रेल भवन में लगी देश की पहली बुलेट ट्रेन की तस्वीर पर रेल मंत्रालय ने सफाई जारी की है. हाल ही में रेल भवन में बुलेट ट्रेन की एक तस्वीर लगाई गई थी, जिसे देखकर कई आगंतुकों और मीडिया रिपोर्ट्स में इसे भारत की पहली बुलेट ट्रेन की पहली झलक बताया गया. यह ट्रेन मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर चलने वाली है, जिसका पहला चरण अगस्त 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है.
हालांकि अब रेलवे बोर्ड के अधिकारियों ने इन दावों को खारिज कर दिया है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रेल भवन में लगी तस्वीर वास्तविक बुलेट ट्रेन की नहीं, बल्कि केवल एक सांकेतिक या प्रतीकात्मक तस्वीर है.
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “यह अंतिम डिजाइन नहीं है. इसे सिर्फ प्रतीकात्मक तौर पर लगाया गया था. अगर इससे किसी तरह का विवाद पैदा होता है तो इसे हटाया भी जा सकता है.”
अधिकारी ने यह भी कहा कि बुलेट ट्रेन देश की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है, इसलिए इसे लेकर लोगों में काफी उत्सुकता और चर्चा होना स्वाभाविक है.
गौरतलब है कि 508 किलोमीटर लंबे मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर काम तेजी से चल रहा है. इस परियोजना में बुलेट ट्रेन 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी. देश की पहली बुलेट ट्रेन का निर्माण बेंगलुरु स्थित BEML में किया जा रहा है और इसके 2027 तक तैयार होने की संभावना है.