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'गौ विज्ञान' पर होगा ऑनलाइन नेशनल एग्जाम, राष्ट्रीय कामधेनु आयोग का ऐलान

राष्ट्रीय कामधेनु आयोग (RKA) के अध्यक्ष वल्लभभाई कथीरिया ने मंगलवार को कहा कि बिना किसी शुल्क के वार्षिक तरीके से 'गौ विज्ञान (Cow Science) परीक्षा का आयोजन होगा. इस कामधेनु गौ विज्ञान प्रचार प्रसार परीक्षा में प्राथमिक, माध्यमिक और कॉलेज स्तर के छात्र और आम लोग निशुल्क हिस्सा ले सकेंगे.

राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के चेयरमैन वल्लभभाई कथीरिया (फोटो-PIB) राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के चेयरमैन वल्लभभाई कथीरिया (फोटो-PIB)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • राष्ट्रीय कामधेनु आयोग ने किया ऐलान
  • 'गौ विज्ञान' पर नेशनल लेवल की स्वैच्छिक ऑनलाइन परीक्षा
  • निशुल्क होगी 'गौ विज्ञान परीक्षा'

देशी गायों और इसके फायदे के बारे में छात्रों और आम लोगों के बीच रुचि पैदा करने के मकसद से एक नेशनल लेवल की स्वैच्छिक ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की जाएगी. इस परीक्षा का आयोजन 25 फरवरी को किया जाएगा. इस ऑनलाइन परीक्षा का नाम 'गौ विज्ञान प्रचार प्रसार परीक्षा' होगा. भारत सरकार के राष्ट्रीय कामधेनु आयोग (Rashtriya Kamdhenu Aayog) ने इसकी जानकारी दी है. 

निशुल्क होगी 'गौ विज्ञान परीक्षा'

राष्ट्रीय कामधेनु आयोग (RKA) के अध्यक्ष वल्लभभाई कथीरिया ने मंगलवार को कहा कि बिना किसी शुल्क के वार्षिक तरीके से 'गौ विज्ञान (Cow Science) परीक्षा का आयोजन होगा. इस कामधेनु गौ विज्ञान प्रचार प्रसार परीक्षा में प्राथमिक, माध्यमिक और कॉलेज स्तर के छात्र और आम लोग निशुल्क हिस्सा ले सकेंगे. कथीरिया ने कहा कि, 'देशी गायों के बारे में छात्रों और नागरिकों के बीच जागरुकता पैदा करने के लिए आयोग ने गौ विज्ञान पर नेशनल लेवल की परीक्षा आयोजित करने का फैसला किया है.' आयोग के अध्यक्ष की मानें तो गाय और संबंधित मुद्दों पर पीठ और रिसर्च सेंटर की स्थापना के लिए विश्वविद्यालयों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है. 

कैसे होगी ये परीक्षा

राष्ट्रीय कामधेनु आयोग अब गौ विज्ञान पर अध्ययन सामग्री उपलब्ध करवाने की तैयारी भी कर रहा है. कथीरिया का कहना है कि परीक्षा में ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्न पूछे जाएंगे और आयोग की वेबसाइट पर पाठ्यक्रम के बारे में ब्यौरा उपलब्ध कराया जाएगा. परीक्षा परिणामों की घोषणा तुरंत कर दी जाएगी और सर्टिफिकेट दिए जाएंगे. साथ ही होनहार उम्मीदवारों को इनाम दिया जाएगा. 

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आपको बता दें कि कामधेनु आयोग की स्थापना केंद्र ने फरवरी 2019 में की थी. इसका लक्ष्य गायों के संरक्षण, संवर्द्धन के लिए काम करना है. यह मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के तहत आता है. 

एजेंसी इनपुट के साथ 

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