
कोरोना की मार झेल रहे भारत में सोमवार को चक्रवाती तूफान Tauktae ने अपना तांडव दिखाया. सबसे पहले महाराष्ट्र से टकराने के बाद अब ये तूफान गुजरात के इलाकों में एक्टिव है. मौसम विभाग द्वारा पहले ही चेतावनी दी गई थी कि ये तूफान बड़ी तबाही मचा सकता है, ऐसे में सभी राज्य सरकारें पहले से एक्टिव थीं.
तैयारियों के बावजूद इस तूफान ने अपना विकराल रूप दिखाया है. महाराष्ट्र, दमन और दीव, गुजरात के तटीय इलाकों में इस महातूफान का तांडव दिखा है.
करीब 2 लाख लोगों को करना पड़ा शिफ्ट, 410 समुद्र में फंसे
सोमवार दोपहर को Tauktae के कारण महाराष्ट्र में तेज़ आंधी, तूफान और बारिश आई, जिसके बाद गुजरात में इस तूफान ने प्रवेश किया. यहां करीब 185 प्रति घंटे के हिसाब से हवाएं चल रही थीं. तूफान के इस असर के कारण ही गुजरात की सरकार ने करीब 2 लाख लोगों को शिफ्ट किया, जो मुख्य रूप से गुजरात के तटीय इलाकों में रहते थे.
चिंता की बात ये है कि अरब सागर में 410 लोगों के साथ दो नाव अभी भी भटकी हुई है, नौ सेना की ओर से इनको ढूंढने का अभियान चलाया जा रहा है. लेकिन तूफान इतना खतरनाक है कि अभी तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है.

महाराष्ट्र में 6 लोगों की मौत, कई जगह नुकसान
गुजरात में प्रवेश से पहले इस तूफान ने महाराष्ट्र में अपना व्यापक असर दिखाया. इस महातूफान के कारण महाराष्ट्र के कोंकण इलाके में 6 लोगों की जान चली गई, जबकि 3 नाविक अभी भी गायब हैं. मरने वालों में कुछ लोग वो भी हैं, जिन्होंने तूफान के बीच पेड़ के गिरने से अपनी जान गंवाई.
मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई शहरों में तूफान के दौरान पेड़, बोर्ड, खंबे गिरने की शिकायतें आईं, जिनके कारण जाम लगा, तो आम लोगों को समस्या का सामना करना पड़ा. मुंबई एयरपोर्ट को पहले ही तूफान की वजह से बंद करना पड़ा था, उसके बाद जब गुजरात में इस तूफान ने प्रवेश किया तो वहां भी अहमदाबाद, सूरत, राजकोट के एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया.
When made landfall in Diu a short while ago. (Via /)
— Shiv Aroor (@ShivAroor)
केंद्र ने बढ़ाया मदद का हाथ, सेना भी लगी मोर्चे पर
चक्रवाती तूफान Tauktae के कारण सबसे प्रभावित महाराष्ट्र, गुजरात और दमन-दीव ही हैं. ऐसे में केंद्र की ओर से राज्यों को मदद का भरोसा दिया गया. तूफान आने से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों, प्रभावित इलाकों के अधिकारियों के साथ बैठक की थी. इसके अलावा खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते दिन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से फोन पर बात की.
केंद्र की ओर से कई एजेंसियों को मोर्चे पर लगाया हुआ है, वो वहीं समुद्री इलाकों के आसपास भारतीय नौसेना पूरी तरह से एक्टिव है और हर इंतजाम कर रही है. वहीं, भारतीय सेना की भी दर्जनों टीमें प्रभावित राज्यों के अलग-अलग इलाकों में फैली हुई हैं, जहां स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर वो काम कर रही हैं.