सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत मध्य प्रदेश की जेल में डिटेंशन में रखे गए एक कानून के छात्र की तत्काल रिहाई का आदेश दिया है. यह छात्र 2024 से NSA के तहत जेल में बंद था. अदालत ने पाया कि उसकी हिरासत न केवल असंवैधानिक है, बल्कि इसमें प्रक्रिया की गंभीर अनदेखी को भी गई है.
अदालत ने साफ तौर पर कहा कि जिस आधार पर छात्र को डिटेंशन में लिया गया, वह राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 1980 की धारा 3(2) की शर्तों को पूरा नहीं करता. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा, "अपीलकर्ता की डिटेंशन पूरी तरह से अस्थिर और अवैध हो जाती है."
यह भी पढ़ें: 'भाई का केस प्रतिशोध से प्रेरित...', हाईकोर्ट ने बहन की सास और पति के खिलाफ FIR रद्द की
अपील की सुनवाई जिला कलेक्टर ने की थी!
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि हिरासत को कई अन्य कारणों से भी अवैध ठहराया जा सकता है. इसमें सबसे प्रमुख यह है कि छात्र द्वारा की गई अपील की सुनवाई जिला कलेक्टर ने ही कर दी, और उसे राज्य सरकार तक आगे नहीं बढ़ाया गया, जैसा कि कानून में कहा गया है.
NSA के आदेश के चलते हिरासत में है छात्रा
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि जब छात्र पहले से ही अन्य आपराधिक मामलों में हिरासत में था, तो यह जांच नहीं की गई, लेकिन फिर उसकी डिटेंशन की क्या जरूरत थी, जबकि वह पहले से सामान्य न्यायिक प्रक्रिया के तहत बंद था. कोर्ट ने यह भी बताया कि छात्र को 28 जनवरी को जमानत मिल चुकी है, लेकिन वह अभी भी सिर्फ NSA के आदेश के चलते हिरासत में है.
यह भी पढ़ें: 'PAK के आतंकवाद छोड़ने तक सिंधु जल संधि लागू नहीं...', भारत ने खारिज किया कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए सुनवाई पूरी की कि इस फैसले पर आदेश बाद में जारी किया जाएगा. फिलहाल, छात्र को तुरंत रिहा करने का निर्देश दे दिया गया है.