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Vande Mataram Lok Sabha Debate: 'आप हम पर थोपेंगे तो ये संविधान के खिलाफ...', वंदे मातरम् पर बोले ओवैसी

aajtak.in | नई दिल्ली | 08 दिसंबर 2025, 10:58 PM IST

Vande Mataram Lok Sabha Debate: संसद का शीतकालीन सत्र जारी है. अब तक बीते पांच दिनों में से तीन दिन हंगामेदार रहे हैं. लोकसभा से बिलों को पास कर उन्हें राज्यसभा भेजा गया है. इस बीच SIR, BLO की मौतों का मुद्दा, इंडिगो संकट और प्रदूषण का मुद्दा हावी रहा. अब सोमवार को संसद में वंदे मातरम् पर चर्चा हो रही है.

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Vande Mataram Lok Sabha Debate: संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है. सदन में बिलों पर चर्चाएं जारी हैं. इस बीच SIR, BLO की मौतों का मुद्दा, इंडिगो संकट और प्रदूषण का मुद्दा हावी रहा. पीएम मोदी ने संसद में वंदे मातरम् पर विशेष चर्चा की शुरुआत कर दी है. उन्होंने कहा कि आज हम इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बन रहे हैं, जब संसद में इसकी चर्चा चल रही है. उन्होंने इस विषय पर जोरदार भाषण दिया और इसके बाद कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई, अखिलेश यादव, अनुराग ठाकुर ने अपने-अपने पक्ष रखे. कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी इस मुद्दे पर अपने तर्क रखे और केंद्र सरकार पर हमला बोला. संसद में चर्चा जारी है.

10:51 PM (एक महीने पहले)

इंजीनियर रशीद बोले- केंद्र सरकार ने मेरी मातृभूमि से सबकुछ छीन लिया

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

बारामूला से सांसद इंजीनियर रशीद ने वंदे मातरम पर चर्चा में कहा कि देश ने कभी हमें अपना नहीं माना, उन्होंने अपनी मातृभूमि जम्मू कश्मीर को सलाम किया. उन्होंने कहा कि मैं सलाम करता हूं अपनी मातृ भूमि को जिसके लिए मोदी और नेहरु ने बड़े बड़े वादे किए लेकिन पूरा नहीं किया. कश्मीर को भारत ने ताज तो माना पर कभी इज्जत नहीं दी. उन्होंने कहा कि 5 अगस्त 2019 को केंद्र की सरकार ने मेरी मातृभूमि से सब कुछ छीन लिया. यहां मुसलमानों को गैर मुल्क का कहा जाता है.

10:50 PM (एक महीने पहले)

मुझे तो जेल जाना है- सांसद इंजीनियर राशिद

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

सांसद इंजीनियर राशिद ने अपना संबोधन शुरू करने से पहले कुछ ऐसा कहा कि चर्चाओं के कारण गर्म रहा संसद का माहौल एक पल में हल्का-फुल्का हो गया. उनकी बात सुनकर पीठासीन दिलीप सैकिया भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए. असल में चर्चा लंबी खिंची और जब काफी देर बाद बारामूला सांसद अब्दुल रशीद शेख उर्फ इंजीनियर राशिद की बारी आई तो उन्होंने अपील के अंदाज में हल्के-फुल्के मूड के साथ कहा- इतनी देर से आप लोग बैठे हो, थोड़ा टाइम और दे देना, आप लोगों को तो घर जाना है, मुझे तो यहां से वापस जेल जाना है.

9:04 PM (एक महीने पहले)

बीजेपी नेता संबित पात्रा ने कांग्रेस पर साधा निशाना

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

बीजेपी नेता संबित पात्रा ने सुभाष चंद्र बोस और नेहरू की चिट्ठी का जिक्र किया. पात्रा ने कहा कि बोस ने नेहरू को पत्र सीडब्ल्यूसी की 1937 में होने वाली बैठक को लेकर लिखा था. पात्रा ने 9 अक्टूबर 1937 को बैठक के एजेंडे को लेकर कहा कि उसमें लिखा था कि CWC तय करेगी की वंदे मातरम का क्या करना है. पात्रा ने आनंदमठ को नेहरू द्वारा जल्दबाजी में पढ़े जाने का जिक्र किया.

8:49 PM (एक महीने पहले)

जो जरूरी है उसे रखो, जो जरूरी नहीं है उसे छोड़ दो, यही असली नीति- कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा- हमारे राष्ट्रीय गान में पहले बहुत सारे पद थे, लेकिन हमने उसका 52 सेकंड वाला छोटा संस्करण अपनाया. एक कहावत है जो जरूरी है उसे रखो, जो जरूरी नहीं है उसे छोड़ दो. हम भी वही मानते हैं और वही हिस्से लेते हैं जो हमारे लिए महत्त्वपूर्ण हैं. लोग ‘अहिंसा परम धर्म’ पूरी तरह नहीं बोलते. असल में इसका पूरा वाक्य और लंबा है, पर आमतौर पर छोटा हिस्सा ही बोला जाता है.

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8:47 PM (एक महीने पहले)

जवाहरलाल नेहरू के ब्लूप्रिंट पर ही खड़ा है भारत- इमरान मसूद

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

इमरान मसूद ने कहा कि भारत आज जवाहरलाल नेहरू के ब्लूप्रिंट के आधार पर खड़ा है. अगर पंडित जवाहरलाल नेहरू न होते तो ये लोग (भाजपा) भी न होते. इमरान मसूद ने कहा कि पंडित नेहरू बड़े दिले के थे और वे सभी को साथ लेकर चले. उन्होंने सभी विचारधाराओं का समावेश अपने अंदर किया. 

8:46 PM (एक महीने पहले)

वंदे मातरम् पर क्या बोले डीएमके सांसद ए राजा

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

डीएमके सांसद ए राजा ने जवाहरलाल नेहरू के सुभाष चंद्र बोस को लिखे एक लेटर का जिक्र करते हुए कहा कि राष्ट्रीय गीत के विरोध की जड़ें जितनी मानी जाती हैं, उससे कहीं ज्यादा ऐतिहासिक हैं. राष्ट्रगीत पर चर्चा के दौरान राजा ने कहा कि नेहरू ने बोस को लिखे अपने लेटर में कहा था कि वंदे मातरम के खिलाफ लोगों का गुस्सा कम्युनिस्ट लोगों ने बनाया था, लेकिन उन्होंने यह भी माना कि लोगों के कुछ हिस्सों की शिकायतों में कुछ दम था. 

8:45 PM (एक महीने पहले)

भारत हमारी माता है और कोई सच्चा भक्त अपनी मां को राजनीति में नहीं ला सकता- कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने सोमवार को सरकार से आग्रह किया कि राष्ट्र-गीत वंदे मातरम् के रचयिता बंकिम चंद्र चटर्जी की प्रतिमा संसद परिसर में लगाया जाना चाहिए. सरकार चटर्जी की प्रतिमा संसद में लगाने का प्रस्ताव लाए, विपक्षी पार्टी उनका समर्थन करेगी. उन्होंने वंदे मातरम् पर चर्चा कराने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को परोक्ष रूप से आड़े हाथ लेते हुए कहा, ‘‘भारत हमारी माता है और कोई सच्चा भक्त अपनी मां को राजनीति में नहीं ला सकता.

8:44 PM (एक महीने पहले)

वंदे मातरम को भारत की आत्मा- साक्षी महाराज

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने वंदे मातरम को भारत की आत्मा बताया. उन्होंने कहा कि इसी के आधार पर देश की आजादी की लड़ाई लड़ी गई. इसी गीत ने हिंदुस्तानियों को देश की आजादी के लिए प्रेरित किया. आज इस गीत को 150 साल पूरे हो चुके हैं. यह मौका हम सभी हिंदुस्तानियों के लिए खुशी और गर्व का पल है, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है.

8:43 PM (एक महीने पहले)

वंदे मातरम् भारत की अस्मिता का प्रतीक- हर्ष मल्होत्रा

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

बीजेपी सांसद हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि वंदे मातरम भारत की अस्मिता का प्रतीक है. अंग्रेजी हुकूमत के दौरान इस गीत ने सभी हिंदुस्तानियों को देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत कर दिया था. स्वाधीनता की लड़ाई में वंदे मातरम हम सभी हिंदुस्तानियों के लिए ऊर्जा और प्रेरणा का स्रोत बना. 2047 में जब भारत विकसित राष्ट्र बन रहा होगा, तब वंदे मातरम हम सभी लोगों के लिए समृद्धि का प्रतीक बना रहेगा. 

