
केंद्रीय अल्पसंख्यक और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को उर्स के मौके पर ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा भेजी गई चादर चढ़ाई. उनके साथ केंद्रीय कृषि मंत्री भागीरथ चौधरी, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष जमाल सिद्की, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, उप महापौर नीरज जैन भी रहे. दरगाह स्थित महफिल खाने में प्रधानमंत्री मोदी के संदेश पढ़ा गया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश
'गरीब नवाज के 813वें उर्स मुबारक के अवसर पर दुनिया भर में उनके अनुयायियों और अजमेर शरीफ में आए सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं. विभिन्न काल खण्डों में हमारे संतो, पीरों, फकीरों व महापुरुषों ने अपने कल्याणकारी विचारों से जन-जन के जीवन को आलोकित किया. इस कड़ी में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के लोक कल्याण व मानवता से जुड़े संदेशों ने लोगों पर अमिट छाप छोड़ी है और उनके प्रति विश्व भर में लोगों की गहरी आस्था है. समाज में प्रेम और सौहार्द को बढ़ाने के लिए समर्पित उनका जीवन व आदर्श हमारी पीढियों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा। उनके वार्षिक उर्स का उत्सव लोगों के आपसी जुड़ाव को सशक्त करने में बड़ी भूमिका निभाएगा.'
पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा, 'मुझे विश्वास है कि यह अवसर लोगों को देश में समाज की बेहतरीन के लिए हर संभव कार्य करने की प्रेरणा देगा. वार्षिक उर्स के अवसर पर दरगाह शरीफ के लिए चादर भेचते हुए में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती को नमन करता हूं और उनसे देशवासियों की प्रसन्नता में समृद्धि की कामना करता हूं.'
केंद्रीय मंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि आज मैं प्रधानमंत्री मोदी की चादर लेकर दरगाह पर आया हूं. मुझे यहां ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर आने का सौभाग्य मिला है. किरेन रिजिजू कहा कि मैंने यहां शांति के लिए प्रार्थना की. उन्होंने कहा कि अजमेर दरगाह से संदेश पूरी दुनिया में जाता है. उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री की चादर पेश करने के साथ ही मैंने उनका यहां संदेश भी पढ़ा. इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने ऐप और वेब पोर्टल भी लॉन्च किया, जिससे सभी तरह की जानकारियां मिलेंगी.
दरगाह में सभी का स्वागत है
किरेन रिजिजू ने कहा कि लाखों लोग यहां आते हैं और उन्हें शांति से प्रार्थना करने का मौका मिलना चाहिए, खासकर बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे को ऐसा माहौल मिलना चाहिए. रिजिजू ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उर्स के इस मुबारक मौके पर हम चाहते हैं कि देश में अच्छा माहौल बना रहे. उन्होंने कहा कि किसी को भी ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए जिससे हमारे देश का सौहार्द प्रभावित हो. उन्होंने आगे कहा कि चाहे कोई हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, पारसी, बौद्ध या जैन हो, दरगाह में सभी का स्वागत है.

किरेन रिजिजू से स्थानीय अदालत में दायर याचिका के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मैं सिर्फ 'चादर' चढ़ाने आया हूं. दरअसल याचिका में दावा किया गया है कि दरगाह एक शिव मंदिर के ऊपर बनाई गई है.
'चादर भेजने से कोई फायदा नहीं होगा'
असदुद्दीन ओवैसी से ने कहा कि मोदी तो चादर भेज रहे हैं, लेकिन पूरे देश में बीजेपी और आरएसएस खुदाई की बात कर रही है. मस्जिद और दरगाह को नहीं मान रहे हैं, बीजेपी वाले. पीएम चाहे तो इन बातों पर रोक लग सकते हैं. ओवैसी ने आगे कहा कि हम मोदी सरकार से PLACES OF WORSHIP ACT 1991 के बारे में जानना चाहते है.
उन्होंने आगे कहा कि चादर भेजने से कोई फायदा नहीं होगा, लेकिन कम से कम सरकार पैगाम दे कि हम उस समुदाय के साथ भी खड़े हैं, जहां चादर भेजी जा रही है. चादर भेजते हैं लेकिन उनके बीजेपी वाले ही कहते हैं कि अजमेर दरगाह दरअसल दरगाह नहीं है.
खड़गे ने भी भेजी चादर
वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अजमेर शरीफ दरगाह के लिए चादर भेजी है, जिसे अल्पसंख्यक विभाग प्रमुख इमरान प्रतापगढ़ी इसे दरगाह में पेश करने जाएंगे.