कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी से जुड़े वोटर लिस्ट मामले में सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई. मामले की सुनवाई के दौरान कांग्रेस की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने अदालत से जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा.
वकील ने बताया कि यह मामला काफी पुराने रिकॉर्ड से जुड़ा है, इसलिए सभी जरूरी दस्तावेज इकट्ठे कर विस्तृत जवाब देने के लिए समय चाहिए.
यह मामला अधिवक्ता विकास त्रिपाठी द्वारा दायर की गई पुनरीक्षण याचिका से जुड़ा है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि सोनिया गांधी का नाम भारतीय नागरिकता मिलने से पहले मतदाता सूची में शामिल किया गया था. इस आरोप के आधार पर विकास त्रिपाठी ने एफआईआर दर्ज कराने की मांग की थी, जिसे अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पहले ही खारिज कर दिया था.
हालांकि, निचली अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए विकास त्रिपाठी ने पुनरीक्षण याचिका अदालत में दायर की. पिछली सुनवाई में राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली पुलिस और सोनिया गांधी को नोटिस जारी किया था और दोनों पक्षों से अपना पक्ष रखने को कहा था.
सोमवार की सुनवाई में कांग्रेस की तरफ से कहा गया कि मामला दशकों पुराना होने के कारण, संबंधित सभी दस्तावेजों और रिकॉर्ड की गहन जांच आवश्यक है, इसलिए अतिरिक्त समय मांगा गया. अदालत ने इस बात को स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई 7 फरवरी को तय की है.
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यह मामला राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि यह सीधे कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और संसदीय दल अध्यक्ष से जुड़ा है. कांग्रेस ने इसे एक कानूनी प्रक्रिया बताया है और कहा है कि सभी तथ्य अदालत के समक्ष पेश किए जाएंगे.
फिलहाल, एफआईआर दर्ज करने की मांग खारिज हो चुकी है, लेकिन पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई जारी है. अब सबकी निगाहें 7 फरवरी को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जब अदालत इस मामले में आगे की कार्रवाई तय करेगी.
इनपुट: एएनआई