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8:40 PM (एक महीने पहले)

संसद में क्या बोले सांसद टी उदय श्रीनिवास

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

आंध्र प्रदेश के सांसद टी उदय श्रीनिवास (जन सेना पार्टी) ने आजादी के आंदोलन में महिलाओं के योगदान को याद किया. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक पुनर्जागरण और एकजुटता पर खुशी का इजहार करते हुए कहा कि युवाओं और नागरिकों का साहस दिखाता है कि कोई भी दबाव उनकी भारतीय पहचान से बड़ा नहीं हो सकता है. 

8:39 PM (एक महीने पहले)

भारत दुनिया में तीसरे नंबर की अर्थव्यवस्था बनने जा रहा- सांसद लवली आनंद

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

बिहार के शिवहर से सांसद लवली आनंद ने वंदे मातरम से जुड़े इतिहास का जिक्र करते हुए देश की मजबूत जीडीपी की तरफ ध्यान खींचा. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने 2047 तक देश को विकसित बनाने का लक्ष्य रखा है. हम इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. भारत दुनिया में तीसरे नंबर की अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है.

8:36 PM (एक महीने पहले)

वंदे मातरम को केवल नारा नहीं, नीति और जिम्मेदारी भी- सांसद इकरा हसन

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

कैराना सांसद इकरा हसन ने कहा कि ये मौका है जब हम अपने भीतर झांके, ये आत्ममंथन की घड़ी है. उन्होंने कहा कि ये केवल अतीत की ललकार नहीं वर्तमान की जिम्मेदारी है. वंदे मातरम को केवल नारा नहीं, नीति और जिम्मेदारी बनाना होगा. इकरा हसन ने कहा, "भारतीय मुसलमानों को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास किया जा रहा है." उन्होंने उर्दू साहित्य के दिग्गज अल्लामा इकबाल की रचना का जिक्र करते हुए अपने जज्बात का इजहार किया. इकरा हसन ने सारे जहां से अच्छा, हिंदोस्तां हमारा... नज्म की पंक्तियां भी बढ़ीं.

8:34 PM (एक महीने पहले)

समस्याओं को अनदेखा कर वंदे मातरम् पर चर्चा- कांग्रेस सांसद डॉ अंगोमचा बिमोल अकोइजम

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

कांग्रेस सांसद डॉ अंगोमचा बिमोल अकोइजम ने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दे और अन्य अहम विषयों को छोड़कर आज हम वंदे मातरम पर चर्चा कर रहे हैं. मणिपुर के संकट पर 3-4 घंटे की चर्चा नहीं की गई. आज भी 65 हजार लोग बेघर हैं, उनकी समस्याओं पर ध्यान न देकर हम वंदे मातरम पर चर्चा कर रहे हैं, हमें आत्म अवलोकन करने की जरूरत है कि क्या आजादी के आंदोलन में बलिदान देने वाले महापुरुषों ने ऐसे ही देश की कल्पना की थी.

8:33 PM (एक महीने पहले)

वंदे मातरम के आदर्शों की हो रही है अनदेखी

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

वाईएसआर सांसद गुरुमूर्ति मड्डीला ने भी वंदे मातरम पर चर्चा में भाग लिया. वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के इस सांसद ने कहा, हाल के दिनों में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जो दिखाती हैं कि वंदे मातरम में जिन आदर्शों का जिक्र किया गया है, उसकी अनदेखी हो रही है. उन्होंने आंध्र प्रदेश में निजीकरण का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुद्दों पर ध्यान नहीं दे रही है. उनके वक्तव्य के दौरान कई सांसदों ने टोका कि वे मुद्दे से भटक कर वंदे मातरम पर चर्चा नहीं कर रहे हैं. 

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8:30 PM (एक महीने पहले)

बलिदानियों को नमन, वंदे मातरम् उन्हें नमन करने का मौका- सांसद मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

आंध्र प्रदेश के ओंगोले सीट से निर्वाचित तेलुगू देशम पार्टी (TDP) के सांसद मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी ने क्रांतिकारियों के बलिदान का जिक्र करते हुए कहा कि आजादी के परवाने वंदे मातरम के उद्घोष के साथ फांसी के फंदे पर झूल गए, आंध्र प्रदेश के बलिदानियों को नमन करते हुए रेड्डी ने कहा कि वंदे मातरम एक मौका है कि बलिदानियों के योगदान से युवाओं को भी परिचित कराया जाए. उन्होंने वंदे मातरम, आई लव माई इंडिया और जय आंध्रा जैसे नारे भी लगाए.

8:28 PM (एक महीने पहले)

हमारे लिए भूमि महज धरती का टुकड़ा नहीं मां के तौर देखी जाती है- सांसद बांसुरी स्वराज

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने आज इसके सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि अक्षय नवमी के दिन वंदे मातरम का सृजन हुआ. इसी दिन भगवान कृष्ण की बाल लीलाएं समाप्त हुई थीं। उन्होंने वंदे मातरम को भारत के रस का मंत्र बताया. भारत में राष्ट्रवाद एक राजनीतिक संरचना नहीं, आध्यात्मिक चेतना है. हमारे लिए भूमि महज धरती का टुकड़ा नहीं मां के तौर देखी जाती है. यहां भारत को भौगोलिक सीमाओं में नहीं संस्कारों में निहित देखा जाता है. वंदे मातरम हमारा राष्ट्रगान, धर्म, कर्तव्य और राष्ट्रधर्म की साक्षात प्रेरणा कर्मयोगी भगवान कृष्ण से प्राप्त करके ही संचालित करता है. पूरे देश को कश्मीर से कन्याकुमारी तक वंदे मातरम एकता के सूत्र में बांधता है.

7:40 PM (एक महीने पहले)

वंदे मातरम् ने समेटा है 200 सालों का इतिहास- बिप्लब देब

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने कहा कि भारत के संघर्ष और बलिदान के 200 साल के इतिहास को समेटे इस पंक्ति के माध्यम से हजारों-लाखों शहीदों के बलिदान को श्रद्धांजलि दी जाती है.

7:39 PM (एक महीने पहले)

वंदे मातरम ने पूरे देश को एक सूत्र में बांधने का काम किया- कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा बोले- वंदे मातरम को महज साहित्य और राष्ट्रगीत के दायरे में नहीं बांध सकते. वंदे मातरम ने पूरे देश को एक सूत्र में बांधने का काम किया. देश के आध्यात्मिक इतिहास में इसका योगदान अद्वितीय है. पंडित नेहरू के कार्यकाल में बने आईआईटी और एम्स जैसी संस्थाओं से निकले इंजीनियर और डॉक्टर आज पूरी दुनिया में अपना योगदान दे रहे हैं.

7:36 PM (एक महीने पहले)

मंगलवार को राज्यसभा में वंदेमातरम पर विशेष चर्चा, गृह मंत्री अमित शाह करेंगे शुरुआत

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर मंगलवार को राज्यसभा में विशेष चर्चा होगी. यह चर्चा दोपहर 1 बजे से शुरू होगी. भाजपा की ओर से चर्चा की शुरुआत गृह मंत्री अमित शाह करेंगे, जबकि समापन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा करेंगे. चर्चा में भाग लेने वाले अन्य प्रमुख वक्ता हैं:  

राधा मोहन दास अग्रवाल  
के. लक्ष्मण  
घनश्याम तिवारी  
सतपाल शर्मा

मंगलवार को होने वाली इस चर्चा को लेकर सदन में गहमा गहमी का माहौल रहने के आसार हैं.

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7:12 PM (एक महीने पहले)

राज्यसभा ने ‘राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा उपकर विधेयक लोकसभा को वापस भेजा

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

राज्यसभा ने व्यापक विचार-विमर्श के बाद ‘राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा उपकर विधेयक, 2025’ (Health Security se National Security Cess Bill, 2025) को लोकसभा में वापस भेज दिया है. यह विधेयक लोकसभा से पारित होकर राज्यसभा में विचार के लिए आया था. चर्चा के दौरान विपक्ष ने कई गंभीर आपत्तियां उठाईं, जिसके बाद सदन ने इसे वापस लोकसभा भेजने का निर्णय लिया.

