक ज़रिया था- वह बैंक अकाउंट जिसमें लोगों ने पैसे ट्रांसफर किए थे. यह बैंक अकाउंट बेंगलुरु का था, जिसके लिए पुलिस की एक टीम बेंगलुरु पहुंची. वहां पता चला कि इस अकाउंट को नाइजीरिया का कोई शख्स हैंडल कर रहा है और वह पास के ही एक एटीएम से इस बैंक अकाउंट में जमा कैश भी निकालता है. 

इसके बाद पुलिस ने एटीएम के आस-पास ट्रैप लगा दिया. 16 नवंबर की दोपहर करीब 1:30 बजे आरोपी नाइजीरियाई नागरिक कैश निकालने एटीएम पहुंचा. पैसा निकालकर जैसे ही वह जाने लगा, पुलिस ने उसे पकड़ लिया. पूछताछ में पता चला है कि गैंग का सरगना नाइजीरिया में बैठता है. यह लिंक उसी ने बनाया है और वही व्हाट्सएप मैसेज लोगों के मोबाइल फोन पर भेजा जा रहा है. जांच में पता लगा है कि ये लोग एक महीने में ही बैंक अकाउंट बन्द कर देते थे. 

दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस तरीके के किसी भी लिंक, खासकर अगर कोई लिंक अनजान नंबर से आया है तो उसे डाउनलोड करने से बचें वरना आप भी इसी तरह की ठगी के शिकार हो सकते हैं.

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