पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 5 जनवरी को अपना 71वां जन्मदिन मनाया. इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें शुभकामनाएं दीं. उन्होंने X (पूर्व में ट्विटर) पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को टैग करते हुए लिखा, 'ममता दीदी को उनके जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं. मैं उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं.'
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी ममता बनर्जी को उनके जन्मदिन पर विश किया. उन्होंने X पर पोस्ट किया, 'उनका नाम ममता है, जिनके साथ जनता है! बंगाली अस्मिता, अधिकार व सम्मान, जनता की भलाई और पश्चिम बंगाल की सौहार्दपूर्ण चौतरफा तरक्की के लिए सदैव संघर्ष करने वाली तथा नफरती एजेंडा फैलाने वाले साम्प्रदायिक लोगों के खिलाफ अभेद्य ढाल बनकर खड़ी पश्चिम बंगाल की लोकप्रिय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं स्वस्थ, सार्थक, सक्रिय जीवन के लिए अनंत शुभकामनाएं!'
ममता 5 जनवरी को नहीं मानती हैं अपना जन्मदिन
हालांकि, ममता बनर्जी कुछ समय पहले कहा था कि 5 जनवरी उनके जन्म की वास्तविक तारीख नहीं है. उन्होंने पिछले साल कोलकाता के धानो धान्ये स्टेडियम में एक कार्यक्रम में भाग लेते हुए इसका खुलासा किया था. ममता बनर्जी के मुताबिक, आधिकारिक रिकॉर्ड में उनकी जन्मतिथि 5 जनवरी दर्ज है. उन्होंने कहा था, 'मुझे लगता है शायद यह मेरी सटीक जन्मतिथि नहीं है. कई लोग 5 जनवरी को मुझे जन्मदिन की बधाई और शुभकामनाएं देते हैं. लेकिन मुझे लगता है कि मेरा जन्म और बाद में हुआ था.'
Birthday wishes to West Bengal Chief Minister Mamata Didi. I pray for her good health and long life.@MamataOfficial
— Narendra Modi (@narendramodi) January 5, 2026
ममता बनर्जी ने बताया था कि उनके पिता ने स्कूल के प्रधानाध्यापक से दाखिले के समय डेथ ऑफ बर्थ वाले कॉलम में अपने मन से उनकी उम्र लिखने के लिए कहा दिया था, जो पहले के समय में एक आम प्रथा थी, जब कई बच्चे घर पर ही पैदा होते थे और उनकी जन्मतिथि दर्ज नहीं हो पाती थी. इसी वजह से ममता बनर्जी की वास्तविक उम्र अज्ञात रही, जबकि शैक्षणिक दस्तावेजों में लिखी उम्र को ही उनकी असली जन्मतिथि के तौर पर स्वीकार कर लिया गया.
उनका नाम ममता है, जिनके साथ जनता है!
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) January 5, 2026
बंगाली अस्मिता, अधिकार व सम्मान, जनता की भलाई और प. बंगाल की सौहार्दपूर्ण चौतरफ़ा तरक़्क़ी के लिए सदैव संघर्ष करनेवाली तथा नफ़रती एजेंडा फैलानेवाले साम्प्रदायिक लोगों के ख़िलाफ़ अभेद्य ढाल बनकर खड़ी प. बंगाल की लोकप्रिय मुख्यमंत्री आदरणीय… pic.twitter.com/x4mJtcnsWj
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने बताया था कि उन्हें इसके बारे में कॉलेज के दिनों में पता चला. उनके भाई ने उन्हें इसके बारे में बताया था. बाद में ममता बनर्जी ने इस गलती को सुधारने की कोशिश की और अपनी किताब 'एकांते' में इसके बारे में लिखा भी. उन्होंने धानो धान्ये स्टेडियम के कार्यक्रम में कहा था, 'मेरी असली उम्र छिपी रहती है, और स्कूल सर्टिफिकेट में लिखी जन्मतिथि को ही लोग सच मानते हैं. मैं आज यह कहानी इसलिए साझा कर पा रही हूं क्योंकि मेरा भाई यहां मौजूद है. दस्तावेजों में मेरी उम्र पांच साल गलत बताई गई है. जब मुझे इस बारे में पता चला, तो मैंने इसे सुधारने की बहुत कोशिश की. मैंने इसके बारे में एकांते नाम की एक किताब में भी लिखा है. मुझे अपना नाम भी पसंद नहीं है, लेकिन फिर भी ऐसा हो गया.'
दुर्गा महाष्टमी के दिन हुआ था ममता बनर्जी का जन्म
ममता बनर्जी ने अपने संस्मरण 'एकांते' (1995) में लिखा है कि उनका जन्म दुर्गा पूजा महाष्टमी के दिन हुआ था. उन्होंने किताब में लिखा है, 'मेरी मां के अनुसार, मेरा जन्म दुर्गा पूजा की महा अष्टमी को सांध्य पूजा के दौरान हुआ था. मेरे जन्म के तीन दिन पहले से लगातार बारिश हो रही थी. और, मेरी आंखें खुलने के तुरंत बाद बारिश रुक गई.' ममता बनर्जी दस्तावेजों में दर्ज अपनी उम्र से 5 साल छोटी होने का दावा करती हैं. इसका मतलब है कि उसका जन्म 1960 में हुआ था, न कि 1955 में. अगर हम 1960 का कैलेंडर देखें तो उस वर्ष दुर्गा पूजा महाष्टमी 28 सितंबर को मनाई गई थी. तो इस हिसाब से ममता बनर्जी का वास्तविक जन्मदिन लता मंगेशकर, रणबीर कपूर और शेख हसीना के साथ पड़ता है.