अब लोकसभा को या तो संशोधनों के साथ विधेयक को दोबारा पारित करना होगा या राज्यसभा के सुझावों पर पुनर्विचार करना होगा. इस विधेयक के वापस लौटने से संसद के शीतकालीन सत्र में एक बार फिर तीखी बहस की संभावना बढ़ गई है.

7:10 PM (एक महीने पहले)

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा बोली- चुनाव का समय है इसलिए बीजेपी बना रही मुद्दा

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा- बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने वंदे मातरम् के सिर्फ दो पैरा ही 1875 में लिखे थे. बाद में 1882 में अपनी किताब में चार और स्टैंजा जोड़े पहले 2 पद देश की खूबसूरती बताते हैं, लेकिन बाद वाले स्टैंजा अलग भावना वाले हैं. रवींद्रनाथ टैगोर ने इस गीत को 1896 में पहली बार सार्वजनिक रूप से गाया था. 1937 में कांग्रेस ने टैगोर से पूछा कि कौन से पद इस्तेमाल किए जाएं, तो उन्होंने साफ कहा कि राष्ट्रीय एकता के लिए सिर्फ पहले दो पद ही लिए जाएं. बात वहीं तय हो गई थी. अब चुनाव का समय है, इसलिए बीजेपी इसे मुद्दा बना रही है। अगर उन्हें सच में सम्मान होता, तो हमारे लोगों को उनके राज्यों में नहीं पीटा जाता और हमारी भाषा को ‘बांग्लादेशी’ नहीं कहा जाता.

6:53 PM (एक महीने पहले)

राज्यसभा में हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल पर चर्चा, वित्त मंत्री ने दिया जवाब

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

राज्यसभा में हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल, 2025 पर चर्चा चल रही है. यहां वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बिल को लेकर जवाब दे रही हैं. उन्होंने सोमवार को राज्यसभा में कहा- पहले वाले जीएसटी सिस्टम में शराब, सिगरेट जैसे सिन गुड्स पर बहुत ज्यादा टैक्स लगता था. जीएसटी के साथ एक अलग सेस भी लगता था, जिसकी वजह से कुल टैक्स कई बार 88% तक पहुंच जाता था.

अब नए जीएसटी सिस्टम में वह अतिरिक्त सेस खत्म कर दिया गया है. इसलिए अब इन सामानों पर सिर्फ जीएसटी लगेगा, और टैक्स की अधिकतम सीमा 40% रखी गई है. सीतारमण ने हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल, 2025 पर चर्चा का जवाब देते हुए ये बात कही है.

6:39 PM (एक महीने पहले)

राहुल गांधी ने अनुपस्थित होकर वंदे मातरम् का किया अनादर- भाजपा ने बोला हमला

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

वंदे मातरम् के 150 वर्ष पर संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भावपूर्ण संबोधन और स्वतंत्रता सेनानियों को दी गई श्रद्धांजलि के बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अनुपस्थिति ने राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर दी है. भाजपा ने इसे राहुल गांधी का “वंदे मातरम् और देशभक्ति के प्रति घोर अनादर” करार दिया है. पार्टी प्रवक्ताओं का कहना है कि जब पूरा सदन राष्ट्रगीत को नमन कर रहा था, उस वक्त राहुल गांधी की कुर्सी खाली होना कांग्रेस की पुरानी सोच को ही उजागर करता है.

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में खुलकर बताया कि कैसे नेहरू कालीन कांग्रेस ने तुष्टिकरण की संकीर्ण राजनीति के लिए वंदे मातरम् को अपमानित किया और उसे “टुकड़ों में काटकर” दो भागों में बांट दिया था. भाजपा ने नेहरू के दो पुराने पत्रों का हवाला देते हुए आरोप लगाया: 21 जून 1948 को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लिखे पत्र में नेहरू ने कहा था, “मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि वंदे मातरम् को राष्ट्रीय गान बनाना बिल्कुल उचित नहीं है, मुख्य रूप से इसकी धुन के कारण जो ऑर्केस्ट्रा या बैंड के लिए उपयुक्त नहीं है. हमारा राष्ट्रीय गान विदेशी ऑर्केस्ट्रा को भी दुनिया भर में बजाना पड़ता है.”

8 अगस्त 1949 को असम के तत्कालीन गवर्नर श्रीप्रकाश को लिखे एक अन्य पत्र में नेहरू ने और स्पष्ट लिखा, “मेरे विचार से वंदे मातरम् को राष्ट्रीय गान बनाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण होगा. भाजपा ने मांग की है कि कांग्रेस पार्टी राष्ट्र और आने वाली पीढ़ियों से वंदे मातरम् के साथ किए गए इस अपमान और उसे खंडित करने के लिए खुलकर माफी मांगे. इस मुद्दे पर अब संसद के बाहर भी तीखी राजनीतिक बहस छिड़ गई है. कई लोग इसे कांग्रेस की पुरानी “मैकॉले मानसिकता” और विदेशी मान्यता की चाहत का प्रमाण बता रहे हैं.

6:07 PM (एक महीने पहले)

आज हालात बहुत अलग हैं- सांसद डिंपल यादव

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

संसद में वंदे मातरम पर चर्चा पर समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा, "आज हालात बहुत अलग हैं. आज देश में बहुत बेरोजगारी है... सरकार को इन पर काम करना चाहिए. अगर सरकार वंदे मातरम का सम्मान करती है, तो उन्हें हर वर्ग के लोगों के लिए काम करना चाहिए..."

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5:57 PM (एक महीने पहले)

वंदे मातरम् का उत्सव दिखावे का नहीं- राजनाथ सिंह

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने पूरे देश में वंदे मातरम् की 151वीं वर्षगांठ बड़े उत्साह के साथ मनाने का फैसला किया है. यह उत्सव केवल प्रतीकात्मक नहीं होगा. यह दिखावे के लिए नहीं है. यह वंदे मातरम को वह सम्मान दिलाने का संकल्प है जिसका वह वास्तव में हकदार है. लोकसभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, वंदे मातरम् केवल बंगाल तक सीमित नहीं था. इसका इस्तेमाल पूर्व से पश्चिम तक होता था, और सिर्फ भारत में ही नहीं, भारत के बाहर भी लोग इसका जाप करते थे.

5:33 PM (एक महीने पहले)

वंदे मातरम् के भूले पदों को समझने का वक्त आ गया है- राजनाथ सिंह

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा उपन्यास आनंद मठ कभी भी इस्लाम विरोधी नहीं था. आनंद मठ में एक पात्र जब वंदे मातरम गाता है, तो दूसरा पात्र पूछता है कि यह माता कौन है? तब वह कहता है जन्मभूमि. राजनाथ सिंह ने कहा कि वंदे मातरम के दो पद को सभी ने सुने हैं, लेकिन और पदों के बारे में लोग बहुत कम जानते हैं. अब उन पदों को पूरी तरह से समझने का समय आ गया है. वंदे मातरम की जिन पदों को भूला दिया गया है, उसमें बंकिम चंद्र चटर्जी भारत के बारे में बताते हैं. 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने भाषण के दौरान पंडित नेहरू से जुड़ी एक घटना का जिक्र किया. उन्होंने एक किताब के हवाले से इतिहास की घटना का जिक्र करते हुए कहा, पंडित नेहरू की मौजूदगी में विदेश मंत्रालय की उच्चस्तरीय बैठक में उनसे पूछा गया कि अगर कल को कम्युनिस्ट केंद्र की सत्ता में आ जाएं तो सरकारी तंत्र का क्या होगा? नेहरू जी ने झुंझलाकर जवाब दिया. कम्युनिस्ट-कम्युनिस्ट भारत के लिए खतरा कम्युनिज्म नहीं है. खतरा हिंदू दक्षिणपंथी कम्युनलिज्म है.

राजनाथ सिंह ने दावा किया कि अगर किसी को प्रमाण चाहिए तो वे इस किताब का ब्योरा और प्रमाण देने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा, दुर्भाग्य से नेहरू जी ये देखने के लिए जीवित नहीं रहे कि उसी दक्षिणपंथी लोगों ने संविधान के मूल्यों के अनुरूप काम किया है. हमने संविधान के मूल्यों की अवहेलना कभी नहीं की.

