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फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में PLI स्कीम को मोदी सरकार की मंजूरी, 2.5 लाख को मिलेगा रोजगार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, पीयूष गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी. 

मोदी कैबिनेट ने बुधवार को लिया फैसला (फोटो: पीएम नरेंद्र मोदी, PTI) मोदी कैबिनेट ने बुधवार को लिया फैसला (फोटो: पीएम नरेंद्र मोदी, PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र के लिए PLI स्कीम को मंजूरी
  • केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को लिया फैसला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, पीयूष गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी. मोदी कैबिनेट ने फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में PLI स्कीम लागू करने का फैसला लिया है. 

केंद्रीय कैबिनेट ने फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में करीब 10 हजार 9 सौ करोड़ रुपये की सब्सिडी देने का फैसला किया है. केंद्रीय कैबिनेट ने PLI स्कीम के तहत इसे मंजूरी दी है.

ढाई लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार: पीयूष गोयल
स्कीम को लेकर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इस फैसले से करीब ढाई लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा. केंद्र सरकार की कोशिश है कि भारत के फूड ब्रांड की दुनिया में पहचान बनाई जाए.

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस फैसले से किसानों को लाभ होगा. नए कृषि कानूनों के तहत भी किसानों को ऑप्शन दिया गया है कि वो किसी भी तरह की मंडी में अपनी फसल बेच सकते हैं. इसी सोच के पीछे कोशिश है कि देश में फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को बढ़ावा दिया जाए. 

क्या ये स्कीम कृषि कानून की अगली कड़ी है, इसपर पीयूष गोयल ने कहा कि दोनों को एक साथ ना मिलाएं, किसानों के हित में मोदी सरकार कई फैसले ले रही है. फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र के लिए लिया गया ये फैसला भी उन्हीं में से एक है. 

केंद्रीय मंत्री ने गिनाए स्कीम के फायदे
प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत का ब्रांड दुनिया भर में कैसे पहुंचे, जो इंटरनेशनल क्वालिटी को पूरा करता हो, जब ऐसा प्रोडक्ट मिलेगा तो किसानों को बड़े पैमाने पर फायदा होगा और रोजगार का भी सृजन होगा. 

पीयूष गोयल ने कहा कि इसमें मरीन प्रोडक्ट भी शामिल हैं, जिससे तटीय राज्यों में मत्स्य उद्योग को काफी प्रोत्साहन मिलेगा. उन्होंने कहा कि आज भारत 3 लाख करोड़ रुपये का एग्री बेस्ड प्रोडक्ट का निर्यात करता है, जिसे बढ़ाकर 6 लाख करोड़ करने की योजना है. इस स्कीम से तत्काल 30 से 35 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त उत्पाद बढ़ सकता है.

 

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