Shri Ramayan Yatra: इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) की ओर से देखो अपना देश योजना के तहत रामायण सर्किट यात्रा (Ramayan Yatra) के नाम से एक AC डीलक्स टूरिस्ट ट्रेन (Tourist Train) चलाई जा रही है. रामायण सर्किट यात्रा की दूसरी ट्रिप 12 दिसंबर से शुरू है.
देखो अपना देश (Dekho Apna Desh) डीलक्स AC टूरिस्ट ट्रेन श्री रामायण यात्रा (Shri Ramayan Yatra) को एक नया ठहराव भी दिया गया है. अब यह स्पेशल ट्रेन तेलंगाना के भद्राचलम भी जाएगी. जहां पर्यटक सीता रामचंद्र स्वामी मंदिर और अंजनैय स्वामी मंदिर की यात्रा करेंगे. खास बात यह है कि इसके लिए आईआरसीटीसी ने किसी तरह का अतिरिक्त शुल्क निर्धारित नहीं किया है, यानी जो शुल्क पहले से इस टूर के लिए निर्धारित है उसी शुल्क में भद्राचलम की भी यात्रा कराई जाएगी.
भद्राचलम के दर्शन भी कराएगी ये ट्रेन
दरअसल, आईआरसीटीसी ने कोरोना की दूसरी लहर सुस्त होने के बाद देखो अपना देश योजना के तहत श्री रामायण सर्किट यात्रा की शुरुआत की थी. यह डीलक्स एसी ट्रेन 7 नवंबर, 2021 को दिल्ली सफदरजंग रेलवे स्टेशन से 17 दिन के सफर पर रवाना हुई थी. इस यात्रा के लिए फर्स्ट एसी का किराया 102095 रुपये तथा सेकेंड एसी के लिए 82950 रुपये प्रति व्यक्ति निर्धारित है. 12 दिसंबर से शुरू हो रहे इस ट्रेन के दूसरे ट्रिप में दक्षिण की अयोध्या के नाम से मशहूर शहर, तेलंगाना राज्य के खम्मम जिले में स्थित भद्राचलम को भी जोड़ा गया है. भद्राचलम में पर्यटकों के लिए सीता रामचंद्र स्वामी मंदिर और अंजनेय स्वामी मंदिर की यात्रा मुख्य आकर्षण का केंद्र है.
मशहूर हैं भद्राचलम के ये मंदिर
कहा जाता है कि भद्राचलम में भगवान राम द्वारा वनवास की अवधि के दौरान अपने प्रवास के लिए इस स्थान का प्रयोग किया था. यहां के प्रसिद्ध सीता रामचंद्र स्वामी मंदिर और अंजनेय स्वामी मंदिर "भद्राचलम" के प्रमुख भ्रमण केंद्र हैं.
रामायण यात्रा में होंगे इन धार्मिक स्थलों के दर्शन
IRCTC के अनुसार, पर्यटकों की मांग को देखते हुए श्री रामायण यात्रा को 12 दिसंबर, 2021 को फिर से चलाने का निर्णय लिया गया है. यह ट्रेन अयोध्या से पर्यटकों को श्री राम जन्मभूमि मंदिर और हनुमान मंदिर के अलावा नंदीग्राम में भारत मंदिर के दर्शन कराने के बाद बिहार में सीता जी के जन्मस्थान सीतामढ़ी जाएगी. इसके बाद जनकपुर (नेपाल) में राम-जानकी मंदिर के दर्शन सड़क मार्ग से होंगे. सीतामढ़ी के बाद ट्रेन वाराणसी जाएगी और पर्यटक सड़क मार्ग से वाराणसी, प्रयाग, श्रृंगवेरपुर और चित्रकूट के मंदिरों में दर्शन करेंगे.
रामेश्वरम से 17वें दिन वापस दिल्ली लौटेगी ट्रेन
दर्शन करने वाले यात्रियों के लिए वाराणसी, प्रयाग और चित्रकूट में रात्रि विश्राम की व्यवस्था भी की जाएगी. ट्रेन का अगला पड़ाव नासिक होगा. जिसमें त्रयंबकेश्वर मंदिर और पंचवटी के दर्शन शामिल होंगे. नासिक के बाद अगला गंतव्य हम्पी होगा जो प्राचीन कृषिकिंधा शहर है. यहां श्री हनुमान जन्म स्थान का मंदिर और अन्य विरासत और धार्मिक स्थलों को कवर किया जाएगा. 16वें दिन रामेश्वरम से दिल्ली लौटते समय यात्रा के अंतिम चरण में "भद्राचलम" को जोड़ा गया है. रामेश्वरम इस ट्रेन यात्रा का अंतिम गंतव्य होगा. जिसके बाद ट्रेन अपनी यात्रा के 17वें दिन दिल्ली लौटेगी. इस पूरे यात्रा में पर्यटक 7500 किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय करेंगे.