5:07 PM (एक महीने पहले)

150th anniversary of Vande Mataram: जन-गण-मन और वंदे मातरम मां भारती की दो आंखें- राजनाथ सिंह

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

राजनाथ सिंह ने कहा कि 'कुछ लोग यह नैरेटिव बनाने की कोशिश कर सकते हैं कि जन-गण-मण और वंदे मातरम के बीच एक दीवार खड़ी की जा रही है. ऐसा नैरेटिव बनाने का प्रयास विभाजनकारी सोच है. जो लोग यह बात नहीं समझते है वह मां की ममता को भी नहीं समझ सकते. राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि जन-गण-मन और वंदे मातरम मां भारती की दो आंखें है. मां भारती के दो अमर सपूतों की किलकारियां हैं. वंदे मातरम का उदघोष किसी के खिलाफ नहीं है. बल्कि यह हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान की अभिव्यक्ति है.

5:04 PM (एक महीने पहले)

वंदे मातरम स्वंय में पूर्ण है, लेकिन इसे अपूर्ण बनाने की कोशिश की गई- राजनाथ सिंह

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

राजनाथ सिंह ने कहा वंदे मातरम के साथ जो न्याय होना चाहिए था, वह नहीं हुआ. जन-गण-मण राष्ट्रीय भावना में बसी, लेकिन वंदे मातरम को दबाया गया. वंदे मातरम के साथ हुए अन्याय के बारे में हर किसी को जानना चाहिए. अध्यक्ष महोदय, वंदे मातरम के साथ इतिहास का एक बड़ा छल हुआ. इस अन्याय के बावजूद वंदे मातरम का महत्व कभी कम नहीं हो पाया. वंदे मातरम स्वंय में पूर्ण है, लेकिन इसे अपूर्ण बनाने की कोशिश की गई. 

राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि वंदे मातरम के साथ जो अन्याय हुआ, उसे जानना जरूरी है. क्योंकि देश की भावी पीढ़ी वंदे मातरम के साथ अन्याय करने वालों की मंशा जान सके. आज हम वंदे मातरम की गरिमा को फिर से स्थापित कर रहे हैं.

4:55 PM (एक महीने पहले)

ब्रिटिश हुकूमत लोगों के मानस से वंदे मातरम को नहीं निकाल सकी-राजनाथ सिंह

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

वंदे मातरम पर अब केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बोल रहे हैं. राजनाथ सिंह ने कहा- बंगाल विभाजन के खिलाफ हुए आंदोलन के दौरान वंदे मातरम की गूंज जनमानस में बैठी. ब्रिटिश हुकुमत ने इसके खिलाफ एक सर्कुलर जारी किया. लेकिन फिर भी ब्रिटिश हुकूमत लोगों के मानस से वंदे मातरम को नहीं निकाल सकी. राष्ट्रीय चेतना जागृत करने के लिए उस समय वंदे मातरम समिति भी बनाई गई थी. 1906 में जब पहली बार भारत का पहला झंडा बनाया गया, तब उसके मध्य में वंदे मातरम लिखा था. वंदे मातरम नाम से अखबार भी था. 

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4:49 PM (एक महीने पहले)

150th anniversary of Vande Mataram: वंदे मातरम् की आड़ में देश की असलियत छिपा रही है सरकार- प्रियंका गांधी

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

प्रियंका गांधी ने कहा- नेहरू, परिवारवाद पर चर्चा कर लें एक बार. इसके बाद मंहगाई, बेरोजगारी समेत दूसरे जरूरी मुद्दों पर चर्चा करें. प्रियंका के इतना कहने पर सदन में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई. स्पीकर ने कहा- बिना तथ्यों के चर्चा करें. फिर प्रियंका ने कहा- ये इतने सालों से हम पर बिना तथ्यों के हमला करते आए हैं. सरकार देश की असलियत छुपाना चाहती है. इसलिए वंदे मातरम् पर चर्चा करना चाहती है. 

4:34 PM (एक महीने पहले)

जितने साल से मोदी पीएम, उतने साल नेहरू जेल में रहे- प्रियंका गांधी वाड्रा

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

प्रियंका गांधी ने कहा वंदे मातरम के इस स्वरूप पर सवाल उठाना, जिसे संविधान सभा ने स्वीकार किया, वह उन महान विभूतियों का अपमान है. प्रियंका गांधी ने रविंद्र नाथ ठाकुर, महात्मा गांधी, मौलाना अबुल कलाम आजाद, भीमराव अंबेडकर जैसे विभूतियों का अपमान है. 

हमारे प्रधानमंत्री महोदय 12 साल से प्रधानमंत्री हैं, लगभग उतने ही साल पंडित नेहरू ने जेल में बिताए. पंडित नेहरू ने देश की आजादी के लिए 12 साल जेल में बिताए. फिर 17 साल वो प्रधानमंत्री भी रहे. पंडित नेहरू के अपमान के लिए आपके मन में जितनी चीजें उन सभी को जमा कर लीजिए, फिर अध्यक्ष महोदय की अनुमति से लंबी चर्चा कर लीजिए. लेकिन जनता से हमे जिस काम के लिए यहां भेजा है, उस पर बात कीजिए. बेरोजगारी, गरीबी, प्रदूषण... इन पर बात क्यों नहीं होती है?

प्रियंका गांधी ने कहा- हमारे पीएम 12 सालों से इस सदन में है. मैं 12 महीनों से हूं, मेरी सलाह है कि उन्होंने बताया था कि विपक्ष ने उनके अपनाने की लिस्ट बनाई थी. मैं उनसे कहती हूं वे नेहरू जी की गलतियों की एक लिस्ट बना दें. हम उन पर चर्चा करेंगे. 20 घंटे 40 घंटे, लेकिन इस सदन का कीमती समय बर्बाद नहीं करें.

उन्होंने आगे कहा कि अगर नेहरू ने ISRO नहीं बनाया होता तो आज बंगाल यहां नहीं होता. अगर DRDO नहीं बनाते तो तेजस कहां बनता. AIIMS नहीं बनाते तो कोविड में लोगों का इलाज कहां होता. देश की सेवा करते नेहरू ने दम तोड़ा.

4:31 PM (एक महीने पहले)

150th anniversary of Vande Mataram: ये गीत मातृभूमि के लिए मर मिटने की भावना को जगाता है- प्रियंका गांधी वाड्रा

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

प्रियंका गांधी ने कहा कि 1896 में रवींद्रनाथ टैगोर ने यह गीत गाया. 1905 में रवींद्रनाथ टैगोर ये गीत गाते हुए ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ लड़ाई में उतरे. ये गीत मातृभूमि के लिए मर मिटने की भावना को जगाता है. 1930 के दशक में सांप्रदायिक की राजनीति उभरी तब ये गीत विवादित होने लगा. उन्होंने आगे कहा कि 1937 में नेताजी कोलकाता में कांग्रेस अधिवेशन का आयोजन कर रहे थे. 20 अक्टूबर का लेटर उन्होंने सुनाया, लेकिन इससे पहले उन्होंने नेहरू को एक चिठ्ठी लिखी थी, इसका पीएम मोदी ने जिक्र नहीं किया.

प्रियंका ने कहा कि हम देश के लिए हैं, आप चुनाव के लिए हैं. 17 अक्टूबर को चिठ्ठी के जवाब में नेहरू ने 20 अक्टूबर की चिठ्ठी में लिखा- मैंने तय किया है कि मैं 25 अक्टूबर कोलकाता आऊंगा, टैगोर से मिलूंगा. 28 अक्टूबर को कांग्रेस ने वंदे मातरम् को राष्ट्रगीत घोषित किया. इस कार्यसमिति की बैठक में सभी महापुरुष मौजूद थे. सभी इस प्रस्ताव से खुश थे. सहमत थे.

