प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को रोजगार मेला कार्यक्रम के तहत देशभर के 61 हजार से ज्यादा युवाओं को नियुक्ति पत्र बांटे. यह 18वां रोजगार मेला है, जो देश के 45 स्थानों पर आयोजित किया गया. इन भर्तियों के जरिए केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में युवाओं को नौकरी दी जा रही है.
'पहले के मुकाबले ढाई गुना बढ़ा विदेशी निवेश'
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की क्रिएटर इकॉनमी बहुत तेजी से बढ़ रही है, जिससे युवाओं के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि आज भारत पर दुनिया का भरोसा बढ़ा है और इसी वजह से युवाओं के लिए रोजगार की नई संभावनाएं बन रही हैं. प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत दुनिया की इकलौती बड़ी अर्थव्यवस्था है, जिसने एक दशक में अपनी जीडीपी दोगुनी की है. पहले के मुकाबले अब ढाई गुना से ज्यादा विदेशी निवेश भारत में आ रहा है, और इसका सीधा फायदा युवाओं को रोजगार के रूप में मिल रहा है.
'अब ये आपकी जिम्मेदारी है...'
प्रधानमंत्री मोदी ने नव-नियुक्त युवाओं से कहा कि पिछले पांच से सात साल में जब भी उन्हें सरकारी दफ्तरों या व्यवस्था से परेशानी हुई हो, अब उनकी जिम्मेदारी है कि वे अपने कार्यकाल में ऐसी दिक्कतें किसी और को न झेलनी पड़ें. उन्होंने कहा कि सरकार का हिस्सा बनकर हर कर्मचारी को अपने स्तर पर छोटे-छोटे सुधार सुनिश्चित करने होंगे.
'यह नियुक्ति पत्र विकसित भारत के लिए संकल्प पत्र है'
संविधान का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह युवाओं को संविधान के प्रति उनके कर्तव्यों की भी याद दिलाता है. उन्होंने बताया कि 24 जनवरी को संविधान ने 'जन गण मन' को राष्ट्रगान और 'वंदे मातरम' को राष्ट्रीय गीत के रूप में स्वीकार किया था. प्रधानमंत्री ने कहा कि नियुक्ति पत्र सिर्फ नौकरी का कागज नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण का निमंत्रण पत्र और विकसित भारत के लिए संकल्प पत्र है.