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देश में राजनीतिक घमासान के बीच विदेश से वापस लौटे सोनिया और राहुल गांधी

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सालाना मेडिकल चेकअप के लिए विदेश में थीं, इस दौरान उनके साथ राहुल भी थे. दोनों नेता मंगलवार को दिल्ली वापस लौटे.

विदेश से वापस लौटे सोनिया-राहुल (फाइल) विदेश से वापस लौटे सोनिया-राहुल (फाइल)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • विदेश से वापस लौटे राहुल और सोनिया
  • सोनिया के मेडिकल चेकअप के लिए गए थे

देश में किसान बिल को लेकर मचे राजनीतिक घमासान के बाच कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी विदेश से वापस दिल्ली लौट आए हैं. संसद सत्र की शुरुआत से पहले ही दोनों नेता विदेश रवाना हुए थे. सोनिया गांधी के सालाना मेडिकल चेकअप के लिए ये यात्रा हुई थी, जिसमें राहुल भी उनके साथ रहे थे. 

दोनों नेताओं ने विदेश जाने से पहले कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक की थी, साथ ही लोकसभा को इस बारे में सूचित भी कर दिया था. अब करीब दस दिनों के बाद दोनों नेताओं की वापसी हुई है. 

देश में जारी है राजनीतिक घमासान

गौरतलब है कि दोनों नेताओं की वापसी ऐसे वक्त में हो रही है, जब पिछले दस दिनों में काफी कुछ बदल गया है. बीते दिन आठ सांसदों के सस्पेंशन के बाद कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी पार्टियों ने संसद के बहिष्कार का ऐलान किया. 

कांग्रेस और अन्य पार्टियों ने पूरे मॉनसून सत्र के लिए लोकसभा और राज्यसभा के बहिष्कार की बात कही है. ऐसे में अब जब राहुल-सोनिया लौटे हैं, तो इसपर क्या फैसला होता है उसपर नजर रहेगी. 

कृषि बिल पर आक्रामक है कांग्रेस

बता दें कि कृषि बिल के विरोध में कांग्रेस ने बीते दिन आंदोलन का ऐलान किया. जिसमें अगले तीन दिनों तक देशभर के कांग्रेस नेताओं से मंथन किया जाएगा, फिर 25 सितंबर को आंदोलन किया जाएगा.

राहुल गांधी विदेश में रहने के बावजूद भी कृषि बिल समेत अन्य मसलों पर लगातार ट्वीट कर सरकार पर निशाना साध रहे थे. राहुल के अलावा पार्टी के अन्य नेता भी इस मसले पर सरकार को घेरने में जुटे हैं. 

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को इस मसले पर ट्वीट किया कि अगर ये बिल किसान हितैषी हैं तो समर्थन मूल्य MSP का जिक्र बिल में क्यों नहीं है? बिल में क्यों नहीं लिखा है कि सरकार पूरी तरह से किसानों का संरक्षण करेगी? सरकार ने किसान हितैषी मंडियों का नेटवर्क बढ़ाने की बात बिल में क्यों नहीं लिखी है? सरकार को किसानों की मांगों सुनना पड़ेगा.
 

 

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