 

 

4:26 PM (एक महीने पहले)

पीएम मोदी का भाषण अच्छा पर तथ्य कमजोर- प्रियंका गांधी वाड्रा

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा- आज इस चर्चा को पीएम ने शुरू किया. भाषण दिया- कहने में कोई झिझक नहीं है कि भाषण अच्छा देते हैं, बस थोड़ा लंबा है. बस एक कमजोरी है उनकी- तथ्यों के मामले में कमजोर हो जाते हैं. मैं तो जनता की प्रतिनिधि हूं कलाकार नहीं हूं. प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि- 'तथ्यों को तथ्य के रूप में सदन में रखना चाहती हूं. वंदे मातरम् की वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में पीएम ने कहा 1896 में रवींद्र नाथ ने ये एक अधिवेशन में ये गीत गायाय ये अधिवेशन कांग्रेस का था. वंदे मातरम् की क्रोनॉलॉजी में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने पहले दो अंतरे लिखे. 1882 में उपन्यास आनंदमठ प्रकाशित किया, इसमें चार अंतरे और जोड़े गए.

 

4:21 PM (एक महीने पहले)

' आपकी नीतियां देश को कमजोर कर रही हैं...', संसद में प्रियंका गांधी

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

प्रियंका गांधी ने कहा कि 'आपका मकसद है इसी अतीत में मंडराते रहें. जो हो चुका है, जो बीत चुका है, ये सरकार वर्तमान, भविष्य की ओर देखना नहीं चाहते. आज मोदी जी वो पीएम नहीं रहे जो पहले थे. उन्होंने आगे कहा- ये दिखने लगा है. इनकी नीतियां देश को कमजोर कर रही हैं. सत्ता पक्ष के लोग भी इससे सहमत हैं, इसलिए चुप हैं. देश को लोग तमाम समस्याओं से घिरे हैं. इनके पास इसका हल नहीं है. कल समय आ रहा है चुनाव पर चर्चा होगी, उस पर भी बोलेंगे.

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4:16 PM (एक महीने पहले)

आज वंदे मातरम् पर चर्चा की जरूरत क्या है? संसद में प्रियंका गांधी ने पूछा सवाल

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

प्रियंका गांधी ने कहा- ये गीत 150 साल से देश की आत्मा का हिस्सा है. देश क लोगों के दिल में बसा है. 75 साल से ये देश में है. आज इस पर बहस की चर्चा क्यों हो रही है. मकसद क्या है इसका. जनता का विश्वास, दायित्व उनके प्रति हमारी जिम्मेदारी हम कैसे निर्वाहन कर रहे हैं. प्रियंका गांधी ने कहा- आपने बहस मांगी है. आप इलेक्टोरल रिफॉर्म की बहस नहीं मान रहे थे.इसकी वजह क्या है. हम क्यों आज ये बहस कर रहे हैं. राष्ट्रगीत पर क्यों बहस कर रहे हैं.

बहस का कारण- बंगाल का चुनाव है. दूसरा मकसद- जिन्होंने स्वतंत्रता की आजादी लड़ी, सरकार उन पर नए आरोप लादना चाहती है. प्रियंका गांधी ने इशारों में सत्तापक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ही यह चर्चा कराई जा रही है.

4:14 PM (एक महीने पहले)

वंदे मातरम् के सामने ब्रिटिश साम्राज्य झुका

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा- हमारे संसद में राष्ट्रीय गीत पर चर्चा हो रही है. जो एक भावना के ऊपर है. जब हम वंदे मातरम् का नाम लेते हैं. तो वही भावना उजागर होती है. स्वतंत्रता संग्राम की याद दिलाता है. उसका साहस, बल, नैतिकता याद दिलाता है. ब्रिटिश साम्राज्य इसके सामने झुका,

3:53 PM (एक महीने पहले)

वंदे मातरम् के शताब्दी वर्ष में देश आपातकाल से जूझ रहा था- भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा- एक समय वो था जब वंदे मातरम् का शताब्दी वर्ष था. उस समय आपातकाल लगाकर देश को अंधकार में डालने का काम किया गया. उन्होंने आगे कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश के संविधान को तार-तार करने का काम किया था. उस समय तो चर्चा भी नहीं हो पाई थी. आज पीएम मोदी ने अपने भाषण में वंदे मातरम् का इतिहास और महत्व को देश के सामने रखा है.

सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि वंदे मातरम से हमें 'एनर्जी' मिलती है, वहीं विपक्षी दल को इससे 'एलर्जी' होती है. ‘‘कांग्रेस ने वंदे मातरम् के शताब्दी वर्ष पर आपातकाल लगाकर देश को अंधेरे में पहुंचाया. यह काम उस समय की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया और आज स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वंदे मातरम् के इतिहास और सांस्कृतिक महत्व को देश के सामने रखा.

3:51 PM (एक महीने पहले)

अरविंद सावंत (शिवसेना–UBT) ने केंद्र सरकार पर कसा तंज

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

अरविंद सावंत (शिवसेना–UBT) ने कहा कि इस चर्चा में भाग लेना उनके लिए सौभाग्य की बात है. जब मैं स्कूल में था, तब वंदे मातरम्, जन गण मन, और झंडा ऊंचा रहे हमारा, ये गीत हर जगह गाए जाते थे. आरएसएस, भाजपा पर परोक्ष कटाक्ष करते हुए कहते हैं कि कुछ संगठनों ने 50 सालों तक राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया. अब इन लोगों का नया प्रेम जागा है.

3:48 PM (एक महीने पहले)

क्या भाषण से प्रदूषण और इंडिगो जैसे मुद्दों का हल होगा- कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

वंदे मातरम पर बहस के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के भाषण पर कहा, "क्या संसद में हम प्राचीन इतिहास पढ़ने आए हैं? अगर इस इतिहास से प्रदुषण कम होता है तो इतिहास पढ़ाइए... आज एयरपोर्ट पर जो लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है, 4 गुना कीमत पर जाना पड़ रहा है, क्या इस भाषण से इन मुद्दों का समाधान हो रहा है?... वंदे मातरम् हमने भी पढ़ा है... लेकिन उसकी आड़ में आप सिर्फ एक पार्टी पर दोषारोपण कर रहे हैं और वर्तमान में जो हो रहा है जिस तरह प्रदूषण है, एयरपोर्ट पर समस्या है उसपर जवाब क्यों नहीं दे रहे?..."

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3:46 PM (एक महीने पहले)

वंदे मातरम इस्लाम के खिलाफ नहीं: हुसैन दलवई

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

कांग्रेस के नेता हुसैन दलवई ने भारत के मुसलमानों से हाथ जोड़कर अपील की है कि वे वंदे मातरम गीत का विरोध न करें, क्योंकि यह इस्लाम के खिलाफ नहीं है. कांग्रेस नेता ने कहा कि सनातन और हिंदू धर्म के बीच कोई संबंध नहीं है. सनातन धर्म का मतलब ब्राह्मणवादी विचारधारा है, जबकि हिंदू धर्म एक उदार आस्था है. संतों के अनुसार, हिंदू धर्म सबको साथ लेकर चलने वाला धर्म है, जबकि सनातन धर्म जाति व्यवस्था को बढ़ावा देता है और मनुवादी सोच को दिखाता है.

3:39 PM (एक महीने पहले)

TMC सांसद ने 'बंकिम दा' कहने पर आपत्ति जताई

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

TMC सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने लोकसभा में कहा कि PM मोदी ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को 'बंकिम दा' कहा है. हमें इस पर आपत्ति है. बंगाली लोग इस तरह का कैज़ुअल लहजा बर्दाश्त नहीं करेंगे.

 

2:42 PM (एक महीने पहले)

Sansad Live: 'वंदे मातरम पर विभाजन मुसलमानों ने नहीं, बीजेपी ने पैदा किया', बोले DMK सांसद ए राजा

Posted by :- Radha Kumari

लोकसभा में वंदे मातरम पर चर्चा में DMK के सांसद ए राजा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणियों पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सवाल किया कि वंदे मातरम पर विभाजन किसने पैदा किया? ए राजा ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, 'विभाजन आपके पूर्वजों ने पैदा किया, मुसलमानों ने नहीं.'

ए राजा ने कहा कि 'इतिहास में ऐसे कारण मौजूद हैं जिनसे यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि वंदे मातरम केवल ब्रिटिशों के खिलाफ ही नहीं, बल्कि मुसलमानों के खिलाफ भी निर्देशित था.'

ए राजा ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू ने सुभाष चंद्र बोस को लिखे अपने पत्र में उल्लेख किया था कि वंदे मातरम के खिलाफ जो विरोध था, उसे साम्प्रदायिक ताकतों ने जानबूझकर पैदा किया था. उन्होंने आगे कहा, 'लेकिन नेहरू ने यह भी स्वीकार किया था कि वंदे मातरम को लेकर आपत्तियों में कुछ आधार था और यह उन लोगों को प्रभावित कर सकता था जो साम्प्रदायिक रूप से झुके हुए थे.'

