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वरिष्ठ पत्रकार रवीश तिवारी नहीं रहे, कैंसर से जूझ रहे थे, राष्ट्रपति और पीएम मोदी ने जताया दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित तमाम हस्तियों ने उनके निधन पर दुख जताया है. रवीश तिवारी 2020 से कैंसर से जूझ रहे थे. उनके परिवार में उनकी पत्नी, माता-पिता और एक भाई है. 

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Ravish Tiwari
Ravish Tiwari
स्टोरी हाइलाइट्स
  • इंडियन एक्सप्रेस के नेशनल पॉलिटिकल एडिटर थे
  • रवीश तिवारी 2020 से कैंसर से लड़ रहे थे

वरिष्ठ पत्रकार रवीश तिवारी (40) का शनिवार को निधन हो गया. वो इंडियन एक्सप्रेस के नेशनल पॉलिटिकल एडिटर थे. रवीश तिवारी 2020 कैंसर से जूझ रहे थे. उनके परिवार में उनकी पत्नी, माता-पिता और एक भाई है. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित तमाम हस्तियों ने उनके निधन पर दुख जताया है. PM मोदी ने ट्वीट करके कहा- "किस्मत ने रवीश तिवारी को बहुत जल्दी ही हमारे बीच से छीन लिया. मीडिया की दुनिया में एक चमकती प्रतिभा का अंत हो गया. मुझे उनकी रिपोर्ट बहुत अच्छी लगती थी.  वह अंतर्दृष्टिपूर्ण और विनम्र थे. उनके परिवार और कई दोस्तों के प्रति संवेदना. ओम शांति."

राष्ट्रपति ने ट्वीट कर कहा, 'रवीश तिवारी के लिए पत्रकारिता एक जुनून था. उनके पास रिपोर्टिंग और तीक्ष्ण कमेंट्री के लिए एक गहरी आदत थी. उनका अचानक और चौंकाने वाला निधन मीडिया में एक अलग आवाज को दबा दिया. उनके परिवार, दोस्तों और सहकर्मियों के प्रति मेरी संवेदनाएं.'

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वरिष्ठ पत्रकार रवीश तिवारी का असामयिक निधन अत्यंत दुखद है. उनके परिवार, दोस्तों और न्यूज़ रूम के सहयोगियों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है. भगवान उनकी आत्मा को शांति दे.

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा, "रवीश तिवारी नवोदय विद्यालय, आईआईटी मुंबई और ऑक्सफर्ड से पढ़े थे. जब मैं पर्यावरण मंत्री था तो वह मेरे काम की आलोचना करते थे लेकिन हम दोनों अच्छे दोस्त थे. महज चार दिन पहले हमने लंबी बातचीत की थी. उनकी असामयिक मौत काफी दुखद है."

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