2:04 PM (एक महीने पहले)

इनकी बातों से लगता है कि वंदे मातरम इन्हीं का बनवाया हुआ गीत है- अखिलेश यादव

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

लोकसभा में गौरव गोगोई के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वंदेमातरम् पर चर्चा का जवाब देना शुरू किया. उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष हर चीज पर कब्जा करना चाहता है. अखिलेश ने कहा कि ये लोग हर बात का श्रेय लेने चाहते हैं. जो महापुरुष इनके नहीं हैं, ये उन्हें भी कब्जाने की कोशिश करते हैं. इनकी बातों से लगता है कि वंदे मातरम इन्हीं का बनवाया हुआ गीत है. 

 

2:02 PM (एक महीने पहले)

'आप हर बार नेहरू जी और कांग्रेस पर निशाना साधते हैं... गौरव गोगोई ने किया पलटवार

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

पीएम मोदी के भाषण के बाद कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने पलटवार करते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री के आज के भाषण से दो ही बातें समझ आईं:
पहला- ऐसा लगा जैसे उनके राजनीतिक पूर्वज ही अंग्रेजों से लड़ रहे थे.
दूसरा- पूरा वंदे मातरम को राजनीतिक रूप से विवादित करना चाहते हैं.'
गौरव गोगोई ने कटाक्ष किया, 'आप हर बार नेहरू जी और कांग्रेस पर निशाना साधते हैं, लेकिन जितनी कोशिश कर लें, नेहरू जी पर दाग नहीं लगा पाएंगे.' उन्होंने आगे कहा, 'आप 1937 के कांग्रेस अधिवेशन की बात करते हैं, लेकिन मैं पूछना चाहता हूं, 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में आपके राजनीतिक पूर्वज कहां थे?' गोगोई ने कहा, 'मुस्लिम लीग ने वंदे मातरम का पूर्ण बहिष्कार करने की मांग की थी. हमारे नेता मौलाना अबुल कलाम आजाद साहब ने कहा था- मुझे वंदे मातरम से कोई आपत्ति नहीं. यही फर्क है हमारे मौलाना आजाद और मुस्लिम लीग में. उस समय हिंदू महासभा ने भी वंदे मातरम की आलोचना की थी.'

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2:01 PM (एक महीने पहले)

राजनीतिक नारे से मिली राष्ट्रीय तवज्जो- गौरव गोगोई

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

वायसराय कर्जन ने बंगाल के दो भाग में करके सोचा कि वह भारत पर गहरी चोट डालेंगे। 1905 में स्वदेशी आंदोलन के बाद वंदे मातरम् का देश भर में प्रचार हुआ.

कई जगहों पर ट्रांसलेशन के लिए अलग-अलग भाषाओं में वंदे मातरम् की व्याख्या पूरे देश में पहुंची, राजनीतिक नारा से इसे राष्ट्रीय तवज्जो मिला. कांग्रेस ने इसे राष्ट्रीय गीत की तवज्जो दी,

1905 में स्वदेशी आंदोलन हुआ. उसी साल बनारस में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ। वहां सरला देव चौधरी ने वंदे मातरम् गीत पेश किया.

उन्होंने बहुत अहम संशोधन किया. बंकिम चंद्र ने इसे बंगाल के संदर्भ में लिखा था और आबादी 7 करोड़ लिखा था, सरला देव चौधरी ने उसमें बदलाव करके 30 करोड़ किया और इसे देशभर में तवज्जो दी.

1:42 PM (एक महीने पहले)

PM Modi Speech: वंदे मातरम् की विरासत से लेकर नए भारत की ऊर्जा तक- पीएम मोदी की बड़ी बातें

Posted by :- Nuruddin

लोकसभा में ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष चर्चा की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने गीत की सांस्कृतिक धरोहर, आजादी के आंदोलन में उसकी प्रेरक शक्ति और अंग्रेजों की बांटो-राज करो नीति के खिलाफ उसकी मजबूती को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् आज भी नए भारत की ऊर्जा, एकता और संकल्प का आधार बना हुआ है. 

पढ़ें, लोकसभा में पीएम मोदी के संबोधन की प्रमुख बातें

 

 

1:23 PM (एक महीने पहले)

वंदे मातरम् की चर्चा पर कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने दिया जवाब

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई ने कहा- मैं बंगाल की उस भमि को नमन करता हूं, जहां से बंकीम चंद्र, रवींद्र नाथ टैगोर, खुदीरामबोस सहित कई महापुरुष आए. बंगाल की धरती ने न हमें सिर्फ राष्ट्रगान दिया, बल्कि राष्ट्रीय गीत भी दिया.

उन्होंने कहा कि जिन्होंने ऐसी कविताएं रची, ऐसी गीत रचे, जिन शब्दों की प्रेरणाओं के साथ स्वतंत्रता सेनानियों को आजादी की लड़ाई लड़ने की प्रेरणा मिली.

PM मोदी ने वंदे मातरत् के इतिहास की और उसके जन्म की बात की। मंगल पांडे के विद्रोह के बाद अंग्रेजों का जुल्म और बढ़ गया था। उस क्रां की धारा में बंकीम चंद्र भी एक थे. उन्होंने आनंदमठ लिखा.आनंदमठ उस संदर्भ में लिखा गया, जिस समय ईस्ट इंडिया कपंनी उस तरह के टैक्स हमारे किसानों पर लगा रही थी कि जीना मुश्किल हो गया था, लेकिन वंदे मातरम एक गीत था, जो1905 में बना.

1:22 PM (एक महीने पहले)

150th anniversary of Vande Mataram: INC चलते-चलते MNC हो गया- पीेएम मोदी

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

पीएम ने कहा कि कांग्रेस ने वंदे मातरम् के टुकड़े किए. ये उसका तुष्टीकरण की राजनीति को साधने का ये तरीका था. तुष्टीकरण की राजनीति के दबाव में कांग्रेस वंदे मातरम के बंटवारे के लिए झुकी. इसलिए कांग्रेस को एक दिन भारत के बंटवारे के लिए भी झुकना पड़ा, कांग्रेस ने आउससोर्स कर लिया है, दुर्भाग्य से कांग्रेस की नीतियां वैसी की वैसी ही है. INC चलते-चलते MNC हो गया. जिन-जिन के साथ कांग्रेस जुड़ा है, वे वंदे मातरम पर विवाद कड़ा करते हैं. जब कसौटी का काल आता है, तभी यह सिद्ध होता है कि हम कितने दृढ़ है, कितने सशक्त हैं. 1947 में देश आजाद होने के बाद देश की चुनौतियां बदली, प्राथमिकताएं बदली, लेकिन बारात पर जब-जब संकट आए, देश हर बार वंदे भारत की भावना के साथ आगे बढ़ा. आज भी 15 अगस्त 26 जनवरी को हर तरफ वह भाव दिखता है.

1:20 PM (एक महीने पहले)

150th anniversary of Vande Mataram: वंदे मातरम् को लेकर पीएम मोदी ने कांग्रेस पर बोला हमला

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

पीएम ने कहा कि मोहम्मद अली जिन्ना ने लखनऊ से 15 अक्टूबर 1936 को वंदे मातरम् के खिलाफ नारा बुलंद किया. कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू को अपना सिंहासन डोलता दिखा. बजाय इसके कि नेहरू मुस्लिम लीग के आधारहीन बयानों को करारा जबाब देते, उसकी निंदा करते, लेकिन उल्टा हुआ। उन्होंने वंदे मातरम् की ही पड़ताल शुरू कर दी.

नेहरू ने 5 दिन बाद नेताजी को चिट्ठी लिखा. उसमें जिन्ना की भावना से सहमति जताते हुए लिखा कि वंदे मातरम् की आनंदमठ वाली पृष्ठभूमि से मुसलमालों को चोट पहुंच सकती है. वे लिखते हैं- ये जो बैकग्राउंड है, इससे मुस्लिम भड़केंगे. कांग्रेस का बयान आया- 26 अक्टूबर को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक होगी, जिसमें वंदे मातरम् के उपयोग की समीक्षा होगी. इस प्रस्ताव के खिलाफ लोगों ने देश भर में प्रभात फेरियां निकालीं, लेकिन कांग्रेस ने वंदे मातरम् के टुकड़े कर दिए। इतिहास गवाह है कि कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के सामने घुटने टेक दिए.

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1:18 PM (एक महीने पहले)

हमारे जांबाज सपूत बिना किसी डर के फांसी के तख्ते पर चढ़े थे- पीएम मोदी

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

बंगाल की गलियों में लगातार वंदे मातरम् के लिए प्रभात फेरियां निकलती थीं. लोग कहते थे कि वंदे मातरम् कहते-कहते अगर ये जीवन भी चला जाए तो धन्य हो जाएंगे. बंगाल की गलियों से निकली आवाज देश की आवाज बन गई 1905 में हरितपुर के गांव में छोटे-छोटे बच्चे जब वंदे मातरम् के नारे लगा रहे थे, तो अंग्रेजों ने उनपर कोड़े बरसाए. 1906 में नागपुर में नील सीटी स्कूल में बच्चों पर यही जुल्म हुआ. हमारे जांबाज सपूत बिना किसी डर के फांसी के तख्ते पर चढ़े थे.'

1:17 PM (एक महीने पहले)

वंदे मातरम के लिए मैदान में उतरे माताएं बच्चे- पीएम मोदी

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

पीएम ने कहा कि वंदे मातरम् गीत को लेकर अंग्रेजों ने कठोर कानून बनाए. सैकड़ों महिलाओं ने आजादी की लड़ाई में योगदान दिया. बारीसाल में वंदे मातरम् गाने पर सर्वाधिक जुल्म हुए थे. आज बारीसाल भारत का हिस्सा नहीं रहा। उस समय वहां की माताएं, बहनें, बच्चे वंदे मातरम् के स्वाभिमान के लिए मैदान में उतरे थे. तब बारीसाल की वीरांगना शांति घोष ने कहा था, 'जब तक ये प्रतिबंध नहीं हटता है,मैं अपनी चूड़ियां निकाल देती हूं.तब चुड़ियां निकालना बहुत बड़ी बात होती थी.'

1:10 PM (एक महीने पहले)

वंदे मातरम् नारा बंगाल को प्रेरणा देता था- पीएम मोदी

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

हमारे जांबाज सपूत बिना किसी डर के फांसी के तख्त पर चढ़ जाते थे और आखिरी सांस तक वंदे मातरम् कहते थे. खुदीराम बोस, अशफ़ाक उल्ला ख़ान, राम प्रसाद बिस्मिल, रोशन सिंह, राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी…हमारे अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों ने वंदे मातरम् कहते हुए फांसी को चूम लिया. यह अलग-अलग जेलों में होता था, लेकिन सबका एक ही मंत्र था, वंदे मातरम.अंग्रेजों ने 1905 में बंगाल का विभाजन किया, तो वंदे मातरम् चट्टान की तरह खड़ा रहा.

यह नारा गली–गली का स्वर बन गया। अंग्रेजों ने बंगाल विभाजन के माध्यम से भारत को कमजोर करने की दिशा पकड़ ली थी लेकिन वंदे मातरम् अंग्रेजों के लिए चुनौती और देश के लिए शक्ति की चट्टान बनता गया. बंगाल की एकता के लिए वंदे मातरम् गली–गली का नारा बन गया था, और यही नारा बंगाल को प्रेरणा देता था.

 

12:56 PM (एक महीने पहले)

150th anniversary of Vande Mataram: वंदेमातरम् में हजारों वर्ष की सांस्कृतिक ऊर्जा भी थीः पीएम मोदी

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

वंदेमातरम् में हजारों वर्ष की सांस्कृतिक ऊर्जा भी थी, इसमें आजादी का जज्बा भी था और आजाद भारत का विजन भी था. अंग्रेज समझ चुके थे कि 1857 के बाद भारत में लंबे समय तक टिक पाना उनके लिए मुश्किल होता जा रहा है. जिस प्रकार के सपने लेकर वे आए थे, उन्हें यह साफ दिखने लगा कि जब तक भारत को बांटा नहीं जाएगा, लोगों को आपस में लड़ाया नहीं जाएगा, तब तक यहां राज करना कठिन है. तब अंग्रेज़ों ने ‘बांटो और राज करो’ का रास्ता चुना, और उन्होंने बंगाल को इसकी प्रयोगशाला बनाया.

12:48 PM (एक महीने पहले)

150th anniversary of Vande Mataram: 'वंदे मातरम् गाने पर लगा था जुर्माना...', पीएम मोदी ने संसद में सुनाया किस्सा

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

पीएम मोदी ने वंदे मातरम् से जुड़ा किस्सा सुनाते हुए कहा- 20 मई 1906 को बारीसाल ( अब बांग्लादेश में है) में वंद मातरम् जुलूस निकाला, जिसमें 10 हजार से ज्‍यादा सड़कों पर उतरे थे. इसमें हिंदू और मुस्लिम समेत सभी धर्म और जातियों के लोगों ने वंदे मातरम् के झंडे हाथ में लेकर सड़कों पर मार्च किया था.

रंगपुर के एक स्कूल में जब बच्चों ने यह गीत गाया तो अंग्रेजी सरकार ने 200 छात्रों पर 5-5 रुपये का जुर्माना सिर्फ इसलिए लगा दिया कि उन्होंने वंदे मातरम् कहा था. इसके बाद ब्रिटिश हुक्मरानों  ने कई स्कूलों में वंदे मातरम् गाने पर पाबंदी लगा दी थी.

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12:32 PM (एक महीने पहले)

150th anniversary of Vande Mataram: वंदे मातरम् पर चर्चा जारी, पीएम मोदी बता रहे राष्ट्रगीत का महत्व

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

पीएम मोदी ने कहा- जब वंदे मातरम् के 50 वर्ष पूरे हुए थे, तब देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था. जब इसके 100 वर्ष पूरे हुए, तब देश आपातकाल के अंधेरे में था. आज जब इसके 150 वर्ष हो रहे हैं, तो भारत विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और तेजी से आगे बढ़ रहा है, प्रधानमंत्री ने कहा, “यह वह पवित्र वंदे मातरम् है जिसने स्वतंत्रता संग्राम को साहस और संकल्प का रास्ता दिखाया, आज इस सदन में उसका स्मरण करना हम सबके लिए महान सौभाग्य और गर्व का विषय है.

12:31 PM (एक महीने पहले)

वंदे मातरम् का पुण्य स्मरण इस सदन का सौभाग्य- पीएम मोदी

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

संसद में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन को संबोधित करते हुए कहा:“जिस मंत्र ने, जिस जयघोष ने देश के आजादी के आंदोलन को ऊर्जा और प्रेरणा दी थी, त्याग और तपस्या का मार्ग दिखाया था, उस वंदे मातरम् का पुण्य स्मरण करना इस सदन में हम सबका बहुत बड़ा सौभाग्य है.”प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “हमारे लिए यह गर्व की बात है कि वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं और हम सभी इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बन रहे हैं.”

 

 

12:20 PM (एक महीने पहले)

विपक्ष कर रहा इंडिगो संकट पर चर्चा की मांग, गौरव गोगोई ने संसद में उठाया मुद्दा

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

उधर विपक्ष लगातार इंडिगो संकट का मुद्दा संसद में उठा रहा है और इंडिगो पर चर्चा के लिए मांग कर रहा है. कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि लोग अपनी जरूरत के कामों पर नहीं जा पा रहे, कहां गया था कि हवाई चप्पल वाला भी चलेगा लेकिन क्या हालात बने हुए हैं. हम चाहेंगे कि सरकार इस मसले पर जवाब दें. लोक सभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि मंत्री इस विषय पर जवाब देंगे. आज या कल यह तय कर लिया जाएगा. 

12:14 PM (एक महीने पहले)

अखिलेश यादव ने इंडिगो संकट को लेकर सरकार पर बोला हमला

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

इंडिगो एयरलाइंस की उड़ानों में हो रही लगातार देरी और कैंसिलेशन के बीच बढ़ती टिकटों की कीमतों पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया है. उन्होंने कहा कि जहाँ विवाद करना हो, इनके लोग सबसे आगे रहते हैं. टिकट को लेकर जो मामला है, ये कोई सरकार के सामने पहली बार ये बात सामने नहीं आई है. महाकुंभ का उदाहरण देते हुए कहा, “महाकुंभ में जो सनातन का सबसे बड़ा मेला था, लोगों ने कितनी महंगी टिकट लेनी पड़ी थी.” उन्होंने व्यंग्य भरे लहजे में कहा, “इंडिगो से सरकार झुक गई है. सरकार दावा करती है कि अब हवाई चप्पल वाले भी फ्लाइट में बैठ सकते हैं, लेकिन इतनी महंगी टिकट में तो महंगे जूते पहनने वाले भी नहीं बैठ सकते हैं.”

12:10 PM (एक महीने पहले)

Parliament Winter Session: लोकसभा में पहुंचे पीएम मोदी, संसद में करेंगे वंदे मातरम् पर डिबेट की शुरुआत

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

Parliament Winter Session: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को लोकसभा के शीतकालीन सत्र में संसद में पहुंच चुके हैं. वह आज वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के मौके पर विशेष बहस की चर्चा शुरू करने वाले हैं. वंदे मातरम् गीत भारत का राष्ट्रीय गीत है. इसे बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने अपने उपन्यास आनंद मठ में लिखा था. यह गीत आजादी के आंदोलन में क्रांतिकारियों के लिए सबसे अधिक प्रयोग किया जाने वाला नारा था. 

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11:13 AM (एक महीने पहले)

वंदे मातरम सिर्फ गीत नहीं, क्रांतिकारी आह्वान है- शहजाद पूनावाला

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा- वंदे मातरम् सिर्फ़ एक गीत नहीं, बल्कि वह क्रांतिकारी आह्वान है जिसने अंग्रेजी हुकूमत, गुलामी और आक्रांताओं के खिलाफ संघर्ष में करोड़ों भारतीयों को एकजुट किया था.”साथ ही कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा प्रहार करते हुए शहजाद ने कहा, “देश देखना चाहेगा कि अगर राहुल गांधी इस चर्चा में हिस्सा ले रहे हैं तो क्या वे सबसे पहले अपने परिवार द्वारा इस गीत के साथ किए गए अपराध के लिए देश से माफी मांगेंगे? पीएम नेहरू इस गीत के विरोधी थे. तुष्टिकरण और वोटबैंक की राजनीति को तरजीह देते हुए उन्होंने इसके खिलाफ अभियान चलाया और कहा कि इसमें सांप्रदायिक रंग है। कांग्रेस आज भी यही तुष्टिकरण और वोटबैंक की राजनीति करती है, जहाँ वे वोट के लिए राष्ट्रीय अस्मिता पर हमला करते हैं। पहले इन्होंने CWC की बैठक में वंदे मातरम को बाँटा, फिर देश को बाँटा, और अब जाति के नाम पर देश को बाँट रहे हैं.”

10:20 AM (एक महीने पहले)

150th anniversary of Vande Mataram: 'यह सिर्फ एक गीत नहीं, देशभक्ति की भावना है- सांसद सुधा मूर्ति

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर लोकसभा में होने वाली विशेष चर्चा को लेकर भाजपा की राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति ने खुशी जताई है. उन्होंने कहा, “मैं इसमें हिस्सा ले रही हूं और मुझे इसकी बहुत प्रसन्नता है. यह सिर्फ़ एक गीत नहीं है; यह लोगों के अंदर देशभक्ति की भावना जगाता है. यह गीत 150 साल पहले रचा गया था, स्वतंत्रता से पहले का है, इसलिए इस गीत ने सबको एकजुट किया था.”सुधा मूर्ति का यह बयान उस समय आया है जब वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर संसद में हो रही चर्चा को लेकर विपक्षी दलों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. 

10:15 AM (एक महीने पहले)

Parliament Winter Session: वंदे मातरम गाना सदन की मर्यादा के खिलाफ- सांसद सुखदेव भगत

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

वंदे मातरम के 150 वर्ष पर संसद में होने वाली चर्चा को लेकर कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने गहरी आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा, “आज प्रधानमंत्री इस पर चर्चा करेंगे, लेकिन राज्यसभा सचिवालय का बुलेटिन पार्ट-2, क्रमांक 65855, राज्यसभा सदस्यों का हैंडबुक साफ-साफ कहता है कि संसद के अंदर वंदे मातरम गाना सदन की मर्यादा के खिलाफ है. क्या यह बड़ी विरोधाभास नहीं लगता?”सुखदेव भगत ने आगे कहा, “चर्चा होना तो ठीक है... लेकिन हमारे प्रधानमंत्री जब राष्ट्रगान बजता है तो वहां खड़े होकर चलते फिरते दिखते हैं. वंदे मातरम से डरने की कोई बात नहीं, यह हमारा गर्व है, लेकिन जिस तरह इसके शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है, उसे राजनीतिक रंग दे दिया गया है. यह उचित नहीं है.”उन्होंने अपील की कि “आज संसद में आरोप-प्रत्यारोप करने के बजाय हमारी कहानी, हमारे वीरता की चर्चा होनी चाहिए. ”कांग्रेस सांसद के इस बयान से कल होने वाली विशेष चर्चा में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोंक-झोंक की आशंका और बढ़ गई है.

10:11 AM (एक महीने पहले)

Parliament Winter Session: उन पर भी चर्चा हो जिन्होंने अंग्रेजों को चिट्ठियां लिखीं- सपा सांसद राजीव राय

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पर संसद में होने वाली विशेष चर्चा को लेकर समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने तीखा पलटवार किया है. उन्होंने कहा, “वंदे मातरम की चर्चा तो ठीक है, लेकिन साथ ही उन लोगों पर भी बहस होनी चाहिए जिन्होंने क्विट इंडिया मूवमेंट का विरोध करते हुए अंग्रेजों को चिट्ठियां लिखीं और उसे कुचलने की मांग की. जब देश के स्वतंत्रता सेनानी आजादी की लड़ाई लड़ रहे थे, तब मुस्लिम लीग के साथ सरकार में बैठकर अंग्रेजों की चापलूसी करने वालों पर भी चर्चा होनी चाहिए. माफी मांगने वालों पर भी चर्चा होनी चाहिए. ”राजीव राय ने आगे कहा, “आज जो सत्ता में हैं, वही देश की जनभावनाओं को कुचल रहे हैं. ”समाजवादी पार्टी के इस बयान से ‘वंदे मातरम’ के 150वें वर्ष पर होने वाली संसदीय चर्चा में राजनीतिक रंग और गहरा हो गया है. इस विशेष चर्चा में अब दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस की पूरी संभावना है.

10:07 AM (एक महीने पहले)

150th anniversary of Vande Mataram: वंदे मातरम् पर चर्चा के लिए साथ आएं विपक्षी दल- सुधांशु त्रिवेदी

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा- 'उन्होंने सभी दलों से अपील की कि “बीते समय की गलतियों को पीछे छोड़कर, पक्षपात से ऊपर उठकर, कट्टरवादी विचारधारा और वोट की राजनीति से परे रहते हुए सभी दल मिलकर वंदे मातरम के 150वें वर्ष के इस उत्सव में अपनी सहमति व्यक्त करें और राष्ट्रीय विकास तथा राष्ट्रीय एकता की भावना को और मजबूत करें. ”इस विशेष चर्चा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को देश भर में बड़ी उत्सुकता से देखा जा रहा है.

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10:06 AM (एक महीने पहले)

Parliament Winter Session: वंदे मातरम् पर चर्चा आज, सुधांशु त्रिवेदी बोले- सामाजिक-सांस्कृतिक संघर्ष का दौर

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

लोकसभा में ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष चर्चा आयोजित की जाएगी. इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ सांसद एवं राज्यसभा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि संसद में इस विषय पर चर्चा होगी और हमें प्रधानमंत्री का संबोधन भी सुनने को मिलेगा. देश उत्साह और उत्सुकता से उनके विचार सुनने को आतुर है. त्रिवेदी ने कहा, “21वीं सदी के प्रथम चतुर्थांश में आज देश का युवा वही ऊर्जा और प्रेरणा जरूर समझेगा जो स्वतंत्रता संग्राम के दौरान मिली थी. उस समय संघर्ष राजनीतिक स्वतंत्रता का था, आज का संघर्ष सामाजिक और सांस्कृतिक स्वतंत्रता का है. ”

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